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कोरोना वायरसः कोविड-19 पर रिसर्च के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी को एक फर्म ने दिए छह लाख रुपये
Tue, 31 Mar 2020 01:43 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2020 01:43 PM IST
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कोरोना पर दुनियाभर में रिसर्च चल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू के वैज्ञानिकों ने भी रिसर्च की ठानी और अपने-अपने रिसर्च प्रोजेक्ट कई फंडिंग रिसर्च एजेंसियों को भेजे।
पीयू को मुंबई की बायोटेक्नोलॉजी फर्म ने छह लाख रुपये का रिसर्च अनुदान दिया है। वैज्ञानिक डॉ. रोहित शर्मा इस पर काम करेंगे। इनके अलावा कई शिक्षकों ने और भी प्रोजेक्ट सरकार व एजेंसियों को भेजे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही पीयू को कई और प्रोजेक्ट के लिए रकम मिलेगी और उसके रिजल्ट भी वैज्ञानिक बेहतर देंगे।
वहीं दूसरी ओर पीयू के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग व जैव प्रोद्योगिकी विभाग के वालिंटियर्स ने स्वास्थ्य विभाग से कहा है कि कोविड 2019 के नमूनों की जांच में सहयोग कर सकते हैं। उनके पास प्रशिक्षण अच्छा है और वह इसमें अच्छी खासी मदद कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें कभी भी बुलाया जा सकता है। यह भी कहा है कि उन्हें वायरस से सुरक्षा के लिए पर्याप्त सामग्री भी दी जाए।
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कॉमिक्स अब सभी भाषाओं में
पीजीआई व पीयू के विशेषज्ञों ने किड्स, वायु और कोरोना कॉमिक्स को दूसरी भाषाओं में भी तैयार किया है जो आसानी से समझी जा सकती है। पहले अंग्रेजी भाषा में यह उपलब्ध थी। अब सभी भाषाओं में यह उपलब्ध होगी। इससे सभी को पढ़ने व समझने में आसानी होगी।
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पीयू को मुंबई की बायोटेक्नोलॉजी फर्म ने छह लाख रुपये का रिसर्च अनुदान दिया है। वैज्ञानिक डॉ. रोहित शर्मा इस पर काम करेंगे। इनके अलावा कई शिक्षकों ने और भी प्रोजेक्ट सरकार व एजेंसियों को भेजे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही पीयू को कई और प्रोजेक्ट के लिए रकम मिलेगी और उसके रिजल्ट भी वैज्ञानिक बेहतर देंगे।
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वहीं दूसरी ओर पीयू के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग व जैव प्रोद्योगिकी विभाग के वालिंटियर्स ने स्वास्थ्य विभाग से कहा है कि कोविड 2019 के नमूनों की जांच में सहयोग कर सकते हैं। उनके पास प्रशिक्षण अच्छा है और वह इसमें अच्छी खासी मदद कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें कभी भी बुलाया जा सकता है। यह भी कहा है कि उन्हें वायरस से सुरक्षा के लिए पर्याप्त सामग्री भी दी जाए।
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