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कोरोना का असर: सीनेट के फैकल्टी चुनाव स्थगित, अब 19 मई को होंगे, पीयू के फैसले से उम्मीदवार नाराज
Sat, 24 Apr 2021 09:25 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Apr 2021 09:25 PM IST
सार
फैकल्टी चुनाव के उम्मीदवार इस फैसले से नाखुश हैं। उनका कहना है कि 48 घंटे पहले बिना बैठक कर पीयू ने अलोकतांत्रिक फैसला दे दिया।
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पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी ने शनिवार को एक पत्र जारी कर सोमवार को होने वाले सीनेट के फैकल्टी चुनावों को 19 मई तक स्थगित कर दिया। इसका कारण बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण को बताया गया है। इसमें कहा गया है कि यूटी प्रशासन के दिशानिर्देशों के अनुसार ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं कर सकते।
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वहीं, दूसरी तरफ फैकल्टी चुनाव के उम्मीदवार इस फैसले से नाखुश हैं। उनका कहना है कि 48 घंटे पहले बिना बैठक कर पीयू ने अलोकतांत्रिक फैसला दे दिया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब राज्यों में चुनाव हो रहे हैं तो पीयू के चुनाव में तो अलग अलग समय और जगह पर मुश्किल से 100 मतदाताओं ने ही अपना मत देना था।
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पीयू रजिस्ट्रार विक्रम नैयर की ओर से पत्र जारी किया गया कि यूटी प्रशासक की ओर से समारोहों पर लगाए गए प्रतिबंधों के मद्देनजर ऑफलाइन बैठक करना संभव नहीं था। इसलिए चुनाव के लिए ऑनलाइन बैठक की योजना बनाई गई। विभागों के कुछ प्रतिनिधियों ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनाव में शामिल होने के लिए असमर्थतता जताई, जिसके बाद प्रशासन ने चुनाव की तारीख 19 मई तक बढ़ा दी है। इसके लिए पीयू प्रशासन ने कानूनी राय भी ली है।
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पीयू की ओर से इसी हफ्ते पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन (पुसा) और पंजाब यूनिवर्सिटी क्लास सी स्टाफ एसोसिएशन ( पुकसा) के चुनाव भी दो दिन पहले अगले आदेशों तक स्थगित कर दिए गए थे। इसमें भी कहा जा रहा था कि रजिस्ट्रार ने सिर्फ पुसा के उम्मीदवारों के साथ ही बैठक की थी, पुकसा के उम्मीदवारों के साथ बैठक नहीं हुई थी।
सीनेट फैकल्टी वर्ग में 12 उम्मीदवार मैदान में
पीयू सीनेट फैकल्टी वर्ग चुनाव के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसमें कुल छह सीटों पर भाजपा और कांग्रेसी गुट के उम्मीदवार चुनाव में अपनी ताकत झोंक रहे हैं। सीनेट चुनाव में आर्ट फैकल्टी से इतिहास विभाग की प्रो. अंजू सूरी व राजनीति विज्ञान के प्रो. रौनकी राम, भाषा फैकल्टी से सांध्य विभाग के प्रो. गुरपाल सिंह संधू व समाज शास्त्र विभाग की प्रो. राजेश गिल, विज्ञान फैकल्टी से भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. नवदीप गोयल व वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. प्रोमिला पाठक, चिकित्सा विज्ञान फैकल्टी से सेक्टर- 48 चंडीगढ़ निवासी अशोक गोयल व पीजीआई के डॉ. सर्वदीप सिंह दत्त, कानून फैकल्टी से कानून विभाग की प्रो. अनु चतरथ व जगजोत सिंह लल्ली, संयुक्त फैकल्टी से सांध्य विभाग के प्रो. केशव मल्होत्रा व भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रो. नवल किशोर उम्मीदवार हैं।
चुनाव की पूरी तैयारी, बिना बैठक के दिया फैसला
प्रो. नवदीप गोयल, प्रो. केशव मल्होत्रा, प्रो रोनकी राम, प्रो अनु चतरथ , प्रो राजेश गिल और प्रो अशोक गोयल ने कहा कि चुनाव होने में मात्र 48 घंटे बचे थे, सभी तैयारियां पूरी थी। हालांकि पीयू की ओर से गुरुवार को नया समय और जगह का शेड्यूल भी बनाया गया था। इसके अनुसार सामाजिक दूरी का पालन भी हो रहा था, लेकिन पीयू ने बिना उम्मीदवारों के साथ बैठक किए, मौके पर ही चुनाव स्थगित कर दिए। यह फैसला अलोकतांत्रिक है। पीयू एक दो प्रोफेसर के कहने पर खुद ही फैसला लेकर थोप देते हैं। पीयू के इस फैसले से सभी नाखुश हैं।, जब राज्यों में चुनाव हो रहे हैं तो पीयू में मुश्किल से एक फैकल्टी में 100 मतदाताओं ने मत देना था। इसे आसानी से आयोजित करवाया जा सकता था।
फैकल्टी मतदाता की संख्या
चुनाव की पूरी तैयारी, बिना बैठक के दिया फैसला
प्रो. नवदीप गोयल, प्रो. केशव मल्होत्रा, प्रो रोनकी राम, प्रो अनु चतरथ , प्रो राजेश गिल और प्रो अशोक गोयल ने कहा कि चुनाव होने में मात्र 48 घंटे बचे थे, सभी तैयारियां पूरी थी। हालांकि पीयू की ओर से गुरुवार को नया समय और जगह का शेड्यूल भी बनाया गया था। इसके अनुसार सामाजिक दूरी का पालन भी हो रहा था, लेकिन पीयू ने बिना उम्मीदवारों के साथ बैठक किए, मौके पर ही चुनाव स्थगित कर दिए। यह फैसला अलोकतांत्रिक है। पीयू एक दो प्रोफेसर के कहने पर खुद ही फैसला लेकर थोप देते हैं। पीयू के इस फैसले से सभी नाखुश हैं।, जब राज्यों में चुनाव हो रहे हैं तो पीयू में मुश्किल से एक फैकल्टी में 100 मतदाताओं ने मत देना था। इसे आसानी से आयोजित करवाया जा सकता था।
फैकल्टी मतदाता की संख्या
- कानून 53
- आर्ट 112
- भाषा 94
- विज्ञान 137
- चिकित्सा 87
- संयुक्त 272