पंजाब यूनिवर्सिटी में अगले आदेश तक सीनेट चुनाव स्थगित, ग्रुपों द्वारा बनाई गई रणनीतियों पर फिरा पानी

अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 16 Oct 2020 03:30 PM IST
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. राजकुमार ने वीरवार को एक सर्कुलर जारी कर सीनेट चुनाव को अगले आदेश तक स्थगित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीनेट चुनाव के लिए ग्रुपों द्वारा बनाई जा रही रणनीतियों पर भी पानी फिर गया है। सीनेट चुनाव के लिए नामांकित सदस्य भी चुनाव के स्थगित होने से नाराज हैं, क्योंकि पीयू में लंबे अरसे से सीनेट की बैठक नहीं हुई है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के कई शैक्षणिक मुद्दे लंबित पड़े हैं।
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जानकारी के अनुसार सीनेट का एक पक्ष चुनाव होने को लेकर आश्वस्त था। उम्मीद थी कि नवंबर माह में सीनेट चुनाव हो सकते हैं, क्योंकि देश में अन्य सभी जगह भी चुनाव करवाए जा रहे हैं। वीसी के फैसले के बाद अब असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि चुनावों को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। वीसी ने सर्कुलर में कहा है कि अनलॉक- 5 के दिशा-निर्देशों का संज्ञान लेते हुए चुनाव स्थगित किए जाते हैं।


यूटी प्रशासन की लिखित मंजूरी तक नहीं होंगे चुनाव
वीसी प्रो. राजकुमार ने सीनेट चुनाव के लिए यूटी प्रशासन से चर्चा करने का जिक्र किया है। गौरतलब है कि 14 सितंबर को आयोजित होने वाले सीनेट चुनाव को लेकर पहले ही यूटी प्रशासन ने इसे स्थगित करने का आदेश दिया था। उस दौरान प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते मामलों का हवाला दियाया था। लेकिन अब अनलॉक-5 शुरू होते ही चुनाव के आयोजन को लेकर मांग उठने लगी थी। कुलपति ने चुनाव को लेकर स्पष्ट किया है कि जब तक चुनाव को लेकर यूटी प्रशासन लिखित में मंजूरी नहीं देता, तब तक चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं किया जाएगा।

इस महीने खत्म हो रहा सीनेट का कार्यकाल

सीनेट सदस्यों ने बातचीत में बताया कि इस महीने 31 अक्टूबर को सीनेट का कार्यकाल खत्म हो रहा है। उन्होंने बताया कि वीसी स्पष्ट करें कि समय पर चुनाव करवाया जाएगा या नहीं। यदि चुनाव नवंबर नहीं करवाया जाता है तो सीनेट का कार्यकाल बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे अरसे से सीनेट बैठक भी नहीं हुई है। इससे विद्यार्थियों के दाखिले, फीस, परीक्षा, स्टूडेंट वेलफेयर इत्यादि से जुड़े मुद्दों पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। विद्यार्थियों की तरफ से मिलने वाली शिकायतें भी लंबित पड़ी हैं।

प्रो. रुबिंदरनाथ बोले- चुनाव में देरी लोकतांत्रिक ढांचे की गरिमा के खिलाफ
पीयू सीनेट के नामांकित सदस्य प्रो रुबिंदरनाथ ने बताया कि सीनेट पीयू की गवर्निंग बॉडी है। ऐसे में सीनेट चुनाव पर कोई फैसला नहीं लेना पीयू के लोकतांत्रिक ढांचे की गरिमा के विरुद्ध है। आजादी से लेकर आज तक पीयू में सीनेट और सिंडिकेट के चुनाव कभी स्थगित नहीं किए गए। जब सिनेमाहाल खुले हैं, बिहार चुनाव हो रहे हैं तो वीसी को सीनेट चुनाव भी बिना देरी के आयोजित करवाने चाहिए।

शिक्षकों की समस्याओं का नहीं निकल रहा हल
सीनेट के लिए नामांकित प्रो. जगदीश चंद्र मेहता ने बताया कि सीनेट के सुचारु ढंग से नहीं चल पाने के कारण कॉलेजों में शिक्षकों को पिछले 6-8 महीने से सैलरी नहीं देने, शिक्षकों के पीएफ सबंधी इत्यादि मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। ऐसे ही विद्यार्थियों के भी शैक्षणिक मुद्दों पर कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है। शिक्षकों और विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए पीयू वीसी से उम्मीद करते हैं कि बिना देरी के सीनेट चुनाव करवाए जाएंगे।
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