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पीयू के 2000 कर्मियों के वेतन पर चली कैंची, 700 से 7200 रुपये की कटौती, जाएंगे हाईकोर्ट
Fri, 17 Jan 2020 02:36 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 02:36 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी अपने ही 2000 कर्मियों के वेतन पर कैंची चलाने जा रहा है। फरवरी माह के वेतन से कर्मियों व अधिकारियों को 700 से लेकर 7000 रुपये तक कम मिलेंगे। पीयू ने यह निर्णय पंजाब सरकार के कहने पर लिया है। पंजाब ने साफ कह दिया कि यदि पीयू इन कर्मियों को सचिवालय भत्ता देगा तो वह बजट नहीं देंगे। धमकी मिलने के बाद पीयू ने तुरंत ही बैठक कर कर्मियों के वेतन पर कैंची चलाने का निर्णय ले लिया। इससे कर्मियों व अधिकारियों में आक्रोश है। अब वह हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
पीयू ने कई दशक पहले ही कर्मचारियों को सचिवालय भत्ता देने की घोषणा की थी और यह मिलने लग गया था। उसके बाद पंजाब के कुछ विश्वविद्यालयों ने पीयू की तर्ज पर यही लाभ हाईकोर्ट में याचिका दायर करके मांगा और उन्हें लाभ मिल गया। सूत्रों का कहना है कि पंजाब सरकार विश्वविद्यालयों को यह लाभ देना नहीं चाहती थी। अब सरकार ने पीयू के कर्मचारियों के सचिवालय भत्ता न देने को कहा तो पीयू ने उसी के मुताबिक निर्णय ले लिया जबकि कर्मचारियों व अधिकारियों का तर्क है कि वह पीयू के कर्मचारी हैं न कि पंजाब सरकार के।
पीयू अपने में स्वायत्तशासी है, जो खुद निर्णय लेती है। सूत्र कहते हैं कि सी क्लास के 700 रुपये, क्लर्क के 1500, असिस्टेंट के 2500, सुपरिंटेंडेंट के 5500, एआर व डीआर के वेतन से 7200 रुपये की प्रतिमाह कटौती हो जाएगी। इससे यह कर्मचारी प्रभावित होंगे। वहीं दूसरी ओर वेतन से कटौती करने पर पीयू को सात करोड़ रुपये मिलेंगे, लेकिन कर्मचारियों की प्लानिंग इस कटौती से प्रभावित होगी। फरवरी माह में आने वाले वेतन से ही यह कटौती लागू हो जाएगी।
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पीयू ने कई दशक पहले ही कर्मचारियों को सचिवालय भत्ता देने की घोषणा की थी और यह मिलने लग गया था। उसके बाद पंजाब के कुछ विश्वविद्यालयों ने पीयू की तर्ज पर यही लाभ हाईकोर्ट में याचिका दायर करके मांगा और उन्हें लाभ मिल गया। सूत्रों का कहना है कि पंजाब सरकार विश्वविद्यालयों को यह लाभ देना नहीं चाहती थी। अब सरकार ने पीयू के कर्मचारियों के सचिवालय भत्ता न देने को कहा तो पीयू ने उसी के मुताबिक निर्णय ले लिया जबकि कर्मचारियों व अधिकारियों का तर्क है कि वह पीयू के कर्मचारी हैं न कि पंजाब सरकार के।
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पीयू अपने में स्वायत्तशासी है, जो खुद निर्णय लेती है। सूत्र कहते हैं कि सी क्लास के 700 रुपये, क्लर्क के 1500, असिस्टेंट के 2500, सुपरिंटेंडेंट के 5500, एआर व डीआर के वेतन से 7200 रुपये की प्रतिमाह कटौती हो जाएगी। इससे यह कर्मचारी प्रभावित होंगे। वहीं दूसरी ओर वेतन से कटौती करने पर पीयू को सात करोड़ रुपये मिलेंगे, लेकिन कर्मचारियों की प्लानिंग इस कटौती से प्रभावित होगी। फरवरी माह में आने वाले वेतन से ही यह कटौती लागू हो जाएगी।
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कटौती से ये पड़ेगा असर
कोई भी कर्मचारी अपने वेतन के मुताबिक ही खर्चे करता है और मासिक व सालाना प्लानिंग भी उसी प्रकार करता है। कर्मचारियों का कहना है कि कई ने लोन लिए हैं। कई के आवास लोन चल रहे हैं। किसी को अन्य कार्य भी करने हैं। इसी बीच पीयू ने कटौती कर दी। ऐसे में कर्मचारियों के परिवार प्रभावित होंगे। तनाव भी बढ़ेगा। इससे पीयू का काम भी प्रभावित होगा।
कर्मचारियों ने कहा कि पीयू को बेहतर कार्य लेने के लिए सुविधाएं बढ़ानी चाहिए थी, लेकिन कर्मियों को खुद ही बड़ा तनाव दे दिया। कर्मचारी पीयू की रीढ़ हैं। वह तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों के कार्य करते हैं। कुछ कर्मियों ने कहा है कि शिक्षक संगठनों को भी उनका साथ देना चाहिए, क्योंकि कैंपस एक परिवार है और परिवार पर जब संकट आता है तो हर सदस्य को साथ देना चाहिए।
क्या कहते हैं कर्मचारी नेता
कर्मचारी पीयू के हैं न कि पंजाब सरकार के
कर्मचारियों के वेतन से बढ़ी कटौती की जा रही है। पंजाब सरकार की धमकी से पीयू ने यह निर्णय लिया है लेकिन यह निर्णय कर्मचारियों के हित में नहीं है। कर्मचारी पीयू के अधीन हैं न कि पंजाब सरकार के। कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
- दीपक कौशिक, अध्यक्ष, कर्मचारी एसोसिएशन
लेंगे हाईकोर्ट की शरण
इस पे की कटौती करने से हजारों की संख्या में कर्मचारी प्रभावित होंगे। उनकी प्लानिंग प्रभावित होगी। इस पर पीयू को सोचना चाहिए। कार्य भी इससे प्रभावित होगा। यदि हल पीयू ने नहीं निकाला तो हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
- हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी-बीसी, एसटी वेलफेयर एसोसिएशन
कर्मचारियों ने कहा कि पीयू को बेहतर कार्य लेने के लिए सुविधाएं बढ़ानी चाहिए थी, लेकिन कर्मियों को खुद ही बड़ा तनाव दे दिया। कर्मचारी पीयू की रीढ़ हैं। वह तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों के कार्य करते हैं। कुछ कर्मियों ने कहा है कि शिक्षक संगठनों को भी उनका साथ देना चाहिए, क्योंकि कैंपस एक परिवार है और परिवार पर जब संकट आता है तो हर सदस्य को साथ देना चाहिए।
क्या कहते हैं कर्मचारी नेता
कर्मचारी पीयू के हैं न कि पंजाब सरकार के
कर्मचारियों के वेतन से बढ़ी कटौती की जा रही है। पंजाब सरकार की धमकी से पीयू ने यह निर्णय लिया है लेकिन यह निर्णय कर्मचारियों के हित में नहीं है। कर्मचारी पीयू के अधीन हैं न कि पंजाब सरकार के। कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
- दीपक कौशिक, अध्यक्ष, कर्मचारी एसोसिएशन
लेंगे हाईकोर्ट की शरण
इस पे की कटौती करने से हजारों की संख्या में कर्मचारी प्रभावित होंगे। उनकी प्लानिंग प्रभावित होगी। इस पर पीयू को सोचना चाहिए। कार्य भी इससे प्रभावित होगा। यदि हल पीयू ने नहीं निकाला तो हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
- हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी-बीसी, एसटी वेलफेयर एसोसिएशन