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दूसरे विश्वविद्यालयों से पीएचडी करके पीयू में आए शिक्षकों की डिग्रियों पर खड़े हुए सवाल, जानिए मामला
Tue, 22 Sep 2020 01:52 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 01:52 PM IST
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- फोटो : पेक्सेल्स
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दूसरे विश्वविद्यालयों से पीएचडी कर आए कुछ शिक्षकों की डिग्रियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसकी शिकायत चांसलर कार्यालय पहुंची है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण की जांच हो सकती है। कुछ शिक्षक पीयू कैंपस और कुछ कॉलेजों में काम कर रहे हैं। इसकी चर्चा सोमवार को पीयू में छाई रही। इससे कुछ शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।
पिछले साल मेघालय के एक विश्वविद्यालय की डिग्रियां फर्जी होने के आरोप लगे थे। इसकी जांच के लिए सीनेट के सदस्य मेघालय गए थे और वहां जांच हुई थी। जांच में पाया गया था कि उस विश्वविद्यालय की पीएचडी की डिग्रियां फर्जी हैं। उस प्रकरण पर अभी तक समुचित कार्रवाई नहीं हो पाई।
लेकिन इसी बीच उस विश्वविद्यालय समेत दो अन्य विश्वविद्यालयों से पीएचडी करने वाले शिक्षकों पर तलवार लटक सकती है, क्योंकि उनकी पीएचडी को भी मान्य नहीं बताया जा रहा है। चांसलर कार्यालय ने इस प्रकरण में जांच के आदेश दिए तो मामला पेचीदा हो सकता है। साथ ही कुछ शिक्षक कार्रवाई के दायरे में भी आ सकते हैं।
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वहीं दूसरी ओर पीयू भी अपने स्तर से इस प्रकरण को देख रहा है, क्योंकि उनके पास भी पिछले साल शिकायतें पहुंची थीं।
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पिछले साल मेघालय के एक विश्वविद्यालय की डिग्रियां फर्जी होने के आरोप लगे थे। इसकी जांच के लिए सीनेट के सदस्य मेघालय गए थे और वहां जांच हुई थी। जांच में पाया गया था कि उस विश्वविद्यालय की पीएचडी की डिग्रियां फर्जी हैं। उस प्रकरण पर अभी तक समुचित कार्रवाई नहीं हो पाई।
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लेकिन इसी बीच उस विश्वविद्यालय समेत दो अन्य विश्वविद्यालयों से पीएचडी करने वाले शिक्षकों पर तलवार लटक सकती है, क्योंकि उनकी पीएचडी को भी मान्य नहीं बताया जा रहा है। चांसलर कार्यालय ने इस प्रकरण में जांच के आदेश दिए तो मामला पेचीदा हो सकता है। साथ ही कुछ शिक्षक कार्रवाई के दायरे में भी आ सकते हैं।
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वहीं दूसरी ओर पीयू भी अपने स्तर से इस प्रकरण को देख रहा है, क्योंकि उनके पास भी पिछले साल शिकायतें पहुंची थीं।