पंजाब विश्वविद्यालयः छात्राओं को मिली 'हक की आजादी', अब 24 घंटे खुलेगें गर्ल्स हॉस्टल
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पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) में 48 दिन तक चले आंदोलन के बाद आखिरकार छात्राओं को गर्ल्स हॉस्टल में 24 घंटे आने-जाने की आजादी दे दी गई। यह निर्णय शनिवार को सीनेट की बैठक में चार घंटे तक चली हंगामेदार बैठक के बाद लिया गया। सीनेट ने फैसला किया है कि अब न तो रात में देर से आने पर छात्राओं से फाइन लिया जाएगा और न ही तीन-चार रजिस्टरों में हस्ताक्षर कराए जाएंगे। अब केवल एक ही रजिस्टर रहेगा।
एजेंडा दरकिनार कर स्टूडेंट्स के साथ खड़े हुए सीनेट सदस्य
28 अक्टूबर को पंजाब विश्वविद्यालय की छात्राओं ने 24 घंटे हॉस्टल खोलने को लेकर पीयू के गर्ल्स हॉस्टल नंबर तीन व चार के बाहर प्रोटेस्ट शुरू किया था। धीरे-धीरे छात्राओं का यह आंदोलन एक अभियान बन गया और इससे हजारों छात्राएं जुड़ गईं। राजनीतिक व गैर राजनीतिक लोगों ने भी छात्राओं के हक में आवाज उठाया और पीयू प्रशासन से मांग की कि छात्राओं पर पाबंदी न लगाई जाए, उन्हें आजादी दी जाए।
इस प्रकरण को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। पीयू प्रशासन समेत जिम्मेदारों पर दबाव बना और आखिर में इस पर चर्चा शुरू हो गई। सिंडिकेट से यह प्रकरण चलकर सीनेट में पहुंचा। शनिवार को सीनेट की बैठक हुई। इसकी शुरुआत एजेंडे के बिंदुओं से होनी थी लेकिन सीनेट सदस्यों ने एजेंडे को किनारे पर रखकर इस मुद्दे को रख दिया।
सदस्य बोले, विचारधाराओं की लड़ाई बनी बाधा
सदस्य विक्की गिल ने शुरुआत की। उसके बाद मोर्चा सदस्य प्रो. डीपी रंधावा ने संभाला। पूर्व मंत्री पवन बंसल, दीपक कौशिक, प्रो. गुरमीत सिंह, प्रो. रोनकी राम, प्रभजीत, प्रो. अशोक गोयल ने भी मामले को उठाया। इस पर वीसी प्रो. राजकुमार ने कहा कि वह इस पर जल्द फैसला लेंगे लेकिन सदस्य अड़ गए। कहा कि आज ही निर्णय लें।
हाईकोर्ट में केस चलने का भी पीयू प्रशासन ने हवाला दिया लेकिन कहा कि सीनेट व सिंडिकेट पीयू के हित में कोई भी निर्णय ले सकती है। वीसी ने फिर कहा कि इसके लिए एक कमेटी बना दी जाए लेकिन सदस्य नहीं माने। कहा कि कमेटियों पर कमेटियां बैठाई जा रही हैं। प्रो. चमन लाल, पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल, प्रो. नवदीप गोयल ने भी अपना पक्ष रखा।
सदस्य संजय टंडन व डॉ. सुभाष शर्मा ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि एक ही विचारधारा के लोगों को कहीं इस आंदोलन से लाभ न मिल जाए, इस पर सोचा जाए। इसी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। प्रो. रंगा ने कहा कि विचारधारा आड़े आ रही है तभी तो वीसी इस मामले का हल नहीं कर रहे हैं। कहा कि अगर उन्हें स्टूडेंट समझकर बात की जाती तो बहुत पहले ही यह हल हो जाता।
कहा कि छात्राओं की मांग है कि उनसे हॉस्टल में रात को आने-जाने का फाइन न लिया जाए और रजिस्टर प्रक्रिया कम की जाए। इन मांगों को पूरी करने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। तीन घंटे चली इस बहस के बाद मुहर लगाई कि छात्राओं को रात में लेट आने या जाने पर कोई फाइन नहीं लगेगा। रजिस्टर भी एक ही होगा। पीयू प्रशासन ने कहा कि उनके हॉस्टल वैसे भी 24 घंटे ही खुले हैं। कोई भी इमरजेंसी में आ-जा सकता था।
24 घंटे हॉस्टल खोलने की बाधाओं पर मंथन को बनी कमेटी
इसके अलावा अन्य मांगों पर विचार करने व 24 घंटे हॉस्टल खोलने को लेकर आने वाली बाधाओं को देखने के लिए कमेटी बनाई गई है। इसके चेयरमैन प्रो. नवदीप गोयल, डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर, प्रो. नीना कप्लास, प्रो. एसपी जैन, प्रो. आरजी गोस्वामी, प्रो. पाम राजपूत, प्रो. अमीर सुल्ताना, चीफ सिक्युरिटी ऑफिसर प्रो. अश्वनी कौल शामिल हैं।