पीयू ने हटाई एससी-एसटी विद्यार्थियों की डिग्रियों पर लगी रोक, पर पंजाब के कॉलेजों में लगी रहेगी
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पंजाब यूनिवर्सिटी ने पीयू में पढ़ रहे पंजाब के एससी-एसटी विद्यार्थियों की डिग्रियों पर लगाई रोक हटा दी है, लेकिन प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को डिग्री नहीं मिलेगी। पीयू ने कहा कि यूनिवर्सिटी के किसी भी विद्यार्थी की डिग्री नहीं रोकी जाएगी। जरूरत पड़ने पर वह ले जा सकते हैं, लेकिन पंजाब के कॉलेजों में पढ़ रहे एससी-एसटी विद्यार्थियों की डिग्रियां बकाया रकम आने तक पीयू जारी नहीं करेगा। इन विद्यार्थियों की संख्या दो हजार के करीब है।
पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे संबद्ध 70 से अधिक कॉलेजों में पढ़ रहे चार हजार से अधिक विद्यार्थियों की डिग्रियों पर इसलिए रोक लगा दी गई थी कि उनकी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की रकम पंजाब सरकार ने जमा नहीं की। वर्ष 2015 से लेकर अब तक की छात्रवृत्ति पीयू को नहीं दी गई। लगभग 15 करोड़ रुपये पंजाब सरकार पर बकाया है। ऐसे में पीयू व संबंधित कॉलेज हर साल विद्यार्थियों को मुफ्त में दाखिला दे रहे थे। पीयू को इससे घाटा हो रहा था।
इस घाटे को पूरा करने के लिए पीयू ने एससी-एसटी छात्रों की डिग्रियों पर रोक लगा दी, लेकिन इस प्रकरण को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हड़कंप मच गया। चारों ओर से दबाव पड़ा तो पीयू ने सफाई दी कि यूनिवर्सिटी कैंपस पढ़ रहे विद्यार्थियों की डिग्रियां नहीं रोकी जाएंगी, लेकिन पंजाब के कॉलेजों में पढ़ रहे एससी-एसटी के विद्यार्थियों की फीस जब तक कॉलेज पीयू नहीं भेजेंगे, तब तक उनकी डिग्रियां जारी नहीं होंगी।
कई संगठनों ने पीयू में किया प्रदर्शन
डिग्रियां रोकने को लेकर छात्र संगठनों में उबाल आ गया था। एसएफएस, पीयूसीएससी, पीएसयू ललकार व अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। छात्रों ने वीसी को बाहर बुलाकर समस्या सुनने की मांग की, लेकिन वह कार्यालय में नहीं थे। घंटों प्रदर्शन होता रहा। आखिर में अधिकारियों ने आकर छात्रों को आश्वासन दिया, तब जाकर वे माने। काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया ने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया तो उग्र आंदोलन होगा।
छात्रवृति जारी नहीं की तो होगा बड़ा आंदोलन
पीयू आइसा अध्यक्ष विजय कुमार ने बैठक की। उन्होंने कहा कि केंद्र व पंजाब सरकार एससी-एसटी विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप जारी करे, अन्यथा बड़ा आंदोलन होगा। छात्रों का लगातार शोषण हो रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीयू के छात्र अपनी डिग्रियां कभी भी ले जा सकते हैं, उस पर रोक नहीं है। पंजाब के कॉलेजों में पढ़ रहे एससी-एसटी के जिन विद्यार्थियों का शुल्क जमा नहीं हुआ है, उनकी डिग्रियां रुकी रहेंगी। - प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार, पीयू