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फीस मामला सुलझाने को पीयू प्रशासन ने अपनाई कूटनीति, अब क्या करेंगे स्टूडेंट्स

Fri, 05 May 2017 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 05 May 2017 09:36 AM IST
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punjab university administration strategy to sort out fee increament issue
फीस बढ़ोतरी के विरोध में पीयू स्टूडेंट काउंसिल - फोटो : अमर उजाला
फीस वृद्धि को पूरी तरह रोल बैक करवाने के मद्देनजर पीयू अथारिटी ने भी कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए एक बड़ी चाल चली है। 7 मई को होने वाली सीनेट की बैठक के एजेंडे से फीस वृद्धि के मसले को बाहर रखा है। हालांकि कई सीनेटर्स ऐसे हैं, जिन्होंने पीयू के इस एजेंडे से बाहर जाकर सीनेट मीटिंग में फीस वृद्धि के इस मसले को उठाने का फैसला लिया है। करीबन बारह सीनेटर्स ने तो पीयू अथारिटी को लिखकर भी दे दिया है कि  वे फीस वृद्धि के समर्थन में नहीं हैं।
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यही सीनेटर्स अब सीनेट की बैठक में भी फीस वृद्धि के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे। दूसरी ओर, विभिन्न छात्र संगठनों ने भी ये निर्णय कर लिया है कि वे सीनेट मीटिंग से पहले प्रशासनिक ब्लाक  के बाहर प्रदर्शन करेंगे और सीनेट पर दबाव बनाएंगे कि वे सीनेट में छात्रों की फीस वृद्धि को वापस लेने का प्रस्ताव पारित करें। छात्र इसलिए सीनेट पर दबाव बना रहे हैं, क्योंकि पीयू अथारिटी इस मसले पर बार-बार यही कहती आ रही कि फीस वृद्धि के प्रस्ताव पर सीनेट ने ही मुहर लगाई थी और फीस वृद्धि रोलबैक का अधिकार भी सीनेट के पास है।
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लेकिन दूसरी ओर, कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए पीयू ने सीनेट की सात मई को होने वाली बैठक के एजेंडे में फीस वृद्धि का मुद्दा ही शामिल नहीं किया। अब वैधानिक  रूप से न तो सीनेट इस मसले पर चरचा कर सकती है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव पास कर सकती है। एजेंडे में सिर्फ यूजीसी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में डाली एसएलपी और उसके खिलाफ पीयू के जवाब को ही चर्चा के लिए रखा गया है। 
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पीयू अथॉरिटी को भेजे आय बढ़ाने के सुझाव

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Punjab University Professor Arun Kumar Grover
पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनियर सीनेटर एवं डीएवी कालेज चंडीगढ़ के सोशोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डा. जगदीश चंद्र मेहता ने पीयू अथारिटी को पीयू की आय बढ़ाने के सुझाव भेज हैं ताकि पीयू की आर्थिक दशा सुदृढ़ हो सके। यूजीसी भी बार-बार पीयू को ये कह चुका है वे अपने आय के स्त्रोत बढ़ाए, ताकि कुछ हद तक पीयू आर्थिक संकट कम हो सके। इसीलिए सीनेटर्स ने ये सुझाव पीयू अथारिटी को भेजे हैं।

पीयू को आय बढ़ाने के सुझाव
-पीयू के देश और विदेश में एल्युमनी बहुत हैं और बहुत तो काफी संपन्न हैं। वे स्वयं अपनी आय में से कुछ स्वैच्छिक फंड शैक्षणिक संस्थान को देना चाहते हैं, इसलिए इस ओर प्रयास किया जाए।
-पीयू इंटरनेशनल स्टूडेंट्स का दाखिला बढ़ाए, इससे पीयू को अच्छी आय होगी। क्योंकि विकसित देश के छात्र सस्ती एजुकेशन और विकासशील देश के छात्र क्वालिटी एजुकेशन के लिए इंडिया का रुख करते हैं
- पीयू को इंडस्ट्रियल-यूनिवर्सिटी पार्टनरशिप बढ़ानी चाहिए, बहुत से बड़े उद्योग अपने सीएसआर प्रोजेक्ट से शैक्षणिक संस्थानों की मदद करते हैं।
-पीयू को रिसर्च एवं डेवलपमेंट के नजरिए से कंसलटेंसी सर्विस बढ़ानी चाहिए। पीयू के शोधकर्ता रिसर्च इनपुट के जरिए उद्योगों को लाभ दे सकते हैं, इससे काफी आय होगी।
-पीयू अथारिटी कैंपस में स्थित शॉपिंग कांपलेक्स को दो से तीन मंजिला बनाए, ताकि ये कांपलेक्स डेवलप हो और पीयू की आय बढ़े।
-प्राइवेट अकादमिक व इंडस्ट्रियल अधिवेशनों के लिए पीयू कैंपस व आडिटोरियम को किराए पर दिया जा सकता है, इससे भी आयवृद्धि होगी।
-पीयू नई सेल्फ फाइनेंस कोर्स बढ़ाए। साथ ही पत्राचार के कोर्सों में कई ऐसे कोर्स भी शामिल करे, जिनकी आज काफी मांग है, इससे भी अच्छी कमाई होगी।
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