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नहीं दिया स्कॉलरशिप का करोड़ों बकाया, पीयू ने दो साल से रोक रखी हैं डिग्रियां, विद्यार्थी परेशान
Mon, 06 Jan 2020 03:37 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 03:37 PM IST
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स्कॉलरशिप योजना
पंजाब सरकार की लेटलतीफी का खामियाजा हजारों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि पीयू का पंजाब सरकार पर एससी-एसटी व बीसी के विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप का करोड़ों बकाया है। भुगतान न होने के चलते पीयू ने दो साल से इन विद्यार्थियों की डिग्री रोकी हुई है। इसको लेकर छात्रों में काफी रोष है।
पंजाब सरकार ने डिग्रियों पर लगाई रोक हटाने की गुहार की थी, लेकिन पीयू ने यह बात नहीं मानी। छात्रों ने पंजाब सरकार स्कॉलरशिप की रकम पीयू को देने की गुहार लगाई है, ताकि उनके भविष्य से खिलवाड़ न हो। छात्रों में यह भी सवाल उठाया है कि जब केंद्र सरकार से रकम आ गई तो उस रकम के भुगतान में देरी क्यों की जा रही है?
यह है पूरा मामला...
वर्ष 2015 से लेकर 2018 तक एससी, एसटी व बीसी के विद्यार्थियों के पीयू से संबद्घ कॉलेजों ने दाखिले लिए थे। इन विद्यार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया गया। पंजाब सरकार ने पहले ही पीयू से बोला है कि वह पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप की रकम पीयू को दे देगी। पीयू हर साल आश्वासन पर इन विद्यार्थियों के दाखिले करता रहा। धीरे धीरे पीयू का पंजाब सरकार पर बकाया बढ़ता गया। 12 करोड़ से अधिक रकम बकाया है। पीयू पहले ही तंगी में है और इन विद्यार्थियों को सुविधाएं देकर और रकम खर्च होने लगी।
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इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू ने पिछले साल हजारों विद्यार्थियों की डिग्रियों पर रोक लगा दी। जैसे ही सूचना पहुंची तो फिर पंजाब सरकार ने मौखिक रूप से पीयू से कहा कि वह विद्यार्थियों की डिग्रियां न रोकें। बकाया रकम का भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया। पीयू ने भी इस पर गौर नहीं किया उन्होंने भी दो साल की डिग्रियों पर रोक लगाए रखी। यह रोक फिलहाल भुगतान तक हटती नजर नहीं आ रही है। इससे विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब के कॉलेजों में पढ़े हैं ये विद्यार्थी
एससी-एसटी व बीसी के हजारों विद्यार्थियों ने पंजाब के 150 से अधिक कॉलेजों में दाखिला लिया था। उनके एडमिशन का पूरा भुगतान पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप के जरिये होता है। यह रकम अन्य राज्यों में केंद्र सरकार सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजती है लेकिन पंजाब में यह रकम सरकार के खाते में आती है। पंजाब सरकार को संबंधित कॉलेजों या पीयू को भुगतान करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हालांकि कुछ वर्ष की आधी रकम पीयू के पास पहले पहुंची थी लेकिन रकम काफी बकाया है।
स्कॉलरशिप की रकम का भुगतान न होने के कारण दो साल की डिग्रियों पर अभी रोक लगी हुई है। उच्चाधिकारियों के आदेश मिलेंगे तो डिग्रियों पर रोक हटा देंगे।
- प्रो. परविंदर सिंह, परीक्षा नियंत्रक पीयू
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पंजाब सरकार ने डिग्रियों पर लगाई रोक हटाने की गुहार की थी, लेकिन पीयू ने यह बात नहीं मानी। छात्रों ने पंजाब सरकार स्कॉलरशिप की रकम पीयू को देने की गुहार लगाई है, ताकि उनके भविष्य से खिलवाड़ न हो। छात्रों में यह भी सवाल उठाया है कि जब केंद्र सरकार से रकम आ गई तो उस रकम के भुगतान में देरी क्यों की जा रही है?
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यह है पूरा मामला...
वर्ष 2015 से लेकर 2018 तक एससी, एसटी व बीसी के विद्यार्थियों के पीयू से संबद्घ कॉलेजों ने दाखिले लिए थे। इन विद्यार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया गया। पंजाब सरकार ने पहले ही पीयू से बोला है कि वह पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप की रकम पीयू को दे देगी। पीयू हर साल आश्वासन पर इन विद्यार्थियों के दाखिले करता रहा। धीरे धीरे पीयू का पंजाब सरकार पर बकाया बढ़ता गया। 12 करोड़ से अधिक रकम बकाया है। पीयू पहले ही तंगी में है और इन विद्यार्थियों को सुविधाएं देकर और रकम खर्च होने लगी।
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इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू ने पिछले साल हजारों विद्यार्थियों की डिग्रियों पर रोक लगा दी। जैसे ही सूचना पहुंची तो फिर पंजाब सरकार ने मौखिक रूप से पीयू से कहा कि वह विद्यार्थियों की डिग्रियां न रोकें। बकाया रकम का भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया। पीयू ने भी इस पर गौर नहीं किया उन्होंने भी दो साल की डिग्रियों पर रोक लगाए रखी। यह रोक फिलहाल भुगतान तक हटती नजर नहीं आ रही है। इससे विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब के कॉलेजों में पढ़े हैं ये विद्यार्थी
एससी-एसटी व बीसी के हजारों विद्यार्थियों ने पंजाब के 150 से अधिक कॉलेजों में दाखिला लिया था। उनके एडमिशन का पूरा भुगतान पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप के जरिये होता है। यह रकम अन्य राज्यों में केंद्र सरकार सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजती है लेकिन पंजाब में यह रकम सरकार के खाते में आती है। पंजाब सरकार को संबंधित कॉलेजों या पीयू को भुगतान करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हालांकि कुछ वर्ष की आधी रकम पीयू के पास पहले पहुंची थी लेकिन रकम काफी बकाया है।
स्कॉलरशिप की रकम का भुगतान न होने के कारण दो साल की डिग्रियों पर अभी रोक लगी हुई है। उच्चाधिकारियों के आदेश मिलेंगे तो डिग्रियों पर रोक हटा देंगे।
- प्रो. परविंदर सिंह, परीक्षा नियंत्रक पीयू