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पंजाब: गन्ना काश्तकारों की आय बढ़ाने पर फोकस, सरकार टास्क फोर्स का करेगी गठन
Tue, 05 Apr 2022 02:13 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 05 Apr 2022 02:13 PM IST
सार
योजना के तहत दो सालों में गन्ने के पैदावार में न्यूनतम 100 क्विंटल प्रति एकड़ तक विस्तार करने का लक्ष्य रखा, जिससे प्रति एकड़ आय में लगभग 36,000 रुपये तक का गन्ना काश्तकारों को लाभ होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब सरकार ने गन्ना काश्तकारों की आय बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। सरकार ने तय किया है कि इस कार्य के लिए विशेषज्ञों को साथ लेकर टास्क फोर्स बनाई जाएगी। यह टास्क फोर्स तीन महीने में गन्ने की पैदावार बढ़ाने का रोडमैप तैयार करेगी। सरकार की ओर से दो सालों में गन्ने की पैदावार में न्यूनतम 100 क्विंटल प्रति एकड़ के विस्तार का लक्ष्य तय कर लिया है।
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सरकार की ओर से बनाई जाने वाली टास्क फोर्स में पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना, इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च, शुगरकेन ब्रीडिंग इंस्टीट्यूट कोयंबटूर और राष्ट्रीय स्तरीय गन्ना माहिरों के अलावा शुगरफेड पंजाब के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। टास्क फोर्स को तीन महीने में गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए योजना तैयार करने के लिए कहा जाएगा।
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योजना के तहत दो सालों में गन्ने के पैदावार में न्यूनतम 100 क्विंटल प्रति एकड़ तक विस्तार करने का लक्ष्य रखा, जिससे प्रति एकड़ आय में लगभग 36,000 रुपये तक का गन्ना काश्तकारों को लाभ होगा। इस योजना के अंतर्गत गन्ना काश्तकारों को उच्च गुणवत्ता की किस्मों के शुद्ध बीज उपलब्ध करवाने के अलावा गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीकों संबंधी जानकारी के साथ-साथ मशीनीकरण के बारे भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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विशेषज्ञों से संपर्क करेंगे अधिकारी
सरकार की ओर से अधिकारियों को हिदायतें दी गई हैं कि गन्ना काश्तकारों को गन्ने की खेती संबंधी आधुनिक तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना, इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च, शुगरकेन ब्रीडिंग इंस्टीट्यूट, कोयंबटूर और वसंत दादा इंस्टीट्यूट पुणे के साथ तुरंत संपर्क कायम करके प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जाए।
30 लाख पौधों की पनीरी होगी तैयार
गन्ना काश्तकारों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से बेहतर पनीरी तैयार की जाएगी। पहली खेप में बीजाई सीजन के लिए पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना और इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च करनाल के सहयोग से लगभग 30 लाख पौधों की पनीरी तैयार की जाएगी, जो गन्ना काश्तकारों को बीज स्वरूप दिए जाएंगे।
पंजाब में 75 प्रतिशत लोग खेती, किसानी से जुड़े हैं। ऐसे में सरकार का विशेष फोकस कृषि क्षेत्र पर रहेगा। गन्ना काश्तकारों की आय बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी के तहत टास्क फोर्स गठन की योजना बनाई गई है। - हरपाल सिंह चीमा, सहकारिता मंत्री, पंजाब सरकार