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उपलब्धिः पंजाब यूनिवर्सिटी ने क्यूएस रैंकिंग में बाजी मारी, दूसरी रैंकिंग में छलांग लगाने की तैयारी

Mon, 23 Dec 2019 04:09 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 23 Dec 2019 04:09 PM IST
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punjab university wins in QS rankings, now preparations to leap into second ranking
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
क्यूएस एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पीयू ने बाजी मारते हुए 35वीं रैंक हासिल कर ली। अब अन्य रैंकिंग में पीयू बाजी मारने की तैयारी कर रहा है। निरफ से लेकर टाइम्स रैंकिंग में टॉप पर आना चाहता है। पिछले वर्षों में जहां भी कमियां रही हैं उन्हें ठीक किया जा रहा है। हर विभाग को रिसर्च से लेकर शिक्षा गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि नए साल में पीयू अच्छी रैंकिंग लेकर आएगा। इसी के आधार पर कई एजेंसी फंड भी देती हैं, ऐसे में रैंक अच्छी आने पर पीयू केलिए फंड केरास्ते भी खुलेंगे।
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ये रहा पिछला रिकॉर्ड
क्यूएस एशियन रैंकिंग का पिछला रिकॉर्ड देखें तो देशभर के विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 39वां स्थान मिला था। यह रैंक 291-300 ब्रैकेट के मध्य मानी जाती है। वर्ष 2017 में यह रैंक ब्रैकेट 301-350 के मध्य थी। इसकेअलावा पूर्णकालिक एमबीए को भी रैंकिंग में 15वां स्थान हासिल हुआ था। मालूम हो कि क्यूएस एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में एशिया के सैकड़ों विश्वविद्यालय शिरकत करते हैं। इसमें भारत की ओर से 78 विश्वविद्यालय शामिल हुए थे। मापदंडों पर पीयू भी खरा उतरा। शैक्षिक दृष्टि से, शिक्षकों केबेहतर मैनेजमेंट से और स्टूडेंट्स की पढ़ाई से इस बार रैंकिंग में सुधार हुआ। रिसर्च के जरिये भी अलग पहचान बनाई। रैंकिंग में छात्रों की संख्या का भी जिक्र किया गया है। कुल छात्र 25027 दर्शाए थे। 100 अंक में से रैंकिंग निर्धारित होती है। इससे पूर्व भी क्यूएस एशिया रैंकिंग जारी हुई थी। उसमें भी एमबीए ने बाजी मारी थी। इस बार भी ऐसा ही हुआ। मालूम हो कि ब्रैकेट के मध्य जो अंक दर्शाए गए हैं उसी में विश्वविद्यालय की रैंक मानी गई है। क्योंकि इस अंक के मध्य पूरे एशिया के कई विश्वविद्यालय शामिल होते हैं।
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पिछले साल ये मिले थे पीयू को अंक

ओवरऑल स्कोर : 51.5
विविधता : 58
रोजगार : 54.2
उद्यमिता और पूर्व छात्रों के परिणाम : 44.2
रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट : 44.7
थॉट लीडरशिप : 56.3

पिछले साल रैंकिंग में ये रहे थे टॉप टेन में विश्वविद्यालय
- नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर
- द यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग
- ननयंग टेकभनोलॉजिकल यूनिवर्सिटी सिंगापुर
- टिसनुगुवा यूनिवर्सिटी चीन
- पेकिंग यूनिवर्सिटी चीन
- फुडान यूनिवर्सिटी चीन
- द हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेकभनोलॉजी
- कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेकभनोलॉजी साउथ कोरिया
- सीयूएचके हांगकांग
- सिओल नेशनल यूनिवर्सिटी साउथ कोरिया

भारत के शिक्षण संस्थानों की ये थी पिछली रैंकिंग

आईआईटी बांबे 33
आईआईटी बांबे 40
आईआईटी मद्रास 48
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस 50
आईआईटी खड़करपुर 53
आईआईटी कानपुर 61
यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली 62
आईआईटी रुड़की 86
आईआईटी हैदराबाद 106
आईआईटी गुवाहाटी 107
यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता 134
जाधवपुर यूनिवर्सिटी 137
बनारस हिंदी यूनिवर्सिटी 156

यहां भी शिखर पर रहने की चाह
अमेरिकी समाचार और विश्व रिपोर्ट रैंकिंग 2019 में पंजाब विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालयों की सूची में पहला और टोटल नंबरिंग में तीसरा स्थान मिला था। पिछले साल भी पीयू को प्रथम स्थान ही मिला था। पीयू को 44.5 अंक हासिल हुए हैं। वहीं बेस्ट ग्लोबल यूनिवर्सिटी की सूची में 551वां स्थान हासिल किया है। पीयू ने इस बार भी इस रैंकिंग में शीर्ष पर रहने का फैसला लिया है। वहीं अटल रैंकिंग में भी बाजी मारने की तैयारी की है। इस साल भी अटल रैंकिंग में पीयू ने बाजी मारी थी।

क्यूएस रैंकिंग में हमने बाजी मारी है। कई सुधार हुए हैं। अन्य रैंकिंग में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। तैयारियां जोरों पर है।
- डॉ. आशीष जैन, निदेशक आईक्यूएससी
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