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पंजाब यूनिवर्सिटी को नई भर्तियां करने के लिए लेनी होगी यूजीसी से अनुमति, साइड इफेक्ट भी होगा
Tue, 29 Sep 2020 04:01 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 04:01 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी को स्थायी शिक्षकों व कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए यूजीसी से अनुमति लेनी होगी। अब वित्तीय सहमति मिलने के बाद ही पीयू अगला कदम उठा पाएगी। माना जा रहा है कि अब रिक्तियां भरना आसान नहीं होगा। ऐसे में छात्र-शिक्षक अनुपात को पूरा नहीं किया जा सकेगा और इसका असर रैंकिंग पर भी पड़ेगा।
ये रहा भर्तियों का गणित
पीयू ने पिछले साल 26 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्तियां निकाली थीं। इसके लिए आवेदन मांगे गए। पीयू को लगभग 1100 आवेदन मिले। इन आवेदनों की छंटनी शुरू हुई थी कि सिंडिकेट ने इन पर सवाल खड़े कर दिए और भर्ती की प्रक्रिया बाधित हो गई। सवाल खड़े किए कि जो रिक्तियां निकाली गई हैं वहां शिक्षकों की भर्ती इतनी जरूरी नहीं है। तमाम विभाग ऐसे हैं जहां शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां रिक्तियां नहीं निकाली गई।
इसके लिए सिंडिकेट ने रिक्तियों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया और रिकॉर्ड जांचे किए। नौ पदों को स्वीकृति दी गई, लेकिन इसमें से भी सात पदों पर फिर अड़ंगा लगा दिया गया। कई बार इस प्रकरण को लेकर बैठक हुई, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। पीयू को इन भर्तियों को करने के लिए यूजीसी से विशेष अनुमति लेनी पड़ी थी। वर्षों बार रिक्तियां को रास्ता साफ हुआ था।
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अस्थायी भर्तियों को भी नहीं बढ़ने दिया आगे
पीयू ने दो माह पहले 21 अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां करने के लिए विज्ञापन निकाला था। आवेदन मांगे गए थे और साक्षात्कार के आधार पर सीधी भर्ती की जानी थी। लेकिन इस भर्ती के जरिए बैकडोर एंट्री का रास्ता साफ होता, ऐसे में इस पर भी रोक लगा दी गई। डेढ़ साल बाद नैक की टीम दौरा करेेगी। वह शिक्षक व छात्र अनुपात देखेगी जो पूरा नहीं मिलेगा। इसी बिंदू के कारण पीयू को रैंकिंग में पिछड़ना पड़ सकता है। हालांकि पीयू प्रशासन कोशिश में जुटा है कि नैक की टीम दौरा करे उससे पहले इनकी पूर्ति कर ली जाए।
पीयू में लंबे समय तक टल सकती है भर्ती प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने अपने कई विभागों में आदेश दिए हैं कि नई भर्तियां न की जाएं और बहुत आवश्यक हो तो उसके लिए अनुमति ली जाए। इसी के तहत पीयू से भी कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि पीयू की भर्ती प्रक्रिया अब लंबे समय तक टल सकती है, क्योंकि केंद्र के पास पैसे की कमी है। जो लोग काम कर रहे हैं उन्हें समय पर वेतन मिल जाए, यह बड़ी बात है। हालांकि पीयू प्रशासन ने ताकत लगाई हुई है। अगले साल मार्च तक भर्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा।
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ये रहा भर्तियों का गणित
पीयू ने पिछले साल 26 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्तियां निकाली थीं। इसके लिए आवेदन मांगे गए। पीयू को लगभग 1100 आवेदन मिले। इन आवेदनों की छंटनी शुरू हुई थी कि सिंडिकेट ने इन पर सवाल खड़े कर दिए और भर्ती की प्रक्रिया बाधित हो गई। सवाल खड़े किए कि जो रिक्तियां निकाली गई हैं वहां शिक्षकों की भर्ती इतनी जरूरी नहीं है। तमाम विभाग ऐसे हैं जहां शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां रिक्तियां नहीं निकाली गई।
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इसके लिए सिंडिकेट ने रिक्तियों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया और रिकॉर्ड जांचे किए। नौ पदों को स्वीकृति दी गई, लेकिन इसमें से भी सात पदों पर फिर अड़ंगा लगा दिया गया। कई बार इस प्रकरण को लेकर बैठक हुई, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। पीयू को इन भर्तियों को करने के लिए यूजीसी से विशेष अनुमति लेनी पड़ी थी। वर्षों बार रिक्तियां को रास्ता साफ हुआ था।
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अस्थायी भर्तियों को भी नहीं बढ़ने दिया आगे
पीयू ने दो माह पहले 21 अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां करने के लिए विज्ञापन निकाला था। आवेदन मांगे गए थे और साक्षात्कार के आधार पर सीधी भर्ती की जानी थी। लेकिन इस भर्ती के जरिए बैकडोर एंट्री का रास्ता साफ होता, ऐसे में इस पर भी रोक लगा दी गई। डेढ़ साल बाद नैक की टीम दौरा करेेगी। वह शिक्षक व छात्र अनुपात देखेगी जो पूरा नहीं मिलेगा। इसी बिंदू के कारण पीयू को रैंकिंग में पिछड़ना पड़ सकता है। हालांकि पीयू प्रशासन कोशिश में जुटा है कि नैक की टीम दौरा करे उससे पहले इनकी पूर्ति कर ली जाए।
पीयू में लंबे समय तक टल सकती है भर्ती प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने अपने कई विभागों में आदेश दिए हैं कि नई भर्तियां न की जाएं और बहुत आवश्यक हो तो उसके लिए अनुमति ली जाए। इसी के तहत पीयू से भी कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि पीयू की भर्ती प्रक्रिया अब लंबे समय तक टल सकती है, क्योंकि केंद्र के पास पैसे की कमी है। जो लोग काम कर रहे हैं उन्हें समय पर वेतन मिल जाए, यह बड़ी बात है। हालांकि पीयू प्रशासन ने ताकत लगाई हुई है। अगले साल मार्च तक भर्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा।