{"_id":"5e80fcdd8ebc3e774f34ecd2","slug":"pu-will-give-salary-to-3-april-salary-will-not-be-cut-chandigarh-news-pkl3709723184","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना और लॉकडाउनः पंजाब यूनिवर्सिटी तीन अप्रैल को देगी पगार, पर वेतन में नहीं होगी कटौती","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
कोरोना और लॉकडाउनः पंजाब यूनिवर्सिटी तीन अप्रैल को देगी पगार, पर वेतन में नहीं होगी कटौती
Mon, 30 Mar 2020 01:40 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2020 01:40 PM IST
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब देश में सब जगह कोरोना से लड़ने के लिए काम हो रहा है तो पंजाब विश्वविद्यालय कैसे पीछे रहता। पीयू भी कोरोना को हराने की भरसक कोशिश में लगा है। बात चाहे सैनिटाइजेशन की हो या समय पर वेतन देने की। पीयू कहीं भी पीछे नहीं रहा है। असल में पीएम मोदी के आदेश अनुसार पीयू पांच हजार शिक्षक व कर्मचारियों को पूरा वेतन देने जा रहा है। इसमें कोई किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। सभी लोगों को 31 मार्च तक उपस्थित माना जा रहा है। 31 मार्च को पीयू की टीम वेतन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेगी और संबंधित बैंक को सेलरी की रिपोर्ट चली जाएगी। तीन अप्रैल को सभी के खातों में वेतन आ जाएगा।
भारत सरकार ने कहा है कि सभी संस्थान अपने-अपने लोगों को समय पर वेतन दें और उसमें किसी प्रकार की कोई कटौती नहीं करें। इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू ने तैयारी कर ली है। वीसी प्रो. राजकुमार ने शनिवार को संबंधित विभागों को सैलरी जारी करने के आदेश दिए तो विभागों ने आगे की कार्रवाई रविवार को ही शुरू कर दी। घर पर बैठकर अधिकारी सैलरी से संबंधित समस्याओं का हल कर रहे हैं। सभी विभागों से हाजिरी लेखा विभाग को आ गई है।
वहां से यह औपचारिकता पूरी करने के बाद ऑडिट विभाग के पास जाएगी। ऑडिट का कार्य 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। पीयू की प्लानिंग थी कि वेतन दो अप्रैल तक सभी को मिल जाए लेकिन एक अप्रैल को बैंकों की छुट्टी रहेगी और दो अप्रैल को रामनवमी का अवकाश है। इस कारण अब वेतन तीन अप्रैल आएगा। पीयू ने वेतन के मामले में तेजी से कार्य किया है। इससे शिक्षक व कर्मचारियों में खुशी है। कुछ लोगों को उम्मीद नहीं थी कि वेतन समय पर मिलेगा या पूरा मिलेगा लेकिन पीयू ने सभी को समान मानते हुए कार्य किया।
विज्ञापन
‘आपातस्थिति में ऑडिट की जरूरत क्या, बाद में भी हो सकता’
पीयू के कलेंडर के मुताबिक हर कार्य का प्री-ऑडिट होता है। चाहे वह निर्माण हो या फिर सैलरी। लेखा विभाग सैलरी के कागज ऑडिट को भेजता है। वहां इनकी जांच होती है। सही मिलने पर सैलरी जारी होती है। इस प्रक्रिया में समय लगता है। सूत्रों का कहना है कि अन्य सभी विभागों का वेतन बिना ऑडिट के पास होता है और वेतन मिलने के बाद आखिर में ऑडिट की आवश्यकता पड़ती है।
इस समय आपात स्थिति है। ऐसे में ऑडिट के बिना सैलरी मिलनी चाहिए थी। यदि पीयू में सैलरी के लिए ऑडिट की जरूरत नहीं होती तो 31 मार्च को ही वेतन मिल जाता। जानकारों का कहना है कि इस प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है। यदि आगे के माह में भी आपात स्थिति रहती है तो बिना ऑडिट के सैलरी देनी चाहिए ताकि देरी न हो। वहीं अगर यदि ऑडिट में बाद में कुछ कमी निकलती है तो उसकी पूर्ति आगे की सैलरी से कर ली जाए।
विज्ञापन
भारत सरकार ने कहा है कि सभी संस्थान अपने-अपने लोगों को समय पर वेतन दें और उसमें किसी प्रकार की कोई कटौती नहीं करें। इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू ने तैयारी कर ली है। वीसी प्रो. राजकुमार ने शनिवार को संबंधित विभागों को सैलरी जारी करने के आदेश दिए तो विभागों ने आगे की कार्रवाई रविवार को ही शुरू कर दी। घर पर बैठकर अधिकारी सैलरी से संबंधित समस्याओं का हल कर रहे हैं। सभी विभागों से हाजिरी लेखा विभाग को आ गई है।
विज्ञापन
वहां से यह औपचारिकता पूरी करने के बाद ऑडिट विभाग के पास जाएगी। ऑडिट का कार्य 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। पीयू की प्लानिंग थी कि वेतन दो अप्रैल तक सभी को मिल जाए लेकिन एक अप्रैल को बैंकों की छुट्टी रहेगी और दो अप्रैल को रामनवमी का अवकाश है। इस कारण अब वेतन तीन अप्रैल आएगा। पीयू ने वेतन के मामले में तेजी से कार्य किया है। इससे शिक्षक व कर्मचारियों में खुशी है। कुछ लोगों को उम्मीद नहीं थी कि वेतन समय पर मिलेगा या पूरा मिलेगा लेकिन पीयू ने सभी को समान मानते हुए कार्य किया।
विज्ञापन
‘आपातस्थिति में ऑडिट की जरूरत क्या, बाद में भी हो सकता’
पीयू के कलेंडर के मुताबिक हर कार्य का प्री-ऑडिट होता है। चाहे वह निर्माण हो या फिर सैलरी। लेखा विभाग सैलरी के कागज ऑडिट को भेजता है। वहां इनकी जांच होती है। सही मिलने पर सैलरी जारी होती है। इस प्रक्रिया में समय लगता है। सूत्रों का कहना है कि अन्य सभी विभागों का वेतन बिना ऑडिट के पास होता है और वेतन मिलने के बाद आखिर में ऑडिट की आवश्यकता पड़ती है।
इस समय आपात स्थिति है। ऐसे में ऑडिट के बिना सैलरी मिलनी चाहिए थी। यदि पीयू में सैलरी के लिए ऑडिट की जरूरत नहीं होती तो 31 मार्च को ही वेतन मिल जाता। जानकारों का कहना है कि इस प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है। यदि आगे के माह में भी आपात स्थिति रहती है तो बिना ऑडिट के सैलरी देनी चाहिए ताकि देरी न हो। वहीं अगर यदि ऑडिट में बाद में कुछ कमी निकलती है तो उसकी पूर्ति आगे की सैलरी से कर ली जाए।