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पंजाब यूनिवर्सिटी सितंबर में कराएगी फाइनल ईयर की परीक्षाएं, बनेगा विस्तृत प्लान, शुरू हुई तैयारी

Wed, 08 Jul 2020 12:22 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 08 Jul 2020 12:22 PM IST
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punjab university will conduct final year examinations in september
प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब विश्वविद्यालय यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक ही काम करेगा। मतलब फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाई जाएंगी। इसके लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जाएगा। सितंबर माह के आखिर में यह परीक्षाएं होंगी। इसे पीयू आगे-पीछे भी कर सकता है। साथ ही परीक्षा की अवधि डेढ़ से दो घंटे की हो सकती है। परीक्षा केंद्र कहां-कहां बनेंगे, यह तय करने के लिए पीयू प्रशासन बैठकें कर रहा है।
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जानकारी के अनुसार यूजीसी ने पहली गाइडलाइन जारी की थी कि विश्वविद्यालय अपने स्तर से परीक्षाएं कराने व न कराने पर निर्णय ले सकते हैं। पंजाब विश्वविद्यालय ने परीक्षा कराने की योजना बनाई लेकिन फिर पंजाब सरकार के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह तय हो गया कि छात्रों को प्रमोट किया जाएगा। बिना परीक्षा के पीयू छात्रों को प्रमोट नहीं करना चाहता था। वह चाहता है कि छात्रों की परीक्षाएं हों।
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वहीं दूसरी ओर छात्र भी पीयू पर दबाव डाल रहे थे कि परीक्षाएं किसी हाल में नहीं कराई जाएं। इस बीच अमर उजाला ने 17 जून को साफ कर दिया था कि पंजाब विश्वविद्यालय फाइनल ईयर की परीक्षाएं हर हाल में कराएगा क्योंकि फाइनल ईयर की डिग्री छात्र के भविष्य में काम आती है। बिना एग्जाम के प्रमोट करने से उन्हें नौकरी आदि में दिक्कत आएगी। इसी को ध्यान में रखकर पीयू ने परीक्षा कराने की सोची।
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हाल ही में फिर पंजाब सरकार ने कॉलेज व विश्वविद्यालयों के छात्रों को बिना एग्जाम के प्रमोट करने की घोषणा कर दी। इससे पीयू को झटका लगा। पीयू ने इस घोषणा को दरकिनार नहीं किया लेकिन उन्होंने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइन भी आ रही है और उसे भी देखा जाएगा। अब पीयू को गाइडलाइन मिल गई है और वह परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में जुट गया है।

इसलिए भी करानी होंगी परीक्षाएं

यूजीसी ने गाइडलाइन तैयार करने के लिए जिस कमेटी को जिम्मा दिया था उस कमेटी में मेंबर के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार हैं। सूत्रों का कहना है कि पीयू को तो अक्षरश: इस गाइड लाइन का पालन करना होगा। क्योंकि गृह मंत्रालय, एमएचआरडी ने भी इस गाइड लाइन को अनुमति दे दी है। ऐसे में परीक्षाएं फाइनल ईयर की होना तय हैं।

फाइनल ईयर में एक लाख से अधिक विद्यार्थी
पीयू व संबद्ध 196 कॉलेजों में फाइनल ईयर में एक लाख से अधिक विद्यार्थी हैं। इनका डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। परीक्षा केंद्र अधिकतर पंजाब में ही होंगे। बताया जाता है कि सर्वाधिक विद्यार्थी इसी राज्य से हैं। साथ ही कॉलेजों की संख्या भी पंजाब में ही सबसे अधिक है। इसके अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के भी सर्वाधिक विद्यार्थी पीयू में पढ़ते हैं।

बाकी राज्यों से यहां पढ़ने अधिक विद्यार्थी नहीं पहुंचते। ऐसे में पीयू हर राज्य में एक या दो केंद्र बनाकर परीक्षा आयोजित कर सकता है क्योंकि विद्यार्थी अपने-अपने राज्यों में आ-जा सकते हैं लेकिन पीयू नहीं पहुंच पाएंगे। पीयू इसके लिए प्लान तैयार कर रहा है।

पहले व दूसरे सेमेस्टर के छात्रों को प्रमोट करने का तैयार हो रहा है प्लान
फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को छोड़कर बाकी सेमेस्टर यानी पहले और दूसरे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को प्रमोट करने की योजना बनाई जा रही है। उसके लिए भी पीयू प्लान बनाने में जुट गया है। प्रमोट करने के लिए कौन-सा आधार होगा। यह तय किया जाएगा। आंतरिक मूल्यांकन को देखेंगे या कोई अन्य तरीका अपनाया जाएगा, यह तय हो रहा है।

ये है पीयू का जवाब
पीयू के डीपीआर कार्यालय की ओर से एक बयान जारी किया गया है। उसमें कहा है कि पीयू यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक कार्य कर रहा है। विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। ऐसा प्लान तैयार होगा ताकि छात्रों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
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