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पंजाब यूनिवर्सिटी शोधार्थियों से पहले शिक्षकों को बुलाएगी, 15 के बाद लागू हो सकती है व्यवस्था
Mon, 12 Oct 2020 12:19 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2020 12:19 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब विश्वविद्यालय शोधार्थियों को बुलाने से पहले शिक्षकों को बुलाएगा। अगर बिना शिक्षकों के शोधार्थियों को बुलाया गया तो उन्हें कौन गाइड करेगा। उनके बिना परामर्श के रिसर्च भी आगे नहीं बढ़ सकेगा। ऐसे में पीयू ऐसी योजना बना रही है कि शिक्षक पहले अपने विभागों में पहुंचना शुरू हों। 15 अक्तूबर के बाद नई व्यवस्था लागू हो सकती है।
जब से कोरोना शुरू हुआ है तभी से पीयू में शोध नहीं हो रहा। लॉकडाउन में सभी लोग अपने घरों पर रहे। अनलॉक- 3 आते-आते शिक्षकों के लिए रास्ते खोले गए कि वह विद्यार्थियों को विभागों में आकर ऑनलाइन पढ़ा सकते हैं। इस आदेश का कई शिक्षकों ने विरोध करते हुए कहा कि कोरोना के कारण तमाम कंपनियां या सरकारी मशीनरी शिक्षकों को घरों से काम करने की छूट दे रही हैं।
ऐसे में पीयू भी शिक्षकों के लिए कैंपस या विभाग आना अनिवार्य न करे। इस बात को पीयू प्रशासन ने दबाव के बाद मान लिया और शिक्षक अपने घरों से ही कार्य निपटा रहे हैं। ऐसे शिक्षकों की संख्या 70 फीसदी से अधिक है। विभाग में वही शिक्षक आ रहे हैं जो बड़े शोध प्रोजेक्ट से जुड़े हैं या फिर विभागाध्यक्ष आ रहे हैं।
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सोमवार को लग सकती है मुहर
इसी बीच सितंबर से शोधार्थियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें कैंपस बुलाया जाए। छात्रावास खोले जाएं। साथ ही पुस्तकालय भी खोलें। कई छात्र संगठनों ने आए दिन प्रदर्शन किए पीयू पर दबाव बना तो अब इन्हें बुलाने की योजना बनाई जाने लगी हैं। अब अनलॉक पांच चल रहा है। इसमें सर्वाधिक छूट दी गई हैं।
सूत्रों का कहना है कि कमेटी की पिछले दिनों हुई बैठक में यह सामने आया है कि शोधार्थियों को यदि कैंपस में आने की अनुमति दी जाती है तो उन्हें गाइड कौन करेगा। शोध उनका कैसे आगे बढ़ेगा? क्योंकि अधिकांश शिक्षक अपने घरों से ही कार्य कर रहे हैं। इस पर सहमति बन रही है कि पहले शिक्षकों का विभाग आना अनिवार्य किया जाएगा। उसके बाद शोधार्थियों को आने का न्यौता दिया जाएगा। सोमवार या मंगलवार को इस पर फाइनल निर्णय हो जाएगा।
रोस्टर बना सकती है पीयू
अनलॉक- 5 में इस बात का जिक्र किया गया है कि जो विद्यार्थी मास्टर डिग्री कर रहे हैं, जिनका संबंध प्रयोगशालाओं व शोध से जुड़ा है उन्हें शिक्षण संस्थान कैंपस बुला सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि पहले पीयू इन्हीं विद्यार्थियों को कैंपस बुलाएगी। इसके लिए भी दिन तय हो सकते हैं। दो दिन विज्ञान तो दो दिन अन्य संकाय के विद्यार्थियों को विभाग पहुंचने के लिए कहा जाए। हालांकि अभी फाइनल निर्णय नहीं है लेकिन इसके लिए रोस्टर बन सकता है।
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जब से कोरोना शुरू हुआ है तभी से पीयू में शोध नहीं हो रहा। लॉकडाउन में सभी लोग अपने घरों पर रहे। अनलॉक- 3 आते-आते शिक्षकों के लिए रास्ते खोले गए कि वह विद्यार्थियों को विभागों में आकर ऑनलाइन पढ़ा सकते हैं। इस आदेश का कई शिक्षकों ने विरोध करते हुए कहा कि कोरोना के कारण तमाम कंपनियां या सरकारी मशीनरी शिक्षकों को घरों से काम करने की छूट दे रही हैं।
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ऐसे में पीयू भी शिक्षकों के लिए कैंपस या विभाग आना अनिवार्य न करे। इस बात को पीयू प्रशासन ने दबाव के बाद मान लिया और शिक्षक अपने घरों से ही कार्य निपटा रहे हैं। ऐसे शिक्षकों की संख्या 70 फीसदी से अधिक है। विभाग में वही शिक्षक आ रहे हैं जो बड़े शोध प्रोजेक्ट से जुड़े हैं या फिर विभागाध्यक्ष आ रहे हैं।
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सोमवार को लग सकती है मुहर
इसी बीच सितंबर से शोधार्थियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें कैंपस बुलाया जाए। छात्रावास खोले जाएं। साथ ही पुस्तकालय भी खोलें। कई छात्र संगठनों ने आए दिन प्रदर्शन किए पीयू पर दबाव बना तो अब इन्हें बुलाने की योजना बनाई जाने लगी हैं। अब अनलॉक पांच चल रहा है। इसमें सर्वाधिक छूट दी गई हैं।
सूत्रों का कहना है कि कमेटी की पिछले दिनों हुई बैठक में यह सामने आया है कि शोधार्थियों को यदि कैंपस में आने की अनुमति दी जाती है तो उन्हें गाइड कौन करेगा। शोध उनका कैसे आगे बढ़ेगा? क्योंकि अधिकांश शिक्षक अपने घरों से ही कार्य कर रहे हैं। इस पर सहमति बन रही है कि पहले शिक्षकों का विभाग आना अनिवार्य किया जाएगा। उसके बाद शोधार्थियों को आने का न्यौता दिया जाएगा। सोमवार या मंगलवार को इस पर फाइनल निर्णय हो जाएगा।
रोस्टर बना सकती है पीयू
अनलॉक- 5 में इस बात का जिक्र किया गया है कि जो विद्यार्थी मास्टर डिग्री कर रहे हैं, जिनका संबंध प्रयोगशालाओं व शोध से जुड़ा है उन्हें शिक्षण संस्थान कैंपस बुला सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि पहले पीयू इन्हीं विद्यार्थियों को कैंपस बुलाएगी। इसके लिए भी दिन तय हो सकते हैं। दो दिन विज्ञान तो दो दिन अन्य संकाय के विद्यार्थियों को विभाग पहुंचने के लिए कहा जाए। हालांकि अभी फाइनल निर्णय नहीं है लेकिन इसके लिए रोस्टर बन सकता है।