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दिल्ली तक पहुंचा संदेश, पंजाब विश्वविद्यालय सिंडिकेट में होगा बदलाव
Sat, 24 Aug 2019 09:32 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Aug 2019 09:32 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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वीरवार को हुई सीनेट की बैठक का संदेश दिल्ली पहुंचने के बाद सिंडिकेट के चुनाव के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। सिंडिकेट में बड़े बदलाव के लिए दो ग्रुप एक होने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए डीएवी व डॉ. सुभाष शर्मा ग्रुप एक हो रहा है। इन दोनों ग्रुपों के बीच डीएवी मैनेजमेंट में शामिल दिल्ली के एक बड़े भाजपा नेता आए हैं, जिन्होंने दोनों ग्रुपों को मिलकर काम करने की सलाह दी है।
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माना जा रहा है कि इस बार सिंडिकेट में बहुतायत में इन ग्रुपों का दबदबा होगा। हालांकि वर्तमान ग्रुप भी कम नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि उस ग्रुप में शामिल एक प्रमुख व्यक्ति को डीएवी व डॉ. सुभाष अपने पक्ष में ले सकते हैं। उसकी कवायद शुरू हो गई है। वीरवार को हुई सीनेट की बैठक में डीएवी ग्रुप के अधिकांश सदस्य डॉ. सुभाष शर्मा की ओर नजर आए।
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धरना देने की बारी आई तो यह सदस्य नहीं पहुंचे। केवल एक ही सदस्य उठकर वहां तक पहुंचा था जबकि इनके ग्रुप में 12 सदस्य हैं। सूत्रों का कहना है कि सिंडिकेट के लिए डीएवी व डॉ. सुभाष शर्मा ग्रुप मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो सिंडिकेट में अधिकांश सीटों पर इनका कब्जा होगा। आर्ट, लैंग्वेज, कंबाइड में इन ग्रुपों का प्रभाव है।
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मेडिकल के लिए भी यह लोग काम कर रहे हैं। हालांकि जहां कमी महसूस होगी वहां वर्तमान सिंडिकेट के एक ग्रुप को अपने पाले में ला सकते हैं। यह भी संदेश दिया जा रहा है कि अब सिंडिकेट राजनीति के लिए नहीं आएगी, पीयू के उत्थान के लिए चुनाव लड़ेगी।
अगर यह दोनों ग्रुप कामयाब होते हैं तो सीनेट में इनका दबदबा होगा। विक्की व सांगा ग्रुप भी उनके साथ है। ऐसे में 41 से अधिक सीटें इनके पाले में आ सकती हैं। वहीं दूसरी ओर गोयल ग्रुप भी सीनेट की बैठक के बाद आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं, लेकिन राजनीतिक पंडितों ने संकेत किया है कि वर्तमान जो सिंडिकेट का ग्रुप है वह आगे एक होकर चुनाव लड़ता नहीं दिखेगा।