फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab University Semester Exam in July, students of Containment and Red Zone will not be able to appear

पंजाब यूनिवर्सिटी के सेमेस्टर एग्जाम जुलाई में, कंटेनमेंट व रेड जोन के छात्र नहीं दे पाएंगे परीक्षा

Fri, 29 May 2020 12:22 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 29 May 2020 12:22 PM IST
सार

  • एक सत्र की परीक्षा में अधिकतम 150 छात्र भाग ले सकेंगे
  • परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी
  • फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा

विज्ञापन
Punjab University Semester Exam in July, students of Containment and Red Zone will not be able to appear
परीक्षा नियंत्रक, परविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब यूनिवर्सिटी ने भारी दबाव के बाद परीक्षा कार्यक्रम तो जारी किया, लेकिन वह आधा अधूरा है। जुलाई में पीयू परीक्षाएं करवाएगा, लेकिन किस तिथि से होंगी यह नहीं बताया। इस परीक्षा में कंटेनमेंट व रेड जोन के विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाएंगे, लेकिन उन्हें कैसे पहचाना जाएगा, यह भी कार्यक्रम में नहीं बताया गया। इसके अलावा इन क्षेत्रों के स्टाफ भी परीक्षा में ड्यूटी नहीं कर पाएंगे।

विज्ञापन


पीयू प्रशासन ने सभी विभाग अध्यक्षों व 196 कॉलेजों के प्रिंसिपल को चिट्ठी लिखी है कि वह परीक्षा की तैयारियों में जुट जाएं और जो गाइड लाइन दी गई हैं उनका पालन करवाएं। परीक्षा पीयू करवाएगा या नहीं, इसको लेकर छात्रों को परेशानी हो रही थी। असमंजस की स्थिति थी कि परीक्षा होगी या वैसे ही छात्रों को प्रमोट किया जाएगा। इस मामले को अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित किया तो उसके बाद पीयू ने जल्दबाजी में कार्यक्रम जारी किया।
विज्ञापन


छात्र मान रहे थे वैसे ही प्रमोट किया जाएगा.. अब देनी होगी परीक्षा
छात्रों को यह लग रहा था कि यूजीसी ने पिछले प्रदर्शन के आधार पर छात्रों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करने का जो सुझाव विश्वविद्यालयों को दिया है वह विश्वविद्यालय मान जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए पीयू ने तैयारी शुरू कर दी। कई बार परीक्षा कार्यक्रम बनाया गया, लेकिन लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुआ। उसके बाद छात्रों असमंजस में थे कि उनकी परीक्षाएं होंगी कि नहीं। या वैसे ही उन्हें प्रमोट किया जाएगा। परीक्षा की तैयारी वह करें या नहीं, इसको लेकर भी दिमाग में तमाम सवाल घूम रहे थे। इसी को लेकर अमर उजाला ने कई बार छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे बना परीक्षा का माहौल
परीक्षा कराने व न कराने को लेकर भी छात्र संगठन आमने-सामने आ गए। लेकिन जब शिक्षकों ने कहा कि परीक्षाएं होनी चाहिए तो पीयू ने परीक्षा कार्यक्रम तय किया। कार्यक्रम के जरिये एक बात तो तय हो गई कि परीक्षाएं होंगी। लेकिन कौन कौन से सेमेस्टर की होंगी यह नहीं लिखा गया। अभी छात्रों में कंफ्यूजन की स्थिति बनी है। सिर्फ परीक्षा लेते समय क्या सावधानी बरतनी हैं, यही बताया गया है।

जानकारी सही से न देने पर छात्रों ने किया विरोध
पीयू के इस परीक्षा कार्यक्रम में यह तय नहीं है कि कौन से सेमेस्टर के एग्जाम होंगे। रेड व कंटोनमेंट जोन के विद्यार्थियों को कैसे पहचाना जाएगा। इसके बारे में जानकारी न होने के कारण छात्रों ने विरोध दर्ज कराया है और स्पष्टीकरण भी मांगा है। एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने पीयू प्रशासन को मेल किया है। कई सवालों के जवाब मांगे हैं। साथ ही इनसो चेयरमैन रजत नैन ने भी कहा है कि छात्रों का सिलेबस पूरा नहीं है, ऐसे में जल्दबाजी में कैसे एग्जाम हो सकते हैं। कई अन्य सवाल भी उठाए हैं।

परीक्षा के समय इनका पालन करना होगा

- एक सत्र की परीक्षा में अधिकतम 150 छात्र भाग ले सकेंगे।
- परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी।
- फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
- परीक्षार्थियों और स्टाफ को पीने का पानी लाना होगा। साथ ही डिस्पोजेबल ग्लास भी।
- परीक्षा हाल में बैठने की क्षमता का एक तिहाई ही विद्यार्थियों को बैठाया जाएगा।
- प्रत्येक विद्यार्थी के बीच की दूरी चार से छह फीट की होगी।
- प्रत्येक परीक्षार्थी को थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा।
- लड़कों व लड़कियों की थर्मल स्क्रीनिंग अलग अलग की जाएगी।
- कमरों को सैनिटाइज करवाया जाएगा।
- रेड व कंटोनमेंट इलाके के छात्रों व स्टाफ का प्रवेश नहीं होगा।
- परीक्षा कक्ष हवादार हो, रोशनी व पंखे की व्यवस्था करनी होगी।
- स्टाफ को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed