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पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने बनाया नैनो टैक्नोलॉजी बेस्ड प्रोडक्ट, कॉस्मैटिक इंडस्ट्री को मिलेगा

Mon, 23 Dec 2019 04:18 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 23 Dec 2019 04:18 PM IST
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punjab university professor made nano technology based cosmatic product
पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी राजकुमार - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी के यूआईपीएस की असिस्टेंट प्रोफेसर वंदिता कक्कर ने नैनो टैक्नोलॉजी बेस्ड प्रोडक्ट बनाया है। यह प्रोडक्ट कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में काम में लिया जाएगा। इसके लिए पीयू ने हाईटेक फॉर्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे समाज के लोगों को इस नई टैक्नोलॉजी और रिसर्च का लाभ मिल सके। विज्ञान के विषय में की गई इस रिसर्च के लिए पीयू वाइस चांसलर राजकुमार ने प्रो. कक्कर को शुभकामनाएं दी।
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हाईटेक फॉर्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड त्वचा विज्ञान, कॉस्मेटोलॉजी विनिर्माण और डेंटल सेगमेंट श्रेत्र में उत्पादों की पेशकश करती है। इस मौके पर वीसी प्रो. राज कुमार, हाईटैक फॉर्मूलेशन के डायरेक्टर जसप्रीत सिंह गुलाटी, डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला और यूआईपीएस चेयरपर्सन प्रो. कमलजीत चौपड़ा उपस्थित रहे।
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प्रोडक्ट लोशन और क्रीम के रूप में होगा उपलब्ध
प्रोफेसर वंदिता कक्कर ने बताया कि यह टैट्राहाइड्रोकुरक्यूमिन ( टीएचसी) का नैनो आधारित प्रोडक्ट है। इसे सफेद क्युरक्यूमिन के रूप में संदर्भित किया जाता है। यह उत्पाद लोशन, क्रीम और हाइड्रोजल के रूप में लोगों को उपलब्ध होगा। इसके पेटेंट के लिए डॉ. कक्कर ने प्रोडक्ट की पूरी जांच के बाद अप्लाई कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह प्रोडक्ट एकदम नैचुरल है। यह प्रोडक्ट बिना दाग-धब्बों, गैर-जलनयुक्त, स्वच्छ और प्रभावी है।
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डॉ. कक्कर को मिली 50 लाख की ग्रांट
प्रो. नंदिता कक्कर को बायोटैक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च अस्सिटेंस काउंसिल, भारत सरकार की ओर से बायोटैक्नोलॉजी इग्निशन ग्रांट (बिग) के तहत 50 लाख रूपये की राशि मिली है। यह ग्रांट उन्हें बायोनेस्ट, पंजाब यूनिवर्सिटी फॉर इनोवेशन एंड टैक्नोलॉजी ट्रांसफर में उनके काम के लिए दी गई है।
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