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खुशखबरीः पंजाब यूनिवर्सिटी में अब ऑनलाइन मिलेंगी स्नातक की डिग्रियां, पासवर्ड से निकाल सकेंगे
Sun, 08 Mar 2020 03:49 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2020 03:49 PM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से पोस्ट ग्रेजुएट 16 हजार विद्यार्थियों की डिग्रियां ऑनलाइन करने के बाद अब स्नातक की डिग्रियों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर जल्द काम शुरू होने की संभावना है। डिग्रियां ऑनलाइन होने के बाद विद्यार्थी नेशनल एकेडमिक डिपोस्टरी से कोड लेकर अपनी डिग्रियां ले सकेंगे। ऐसा होने के बाद विद्यार्थियों को डिग्रियों के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
ऐसे हुईं पीजी की डिग्रियां ऑनलाइन
पीयू के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के मुताबिक वर्ष 2016-17 से पास आउट हुए पीजी विद्यार्थी यह डिग्रियां ऑनलाइन ले सकते हैं। संबंधित एजेंसी को डिग्री का प्रोफार्मा दिया गया है जो विद्यार्थियों को मिलेगी, उस पर कहीं भी सवाल नहीं उठाए जा सकेंगे। यदि कहीं नौकरी या एडमिशन के लिए विद्यार्थी वेरीफिकेशन करवाना चाहते हैं तो वह सीधे संबंधित संस्थान को कोड दें वह एक ही मिनट में वेरीफाई कर लेंगे।
इससे समय की बचत होगी और काम भी आसानी से हो जाएगा। वर्ष 2016-17 से पूर्व में जिन विद्यार्थियों ने पीजी किया है उनकी डिग्रियां भी ऑनलाइन होंगी। उसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं। इसी तरह अंडर ग्रेजुएट विद्यार्थियों की डिग्रियां ऑनलाइन की जाएंगी। इसके लिए पीयू दूसरे चरण का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
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पूरा रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन
पीयू की स्थापना से लेकर अब तक जितने विद्यार्थी पढ़े हैं उनका पूरा रिकॉर्ड भी ऑनलाइन होगा, जिसको एक कोड के जरिये चेक किया जा सकेगा। हर बार की तरह इस बार भी पीयू विद्यार्थियों, शिक्षकों को सूचना देने के लिए 50 लाख मैसेज शैक्षिक सत्र में जारी करेगा। रोल नंबर, परीक्षा की डेटशीट, रिजल्ट, डिग्री आदि की सूचनाएं विद्यार्थियों को मैसेज से दी जा रही है। साथ ही शिक्षकों को जहां परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाता है तो उन्हें भी मैसेज किए जा रहे हैं।
अब यहां नहीं होती है भीड़
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में एक दशक पहले परीक्षा संबंधित समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों की लाइन लगती थी, लेकिन अब साल में बमुश्किल ऑनलाइन 20 से 25 शिकायतें ही मिलती हैं। वह भी 24 घंटे में निस्तारित की जा रही हैं। पीयू का यह विभाग हर कार्य को ऑनलाइन करने में जुटा हुआ है। अधिकांश कार्यों में सफलता पा ली गई है। 196 कॉलेजों के शिक्षक व विद्यार्थियों की समस्याएं ऑनलाइन हल की जा रही हैं।
डीएमसी इश्यू को एक सप्ताह में शॉर्टआउट किया जा रहा है। विभाग के जिम्मेदार लोगों का कहना है कि प्रोविजनल डिग्रियों की समस्या निस्तारण में अधिकतम दो दिन में निपटाया जा रहा है। हर कार्य को पूरा करने के लिए जो समय निर्धारित किया गया है वह उसी समय में निस्तारित की जा रही हैं। साथ ही समय पर विद्यार्थियों को रिजल्ट भी दिया जा रहा है।
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ऐसे हुईं पीजी की डिग्रियां ऑनलाइन
पीयू के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के मुताबिक वर्ष 2016-17 से पास आउट हुए पीजी विद्यार्थी यह डिग्रियां ऑनलाइन ले सकते हैं। संबंधित एजेंसी को डिग्री का प्रोफार्मा दिया गया है जो विद्यार्थियों को मिलेगी, उस पर कहीं भी सवाल नहीं उठाए जा सकेंगे। यदि कहीं नौकरी या एडमिशन के लिए विद्यार्थी वेरीफिकेशन करवाना चाहते हैं तो वह सीधे संबंधित संस्थान को कोड दें वह एक ही मिनट में वेरीफाई कर लेंगे।
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इससे समय की बचत होगी और काम भी आसानी से हो जाएगा। वर्ष 2016-17 से पूर्व में जिन विद्यार्थियों ने पीजी किया है उनकी डिग्रियां भी ऑनलाइन होंगी। उसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं। इसी तरह अंडर ग्रेजुएट विद्यार्थियों की डिग्रियां ऑनलाइन की जाएंगी। इसके लिए पीयू दूसरे चरण का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
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पूरा रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन
पीयू की स्थापना से लेकर अब तक जितने विद्यार्थी पढ़े हैं उनका पूरा रिकॉर्ड भी ऑनलाइन होगा, जिसको एक कोड के जरिये चेक किया जा सकेगा। हर बार की तरह इस बार भी पीयू विद्यार्थियों, शिक्षकों को सूचना देने के लिए 50 लाख मैसेज शैक्षिक सत्र में जारी करेगा। रोल नंबर, परीक्षा की डेटशीट, रिजल्ट, डिग्री आदि की सूचनाएं विद्यार्थियों को मैसेज से दी जा रही है। साथ ही शिक्षकों को जहां परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाता है तो उन्हें भी मैसेज किए जा रहे हैं।
अब यहां नहीं होती है भीड़
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में एक दशक पहले परीक्षा संबंधित समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों की लाइन लगती थी, लेकिन अब साल में बमुश्किल ऑनलाइन 20 से 25 शिकायतें ही मिलती हैं। वह भी 24 घंटे में निस्तारित की जा रही हैं। पीयू का यह विभाग हर कार्य को ऑनलाइन करने में जुटा हुआ है। अधिकांश कार्यों में सफलता पा ली गई है। 196 कॉलेजों के शिक्षक व विद्यार्थियों की समस्याएं ऑनलाइन हल की जा रही हैं।
डीएमसी इश्यू को एक सप्ताह में शॉर्टआउट किया जा रहा है। विभाग के जिम्मेदार लोगों का कहना है कि प्रोविजनल डिग्रियों की समस्या निस्तारण में अधिकतम दो दिन में निपटाया जा रहा है। हर कार्य को पूरा करने के लिए जो समय निर्धारित किया गया है वह उसी समय में निस्तारित की जा रही हैं। साथ ही समय पर विद्यार्थियों को रिजल्ट भी दिया जा रहा है।