फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   student leaders not in favour to make isolation wards in punjab university hostels

पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने को लेकर हुआ बखेड़ा, छात्र नेता बोले...

Thu, 16 Apr 2020 02:39 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 16 Apr 2020 02:39 PM IST
विज्ञापन
student leaders not in favour to make isolation wards in punjab university hostels
सांकेतिक तस्वीर
यूटी प्रशासन की ओर से पीयू के चार हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने के प्रस्ताव पर बखेड़ा हो गया। पीयू की स्टूडेंट काउंसिल ने कहा है कि इस निर्णय से विद्यार्थियों में भविष्य में संक्रमण हो सकता है। इस निर्णय को या तो वापस लिया जाए या फिर पीयू प्रशासन अपने गेस्ट हाउस इस कार्य के लिए दे। पीयू प्रशासन के अधिकारी बुधवार को भी इसको लेकर मंथन करते नजर आए। साथ ही यूटी प्रशासन को भी विद्यार्थियों की समस्याओं को लिखा गया है।
विज्ञापन


पीयू में सर्वाधिक हॉस्टल हैं और यहां रुकने की व्यवस्था भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने पीयू से हॉस्टलों की डिटेल मांगी थी। माना जा रहा है कि यूटी प्रशासन ने अपने कागजों में इन हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने का पूरा खाका सामने रख दिया है। पीयू प्रशासन को इसका पता लगा तो वह भी चक्कर खा गया। अचानक ऐसे कैसे हो सकता है। पीयू ने यूटी प्रशासन का पत्र आने के बाद काफी मंथन किया है और आए दिन इसको लेकर बैठकें हो रही हैं। तय नहीं हो पा रहा है कि पीयू करे तो क्या करे।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि इसके लिए यूटी प्रशासन को पत्र भेजा गया है। वहां से जैसे ही कुछ निर्देश मिलेंगे उसके बाद पीयू अपनी तैयारी करेगा। अमर उजाला ने विद्यार्थियों की परेशानियों व पीयू प्रशासन के रुख को सामने रखा तो स्टूडेंट काउंलिस के नेता भी जाग गए। उन्होंने कई मेल पीयू प्रशासन के अधिकारियों को किए हैं। पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी ने कहा है कि हॉस्टलों में विद्यार्थियों का सामान है। हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड न बनाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


यही बात उपाध्यक्ष राहुल कुमार, ज्वाइंट सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह माहल व एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने मेल करके कही है। इन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों का सामान संक्रमित हो गया तो विद्यार्थियों के सामने बड़ा संकट खड़ा होगा। इस प्रक्रिया से कोरोना बढ़ सकता है। उन्होंने पीयू प्रशासन से कहा है कि वह अपने गेस्ट हाउस इस कार्य के लिए दे सकते है। इन गेस्ट हाउस में अटैच बाथरूम भी हैं। पीयू प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले में निर्णय ले। छात्र नेताओं ने साफ कहा है कि हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने से पहले पीयू प्रशासन को सौ बार सोच लेना चाहिए।


करानी होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
सूत्रों का कहना है कि यूटी प्रशासन यदि हॉस्टलों की मांग करेगा तो फिर पीयू प्रशासन चार हॉस्टल के ताले खुलवाएगा। इसके लिए बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई जाएगी। एक-एक स्टूडेंट के सामान की लिस्टिंग करनी होगी। पूरा रिकॉर्ड पीयू को रखना होगा। सामान कहां रखा जाएगा, इसके लिए भी पीयू को जगह का चयन करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed