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पंजाब यूनिवर्सिटी के हाथ लगा 72.94 लाख का प्रोजेक्ट, संवरेगा युवाओं का भविष्य, मिलेंगी नौकरियां
Thu, 02 Apr 2020 02:50 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 02:50 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी
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पंजाब यूनिवर्सिटी के हाथ एक और बड़ा प्रोजेक्ट लगा है। यह प्रोजेक्ट 72.94 लाख रुपये का है। इस बजट से एससी-एसटी समेत कई वर्ग के विद्यार्थियों का कौशल विकास किया जाएगा। उनको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के क्षेत्र के लिए तैयार किया जाएगा ताकि उन्हें नौकरी के अवसर मिल सकें।
इस प्रोजेकट का नाम ‘कैपिसिटी बिल्डिंग एंड रिसर्च एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर’ है। यह प्रोजेक्ट यूआईईटी के डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. अमनदीप वर्मा, डॉ. पुनीत जय कौर, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. साक्षी कौशल, डॉ. आकाशदीप को मिला है। वह एससी-एसटी समेत अन्य वर्ग के युवाओं को इस तरह प्रशिक्षण देंगे कि वह इन प्रमुख क्षेत्रों में जाकर अपना झंडा लहरा सकें। यह प्रस्ताव इन शिक्षकों ने मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी को भेजा था जहां से इसे मंजूरी मिल गई।
मालूम हो कि हर दिन पीयू के हाथ कोई न कोई रिसर्च प्रोजेक्ट लग रहा है। साथ ही बजट भी भारत सरकार की ओर से मिल रहा है। लगातार रिसर्च के क्षेत्र में पीयू आगे बढ़ रहा है। इस पर वीसी प्रो. राजकुमार ने सभी को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए वह काम कर रहे हैं। साथ ही उसके लिए बजट की व्यवस्था की जा रही है। रूसा के तहत 50 करोड़ रुपये की जो मंजूरी मिली है वह बड़ा काम है। यह रकम जैसे ही मिलेगी तो संबंधित शिक्षकों को रिसर्च के लिए दी जाएगी। इस रकम से बड़े पैमाने पर पीयू रिसर्च करेगा।
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इस प्रोजेकट का नाम ‘कैपिसिटी बिल्डिंग एंड रिसर्च एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर’ है। यह प्रोजेक्ट यूआईईटी के डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. अमनदीप वर्मा, डॉ. पुनीत जय कौर, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. साक्षी कौशल, डॉ. आकाशदीप को मिला है। वह एससी-एसटी समेत अन्य वर्ग के युवाओं को इस तरह प्रशिक्षण देंगे कि वह इन प्रमुख क्षेत्रों में जाकर अपना झंडा लहरा सकें। यह प्रस्ताव इन शिक्षकों ने मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी को भेजा था जहां से इसे मंजूरी मिल गई।
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मालूम हो कि हर दिन पीयू के हाथ कोई न कोई रिसर्च प्रोजेक्ट लग रहा है। साथ ही बजट भी भारत सरकार की ओर से मिल रहा है। लगातार रिसर्च के क्षेत्र में पीयू आगे बढ़ रहा है। इस पर वीसी प्रो. राजकुमार ने सभी को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए वह काम कर रहे हैं। साथ ही उसके लिए बजट की व्यवस्था की जा रही है। रूसा के तहत 50 करोड़ रुपये की जो मंजूरी मिली है वह बड़ा काम है। यह रकम जैसे ही मिलेगी तो संबंधित शिक्षकों को रिसर्च के लिए दी जाएगी। इस रकम से बड़े पैमाने पर पीयू रिसर्च करेगा।
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