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प्रो. देवेंद्र सिंह हो सकते हैं नए डीएसडब्ल्यू, पंजाब यूनिवर्सिटी ने सिंडिकेट को भेजा सप्लीमेंट एजेंडा
Fri, 29 May 2020 11:46 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2020 11:46 AM IST
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प्रो. देवेंद्र सिंह पीयू के अगले डीएसडब्ल्यू हो सकते हैं। उनको डीएसडब्ल्यू बनाने का प्रस्ताव पीयू की ओर से सिंडिकेट के सभी मेंबर्स को भेजा गया है। इस प्रस्ताव पर 30 मई को चर्चा होगी। सभी की एकराय होने के बाद इस नाम पर मुहर लगेगी। हालांकि गोयल ग्रुप पहले भी प्रो. देवेंद्र सिंह के नाम पर आपत्ति लगा चुका है। महिला डीएसडब्ल्यू पद के लिए प्रो. सुखबीर कौर का नाम शामिल किया गया है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर 30 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी जगह किसी सीनियर प्रोफेसर को जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही 30 मई को ही सिंडिकेट की बैठक है, लेकिन बैठक के एजेंडे में डीएसडब्ल्यू प्रकरण नहीं रखा गया। गोयल ग्रुप की मांग भी थी कि इस एजेंडे को भी लाया जाए। वीरवार की देर शाम पीयू की ओर से प्रस्ताव सिंडिकेट के मेंबर्स को भेज दिया गया। यह सप्लीमेंट एजेंडा है।
सूत्रों का कहना है कि प्रो. देवेंद्र सिंह के नाम पर बहस काफी होगी। क्योंकि पहले भी डीएसडब्ल्यू के लिए उनका नाम चला था और सीनेट में हंगामा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि सिंडिकेट में बहुमत गोयल ग्रुप का है, जो वह चाहेंगे वही होगा। मालूम हो कि प्रो. देवेंद्र सीनियर प्रोफेसर हैं और पीयू तक वह पैदल चलकर पहुंचे हैं। उनका संघर्ष काफी बड़ा रहा है। साथ ही पीयू में उनकी अच्छी पकड़ भी है और वह एसवीसी के अलावा पुटा के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर 30 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी जगह किसी सीनियर प्रोफेसर को जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही 30 मई को ही सिंडिकेट की बैठक है, लेकिन बैठक के एजेंडे में डीएसडब्ल्यू प्रकरण नहीं रखा गया। गोयल ग्रुप की मांग भी थी कि इस एजेंडे को भी लाया जाए। वीरवार की देर शाम पीयू की ओर से प्रस्ताव सिंडिकेट के मेंबर्स को भेज दिया गया। यह सप्लीमेंट एजेंडा है।
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सूत्रों का कहना है कि प्रो. देवेंद्र सिंह के नाम पर बहस काफी होगी। क्योंकि पहले भी डीएसडब्ल्यू के लिए उनका नाम चला था और सीनेट में हंगामा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि सिंडिकेट में बहुमत गोयल ग्रुप का है, जो वह चाहेंगे वही होगा। मालूम हो कि प्रो. देवेंद्र सीनियर प्रोफेसर हैं और पीयू तक वह पैदल चलकर पहुंचे हैं। उनका संघर्ष काफी बड़ा रहा है। साथ ही पीयू में उनकी अच्छी पकड़ भी है और वह एसवीसी के अलावा पुटा के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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