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आवास आवंटनः पंजाब यूनिवर्सिटी ने अदालत में दिया झूठा शपथ पत्र, खड़ी हुई बड़ी मुसीबत

Mon, 24 Aug 2020 02:39 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 24 Aug 2020 02:39 PM IST
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punjab university submitted false affidavit in punjab haryana high court
पंजाब यूनिवर्सिटी
पंजाब विश्वविद्यालय ने आवास आवंटन प्रकरण में उच्च न्यायालय में एक झूठा शपथपत्र दे दिया। वहीं आदेशों के साथ छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा आवास के नंबर भी बदल दिए। इस सबको लेकर पीयू कटघरे में है। इस मामले में उच्च न्यायालय में अब अगली सुनवाई 17 सितंबर को है।
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पीयू के सीनियर कर्मचारी हरप्रीत सिंह ने पीयू वीसी को एक पत्र दिया और मेडिकल बेस पर ग्राउंड फ्लोर का आवास मांगा। प्रभारी वीसी व तत्कालीन डीयूआई ने आदेश कर दिए। आरोप लगा कि पीयू के एक डिप्टी रजिस्ट्रार ने इस आदेेश की अवहेलना की। वहीं कर्मचारी के साथ अभद्रता भी की। प्रताड़ित किए जाने के बाद मामला उच्च न्यायालय में चला गया। उच्च न्यायालय ने पीयू को नोटिस भेजकर इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी।
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सूत्रों का कहना है कि पीयू ने जो रिपोर्ट उच्च न्यायालय में दी है, उसमें अभिलेखों से छेड़छाड़ की गई है। तत्कालीन डीयूआई ने जो आदेश आवास देने के लिए किए थे, उसमें कई शब्द उसी कलम से बढ़ा दिए गए जबकि इसकी मूल प्रति कर्मचारी के पास मौजूद है। इसके अलावा एफिडेविट में कर्मचारी के नाम जो आवास आवंटित है, उसका नंबर भी बदल दिया गया।
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कमेटी की नहीं हुई बैठक, डिप्टी रजिस्ट्रार ने रिपोर्ट में कहा- प्रकरण निपटा
यही नहीं इस प्रकरण की जांच को वीसी की ओर से बनाई गई कमेटी ने बैठक भी नहीं की जबकि एक साल बीत गया। दूसरी ओर डिप्टी रजिस्ट्रार ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बता दिया कि प्रकरण निपट गया जबकि कमेटी की बैठक हुई ही नहीं। इस प्रकरण के सभी अभिलेख पीयू से आरटीआई के जरिये भी मांगे गए, उनमें भी यह खुलासा हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि आवासों को लेकर यह प्रकरण नजीर बनेगा ताकि पीयू आगे कर्मचारियों के साथ भेदभाव न कर सके।


प्रोफेसर बोले- पहले हमें मिले घर
उधर, कुछ एसोसिएट प्रोफेसर को तो घर मिल गए जबकि प्रोफेसरों को नहीं मिले हैं। इसको लेकर प्रोफेसरों में आक्रोश है। उन्होंने हस्ताक्षर अभियान चलाकर पीयू के अधिकारियों को भेजा है। साथ ही मांग की है कि पहले प्रोफेसरों को आवास मिले।
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