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पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के मैदान में कौन-कौन टिकेंगे, आज साफ हो जाएगी तस्वीर
Sat, 31 Aug 2019 12:51 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2019 12:51 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव
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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में टिकेगा, इसका निर्धारण शनिवार को नाम वापसी के बाद हो जाएगा। माना जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए किए गए नामांकन में से 15 से अधिक नाम वापस होंगे। बड़े संगठन भी एक-दूसरे से गठबंधन करेंगे। शनिवार के बाद तय हो जाएगा कि कौनसा संगठन कितने पानी में है और किस आधार पर वह चुनाव लड़ेंगे।
इस बार छात्र संगठनों की संख्या 14 है। बड़े छात्र संगठनों ने एबीवीपी, एनएसयूआई, एसएफएस, सोई, पूसू आदि हैं। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय बताया जा रहा है। किसी एक संगठन का पलड़ा भारी होता नजर नहीं आ रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस बार छात्र संगठनों के पास मुद्दे नहीं है। कोई संगठन पुराने रिकॉर्ड दिखाकर वोट मांग रहा है तो कोई देशहित की बात कर रहा है।
एक संगठन सीनेट में लिए गए निर्णय को आगे बढ़ा रहा है। छोटे-छोटे संगठन ऐसे हैं जिन्होंने अध्यक्ष की बजाय सचिव व ज्वाइंट सेक्रेटरी के लिए आवेदन किए हैं। बताया जाता है कि यह संगठन बड़े संगठनों में मर्ज हो सकते हैं। अलग-अलग चुनाव लड़ने से इनको भी फायदे नजर नहीं आ रहे हैं।
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इस बार छात्र संगठनों की संख्या 14 है। बड़े छात्र संगठनों ने एबीवीपी, एनएसयूआई, एसएफएस, सोई, पूसू आदि हैं। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय बताया जा रहा है। किसी एक संगठन का पलड़ा भारी होता नजर नहीं आ रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस बार छात्र संगठनों के पास मुद्दे नहीं है। कोई संगठन पुराने रिकॉर्ड दिखाकर वोट मांग रहा है तो कोई देशहित की बात कर रहा है।
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एक संगठन सीनेट में लिए गए निर्णय को आगे बढ़ा रहा है। छोटे-छोटे संगठन ऐसे हैं जिन्होंने अध्यक्ष की बजाय सचिव व ज्वाइंट सेक्रेटरी के लिए आवेदन किए हैं। बताया जाता है कि यह संगठन बड़े संगठनों में मर्ज हो सकते हैं। अलग-अलग चुनाव लड़ने से इनको भी फायदे नजर नहीं आ रहे हैं।
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