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पंजाब यूनिवर्सिटी मार्च तक करेगी 26 सहायक प्रोफेसर की भर्ती, नैक की रैंकिंग बड़ी वजह
Thu, 24 Dec 2020 02:08 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 02:08 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी मार्च तक 26 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा 21 अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां भी हो सकती हैं। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना है। स्थायी शिक्षकों के आए आवेदनों की जांच की प्रक्रिया जनवरी में ही शुरू होने के आसार हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी यह इसलिए करना चाहती है ताकि शिक्षक व छात्र अनुपात ठीक हो सके।
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साथ ही खास कारण यह भी है कि पंजाब यूनिवर्सिटी चाहती है कि नैक की टीम जब भी आए तो उसे कमी नजर न आए और बेहतर अंक मिलें। यदि शिक्षकों की भर्तियां करने में पीयू सफल होती है तो इसका प्रभाव रैंकिंग पर भी पड़ेगा।
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पीयू ने पिछले साल 26 सहायक प्रोफेसरों की रिक्तियां निकाली थीं। इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। एक हजार से अधिक आवेदन पहुंचे और उसकी जांच शुरू होने वाली थी कि सिंडिकेट ने इस पर रोक लगा दी। कहा गया कि जो रिक्तियां निकाली गई हैं वह जायज नहीं हैं। कई विभागों को शिक्षकों की जरूरत है वहां पर काम नहीं किया गया। कई अन्य सवाल भी खड़े किए थे। बाद में नौ रिक्तियों को भरने के लिए हरी झंडी मिल गई, लेकिन उसके बाद भी अड़ंगा लग गया और आखिरकार मामला दब गया।
इसके बाद अस्थायी शिक्षकों की भर्ती करने के लिए भी रिक्तियां निकाली गईं, लेकिन उन पर रोक लग गई। पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने तर्क दिया था कि शिक्षकों की भर्तियां करना जरूरी है, क्योंकि छात्र व शिक्षक अनुपात सही नहीं है। शिक्षक तैनात होंगे तो अन्य शिक्षकों पर भार कम पड़ेगा। इसलिए भर्तियां होने दी जाएं, लेकिन भर्तियां नहीं हो पाईं, क्योंकि सिंडिकेट व सीनेट से इसकी अनुमति जरूरी थी।
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नैक की टीम ने उठाए थे सवाल
2015 में नैक ने पीयू का दौरा किया था। उस समय पाया गया कि पीयू में शिक्षकों की संख्या कम है और विद्यार्थियों की अधिक। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। उसी को देखते हुए नैक की टीम ने साफ कर दिया था कि शिक्षकों की भर्ती की जाए। दौरे के तीन साल तक इस पर विचार नहीं हो पाया, लेकिन 2019 में पीयू ने इसके लिए रिक्तियां निकाली थीं।
जानकारों का कहना है कि यदि पीयू ने इस मानक को पूरा नहीं किया तो नैक की ओर से फिर नकारात्मक जवाब मिलेगा। जरूरी नहीं कि फिर पीयू ए ग्रेड में शामिल हो। पीयू ने शिक्षकों की भर्तियां करने के पूरी ताकत लगा दी है, क्योंकि यही बड़ा मानक है जिस पर पीयू फंस सकती है। बाकी मानकों की पूर्ति लगभग पीयू ने कर ली है। पीयू चाहती है कि इस बार नैक की टीम जब भी आए तो किसी बिंदू पर कमियां न मिलें और बेहतर अंक मिलें। यदि शिक्षकों की भर्तियां करने में पीयू सफल होती है तो इसका प्रभाव रैंकिंग पर भी पड़ेगा।