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चंडीगढ़ः प्रो.राज कुमार बने पंजाब यूनिवर्सिटी के नए वीसी, 23 को संभालेंगे पद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 22 Jul 2018 02:21 PM IST
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बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के हेड और डीन प्रोफेसर राज कुमार को पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) का नया वाइस चांसलर (वीसी) नियुक्त कर दिया गया है। डा. राज कुमार की नियुक्ति चांसलर व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने किया है। चांसलर ऑफिस की ओर से शनिवार को इस संबंध में पीयू के रजिस्ट्रार को आधिकारिक पत्र भेजा गया है।
बता दें कि पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर का कार्यकाल 22 जुलाई को खत्म हो रहा है। नए वीसी के लिए 169 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से शॉर्ट लिस्ट किए गए 10 उम्मीदवारों का इंटरव्यू 17 जुलाई को उक्त तीन सदस्यीय कमेटी ने जेएनयू दिल्ली में लिया था। पीयू वीसी की दौड़ में कई प्रमुख चेहरे शामिल थे, जिनमें पीयू के मैथ्स डिपार्टमेंट के प्रो. सुशील कुमार तोमर, पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा के वाइस चांसलर प्रो. आरके कोहली, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी की प्रो वीसी प्रो. अनु सिंह लाथर, प्रो. अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी, प्रो. टंकेश्वर कुमार, प्रो. सत प्रकाश बंसल आदि शामिल थे। जानकारी के मुताबिक, प्रो. राज कुमार 23 जुलाई को पीयू वीसी का पदभार संभाल लेंगे।
पीयू वीसी के चुनाव के लिए चांसलर ऑफिस से गठित तीन सदस्यीय कमेटी में आईसीएफआई यूनिवर्सिटी देहरादून के चांसलर डा. एम रामचंद्रन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज शिमला के चेयरमैन कपिल कपूर और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर डा. एम. जगदीश कुमार शामिल थे। कमेटी की ओर से तीन उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर चांसलर को भेजा गया था, जिसके बाद पीयू के नए वीसी की घोषणा शनिवार को कर दी गई।
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35 साल के शिक्षण व अनुसंधान का अनुभव, चार पुस्तकें भी प्रकाशित
बीएचयू के प्रोफेसर डा. राज कुमार को 35 साल के शिक्षण और अनुसंधान का अनुभव है। बीमा, पूंजी बाजार और उद्यमिता के क्षेत्र में उनकी खास पकड़ है। मानव मूल्यों, नीति शास्त्र जैसे समकालीन मुद्दों पर भी उनकी विशेष रुचि है। उन्होंने चार पुस्तकें भी लिखीं हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशालाओं में वह बढ़चढ़ कर भाग लेते रहे हैं। साथ ही उन्होंने छह शोध परियोजनाएं पूरी की हैं।रिफ्रेशर कोर्स, उद्यमी विकास कार्यक्रमों का आयोजन भी उन्होंने किया है।
उन्होंने 200 से अधिक संकाय, अधिकारियों, उद्यमियों को परियोजना के तहत प्रशिक्षित भी किया है। इनके अनुभव को देखते हुए तीन सदस्यीय कमेटी की ओर से इनका चयन किया गया है। इसके अलावा उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। बीएचयू में छात्रों के प्लेसमेंट सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से हमेशा चर्चा में बने रहने वाले प्रो. राजकुमार को जनवरी 2016 में निदेशक की जिम्मेदारी दी गई थी। बीएचयू में इसकी जानकारी मिलते ही प्रो. राजकुमार को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया।
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बता दें कि पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर का कार्यकाल 22 जुलाई को खत्म हो रहा है। नए वीसी के लिए 169 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से शॉर्ट लिस्ट किए गए 10 उम्मीदवारों का इंटरव्यू 17 जुलाई को उक्त तीन सदस्यीय कमेटी ने जेएनयू दिल्ली में लिया था। पीयू वीसी की दौड़ में कई प्रमुख चेहरे शामिल थे, जिनमें पीयू के मैथ्स डिपार्टमेंट के प्रो. सुशील कुमार तोमर, पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा के वाइस चांसलर प्रो. आरके कोहली, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी की प्रो वीसी प्रो. अनु सिंह लाथर, प्रो. अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी, प्रो. टंकेश्वर कुमार, प्रो. सत प्रकाश बंसल आदि शामिल थे। जानकारी के मुताबिक, प्रो. राज कुमार 23 जुलाई को पीयू वीसी का पदभार संभाल लेंगे।
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पीयू वीसी के चुनाव के लिए चांसलर ऑफिस से गठित तीन सदस्यीय कमेटी में आईसीएफआई यूनिवर्सिटी देहरादून के चांसलर डा. एम रामचंद्रन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज शिमला के चेयरमैन कपिल कपूर और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर डा. एम. जगदीश कुमार शामिल थे। कमेटी की ओर से तीन उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर चांसलर को भेजा गया था, जिसके बाद पीयू के नए वीसी की घोषणा शनिवार को कर दी गई।
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35 साल के शिक्षण व अनुसंधान का अनुभव, चार पुस्तकें भी प्रकाशित
बीएचयू के प्रोफेसर डा. राज कुमार को 35 साल के शिक्षण और अनुसंधान का अनुभव है। बीमा, पूंजी बाजार और उद्यमिता के क्षेत्र में उनकी खास पकड़ है। मानव मूल्यों, नीति शास्त्र जैसे समकालीन मुद्दों पर भी उनकी विशेष रुचि है। उन्होंने चार पुस्तकें भी लिखीं हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशालाओं में वह बढ़चढ़ कर भाग लेते रहे हैं। साथ ही उन्होंने छह शोध परियोजनाएं पूरी की हैं।रिफ्रेशर कोर्स, उद्यमी विकास कार्यक्रमों का आयोजन भी उन्होंने किया है।
उन्होंने 200 से अधिक संकाय, अधिकारियों, उद्यमियों को परियोजना के तहत प्रशिक्षित भी किया है। इनके अनुभव को देखते हुए तीन सदस्यीय कमेटी की ओर से इनका चयन किया गया है। इसके अलावा उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। बीएचयू में छात्रों के प्लेसमेंट सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से हमेशा चर्चा में बने रहने वाले प्रो. राजकुमार को जनवरी 2016 में निदेशक की जिम्मेदारी दी गई थी। बीएचयू में इसकी जानकारी मिलते ही प्रो. राजकुमार को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया।