{"_id":"5d9da75d8ebc3e93c02b119d","slug":"private-coaching-centers-promotion-in-punjab-university","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब यूनिवर्सिटी में हो रहा प्राइवेट कोचिंग सेंटरों का प्रचार, भड़के छात्रों ने वीसी को लिखी चिट्ठी","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पंजाब यूनिवर्सिटी में हो रहा प्राइवेट कोचिंग सेंटरों का प्रचार, भड़के छात्रों ने वीसी को लिखी चिट्ठी
Wed, 09 Oct 2019 02:58 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 09 Oct 2019 02:58 PM IST
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी में लगे पोस्टर और बैनर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी सरकारी संस्थान है, लेकिन यह प्राइवेट कोचिंग सेंटरों का प्रचार किया जा रहा है। इसके लिए कैंपस में जगह-जगह गत्ते के बैनर लगाए गए हैं। उन बैनर पर कोचिंग सेंटर का नाम, किस विषय की कोचिंग करा रहे और मोबाइल नंबर आदि दर्ज है। उसके ऊपर लिख दिया, नो पार्किंग। यह इसलिए कि प्रचार भी हो जाए और बैनर को छेड़ा भी न जाए।
इसको लेकर कुछ छात्रों में आक्रोश है। उन्होंने वीसी को भी चिट्ठी लिखी है। उन्होंने साफ कहा है कि कुछ शिक्षक इस कार्य में लिप्त हैं। वह कोचिंग सेंटरों को पनाह दे रहे हैं। नियमानुसार जिस कोचिंग सेंटर के बैनर लगे हैं वह यहां तक कैसे पहुंचे और किसने और किसके कहने पर लगे, उनकी पहचान होनी चाहिए और उन पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
यहां लगे हैं कोचिंग सेंटर की बैनर
ब्वॉयज हॉस्टल नंबर एक, गर्ल्स हॉस्टल नंबर पांच व सात के बाहर रेलिंग में बैनर लगे हैं। इसके अलावा रसायन विज्ञान, फिजिक्स विभाग, जियोलॉजी कैंटीन की रेलिंग पर लगाए गए हैं। हर्बल गार्डन और रोज गार्डन की रेलिंग पर भी यह बैनर लगे हैं। बॉटनी विभाग की कैंटीन के बाहर, कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग के बाहर भी बैनर लगाए गए हैं।
विज्ञापन
यही नहीं पूरे कैंपस में और कई जगह यह बैनर लगे हैं। हैरत तो यह है कि पिछले महीनों में कुछ छात्रों ने अभियान चलाकर इन बैनर्स को हटाया था लेकिन उसके बाद फिर लगा दिए गए। इन छात्रों का आरोप है कि कुछ शिक्षक इस काम में लगे हैं। तभी कोचिंग सेंटर के बैनर उन्हीं जगहों पर फिर से लगा दिए गए।
विज्ञापन
इसको लेकर कुछ छात्रों में आक्रोश है। उन्होंने वीसी को भी चिट्ठी लिखी है। उन्होंने साफ कहा है कि कुछ शिक्षक इस कार्य में लिप्त हैं। वह कोचिंग सेंटरों को पनाह दे रहे हैं। नियमानुसार जिस कोचिंग सेंटर के बैनर लगे हैं वह यहां तक कैसे पहुंचे और किसने और किसके कहने पर लगे, उनकी पहचान होनी चाहिए और उन पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
विज्ञापन
यहां लगे हैं कोचिंग सेंटर की बैनर
ब्वॉयज हॉस्टल नंबर एक, गर्ल्स हॉस्टल नंबर पांच व सात के बाहर रेलिंग में बैनर लगे हैं। इसके अलावा रसायन विज्ञान, फिजिक्स विभाग, जियोलॉजी कैंटीन की रेलिंग पर लगाए गए हैं। हर्बल गार्डन और रोज गार्डन की रेलिंग पर भी यह बैनर लगे हैं। बॉटनी विभाग की कैंटीन के बाहर, कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग के बाहर भी बैनर लगाए गए हैं।
विज्ञापन
यही नहीं पूरे कैंपस में और कई जगह यह बैनर लगे हैं। हैरत तो यह है कि पिछले महीनों में कुछ छात्रों ने अभियान चलाकर इन बैनर्स को हटाया था लेकिन उसके बाद फिर लगा दिए गए। इन छात्रों का आरोप है कि कुछ शिक्षक इस काम में लगे हैं। तभी कोचिंग सेंटर के बैनर उन्हीं जगहों पर फिर से लगा दिए गए।
काउंसिल अध्यक्ष बोले- होनी चाहिए कार्रवाई
बीएससी के छात्र रोहित शर्मा, हेमंत सिंह, राजेश आदि ने वीसी को इस बारे में चिट्ठी लिखी है। साथ ही कार्रवाई की मांग भी की है। वहीं स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष चेतन चौधरी ने भी कहा है कि पीयू में किसी निजी कोचिंग सेंटर का प्रचार नहीं होना चाहिए। पीयू प्रशासन को इस पर नजर रखनी चाहिए और कार्रवाई भी करनी चाहिए।
फाउंडेशन के पोस्टर, बैनर भी लगे
पीयू में कई जगह निजी संस्थानों के पोस्टर व बैनर लगे हैं। उनका भी विरोध कई बार हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। कई फाउंडेशन सदस्यता देने के भी बैनर लगाए हुए हैं। उन पर भी पीयू का ध्यान नहीं जा रहा है। जानकार कहते हैं कि सरकार संस्थान में यह सब चीजें लगाना बैन होता है, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जा रही है। कहते हैं कि जिन संस्थान का बैनर लगा है उसी पर पीयू को नोटिस भेजकर कार्रवाई करनी चाहिए।
फाउंडेशन के पोस्टर, बैनर भी लगे
पीयू में कई जगह निजी संस्थानों के पोस्टर व बैनर लगे हैं। उनका भी विरोध कई बार हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। कई फाउंडेशन सदस्यता देने के भी बैनर लगाए हुए हैं। उन पर भी पीयू का ध्यान नहीं जा रहा है। जानकार कहते हैं कि सरकार संस्थान में यह सब चीजें लगाना बैन होता है, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जा रही है। कहते हैं कि जिन संस्थान का बैनर लगा है उसी पर पीयू को नोटिस भेजकर कार्रवाई करनी चाहिए।