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Hindi News ›   Chandigarh ›   Preparation to open school in July month, Senior students will join classes in first phase.

लॉकडाउन अनलॉक 1: जुलाई में स्कूल खोलने की तैयारी, पहले फेज में सीनियर स्टूडेंट्स ही आएंगे

Tue, 02 Jun 2020 02:45 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 02 Jun 2020 02:45 PM IST
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Preparation to open school in July month, Senior students will join classes in first phase.
Classroom - फोटो : Pixabay
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग ने जुलाई में स्कूलों को खोलने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले फेज में सिर्फ सीनियर कक्षा के बच्चों को ही स्कूल बुलाया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को स्कूल प्रिंसिपलों के साथ इसको लेकर बैठक की। हालांकि शहर के सरकारी स्कूलों को प्रशासन ने क्वारंटीन सेंटर बनाया हुआ है। कंटेनमेंट एरिया में सरकारी स्कूलों को लोगों को क्वारंटीन करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि विभाग बच्चों को स्कूल बुलवाकर उनकी कक्षाएं कहां लगवाएगा।
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शिक्षा निदेशक रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि सोमवार को स्कूलों को खोलने को लेकर बैठक हुई। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार जुलाई में स्कूल खोले जाएंगे। जानकारी के अनुसार शुरुआत में सिर्फ सीनियर कक्षा के बच्चों को ही स्कूल बुलाया जाएगा। वहीं, इस बैठक में परिजनों की तरफ से किसी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया। सरकारी स्कूल के एक प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूलों को अभी क्वारंटीन सेंटर बनाया हुआ है। इसके लिए ग्राउंड फ्लोर के कमरे लोगों के लिए खाली करवाए गए हैं।
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शहर में कोरोना के केस बढ़ने की स्थिति में लोगों को यहां पर क्वारंटीन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूल के बच्चे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं और ज्यादातर बच्चे कॉलोनी से आते हैं। ऐसे में उनके स्कूल आने जाने की सुचारु व्यवस्था भी प्रशासन को करनी पड़ेगी। इसके अलावा स्कूलों में सेनेटाइजर, मास्क, ग्लब्स, सोशल डिस्टेंसिंग और बच्चों का हेल्थ चेकअप आदि की भी व्यवस्था करवानी पड़ेगी।
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दाखिले के लिए रोज आ रहे परिजनों के फोन
शिक्षक स्वर्ण सिंह ने बताया कि परिजन लगातार सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए फोन कर पूछताछ कर रहे हैं। अभी तक लगभग पचास के करीब परिजनों के फोन आ चुके हैं। वहीं उनके स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी लॉकडाउन के बाद दोबारा स्कूल जाने को लेकर चिंतित हैं।
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