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Phd स्कॉलर, जो चंडीगढ़ में जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और मजदूर महिलाओं की भलाई में जुटी हैं

Mon, 19 Oct 2020 12:47 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 19 Oct 2020 12:47 PM IST
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Aprajita: PhD scholar involved in the education of needy children and in the well being of labourers
पीएचडी स्कॉलर रवनीत - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी की पीएचडी सोशल वर्क की छात्रा रवनीत हमेशा ही जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे रहती हैं। वे जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने सहित मजदूर महिलाओं की मदद में जुटी हुई हैं। पिछले कुछ समय से रवनीत ने ‘नानकी मेहरामत फाउंडेशन’ नामक एक संस्था चलाई है। इसके तहत उन्होंने जननी सुरक्षा नामक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसमें वह गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारी उठाएंगी।
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रवनीत ने अमर उजाला के साथ बातचीत में कहा कि झुग्गियों में रहने वाली महिलाओं में अक्सर देखा जाता है कि देखरेख और उचित स्वास्थ्य सुविधाओं के नहीं मिल पाने के कारण उन्हें कई बीमारियां हो जाती हैं। इससे नवजात की सेहत पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसलिए उन्होंने ठानी है कि वे एक वर्ष में लगभग 5 जरूरतमंद महिलाओं को गोद लेंगी। वे इन महिलाओं के गर्भधारण से लेकर पूरे नौ महीने उनके पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करेंगी। साथ ही अगर वे बच्चे को पढ़ाने में समर्थ नहीं होते तो उनकी पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की भी जिम्मेदारी लेंगी।
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महिलाओं को महामारी के दौरान उचित स्वच्छता के लिए कर रही जागरूक
रवनीत ने बताया कि झुग्गियों में रहने वाली महिलाएं मासिक धर्म को लेकर बहुत कम बोलती हैं। ऐसे में महामारी के दौरान उचित स्वच्छता नहीं रख पाने के कारण उन्हें कई बीमारियां होने का डर बना रहता है। उन्होंने बताया वे महिलाओं को महामारी के दौरान उचित स्वच्छता के प्रति भी जागरूक करती रहती हैं। महिलाओं को डिलीवरी के समय बहुत रक्तस्राव होता है। इसके लिए वह प्लास्टिक पैड्स के ऊपर कॉटन पैड पर लगाकर उनका इस्तेमाल करा रही हैं।
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जननी सुरक्षा के तहत सरकारी योजनाओं के प्रति कर रही जागरूक

रवनीत ने बताया कि सर्वे के दौरान पता चला कि झुग्गियों में रहने वाली महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सरकार की तरफ से दी जा रही मदद से अनजान हैं। वे झुग्गियों में जाकर सरकार के जननी सुरक्षा योजना और इसके तहत मदद के रूप में मिलने वाले 6 हजार रुपयों को लेकर महिलाओं के बीच जागरूकता फैला रही हैं।

जननी सुरक्षा के तहत मजूदरी कर रही महिलाओं को लेंगी गोद
उन्होंने बताया की वो अपने जननी सुरक्षा प्रोजेक्ट के तहत उन महिलाओं को गोद लेंगी जो चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्र में मजदूरी करती हैं। इन महिलाओं के लिए पौष्टिक खाना, आयरन और विटामिन की दवाइयों जैसी हर चीज का इंतजाम करवाया जाएगा। इस दौरान ज्यादातर महिलाओं में कैल्शियम व खून की कमी हो जाती है और जिसके कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह बच्चे और जननी के लिए ठीक नहीं है।

बच्चे दो ही अच्छे के बारे में कर रही हैं जागरूक
रवनीत ने बताया कि झुगियों में अक्सर लड़का-लड़की में भेदभाव किया जाता है। ऐसे में महिलाओं को लड़के की आस में कई बार कई बच्चे जन्म देने पड़ते हैं। उन्होंने वे लड़का-लड़की में समानता को लेकर भी महिलाओं को जागरूक कर रही हैं। वहीं उन्हें समझाया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा दो ही बच्चे पैदा करें।

डेराबस्सी की एक महिला को लिया है गोद
रवनीत ने बताया वर्तमान में उन्होंने डेराबस्सी के आशियाना कॉलोनी से एक महिला को गोद लिया है। वे अभी तीन महीने की गर्भवती हैं। उन्होंने बताया अभी वो सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रोजेक्ट के बारे में लोगों को जागरूक कर रही हैं जिससे उन्हें और गर्भवती महिलाओं का शुरुआती दौर में ही पता चल सकें।
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