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पीयू में पुटा चुनाव में भी सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा पास्ट सर्विस काउंट, चार साल से नहीं मिला है लाभ

Mon, 31 Aug 2020 12:22 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2020 12:22 PM IST
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Past service count will become the biggest issue than Puta election
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव में भी पास्ट सर्विस काउंट बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। इस मुद्दे के बलबूते पहले हुए चुनाव में उम्मीदवारों को जीत मिली थी लेकिन इस पर समुचित काम नहीं हो पाया। शिक्षक अब इस मुद्दे को पुटा चुनाव में ला रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि 100 से अधिक शिक्षकों की पास्ट सर्विस काउंट न होने के कारण अब वे एकजुट हैं और पुटा चुनाव में अपनी ताकत दिखाएंगे।
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पीयू में रेगुलर शिक्षकों की संख्या लगभग 750 है। इन शिक्षकों को समय-समय पर प्रमोशन मिलते हैं जो आसान नहीं है। उसके लिए शिक्षकों को कई चरणों से गुजरना पड़ता है। कई शिक्षक ऐसे हैं जो दूसरे विभागों में कार्यरत थे और उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में आकर असिस्टेंट प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर ज्वाइनिंग ली थी।
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पूर्व की ज्वाइनिंग व पीयू की ज्वाइनिंग काल को जोड़कर देखें तो इन शिक्षकों का अनुभव काफी हो जाता है, लेकिन पास्ट सर्विस कई वर्षों से काउंट नहीं होने के कारण यह प्रमोशन नहीं ले पाए। हालांकि कुछ शिक्षकों को पहले लाभ दिया गया था। इन शिक्षकों ने कई बार यह मुद्दा उठाया, लेकिन सभी शिक्षकों का इसका लाभ नहीं दिया गया।
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कमेटी बनाई गई लेकिन समय पर निर्णय न हो पाने के कारण यह प्रकरण लंबित होते चले गए। कई शिक्षक सेवानिवृत्ति की ओर हैं, लेकिन पास्ट सर्विस काउंट आज तक नहीं की गई। अब पुटा चुनाव सितंबर में होंगे। ऐसे में यह शिक्षक एकजुटता दिखा रहे हैं ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।
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