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Hindi News ›   Chandigarh ›   Parents do not want to send childrens to school without corona vaccine

Unlock 5: सभी स्कूल खुलने हैं 15 से, पर बिना वैक्सीन बच्चों को नहीं भेजना चाहते अभिभावक

Mon, 05 Oct 2020 03:31 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 05 Oct 2020 03:31 PM IST
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Parents do not want to send childrens to school without corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
चंडीगढ़ में 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खुल चुके हैं। इनमें बहुत ही कम संख्या में विद्यार्थी स्कूल पहुंच रहे हैं। अनलॉक-5.0 के दिशा-निर्देश के मुताबिक केंद्र सरकार ने सभी कक्षाओं के लिए 15 अक्तूबर से स्कूल खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि चंडीगढ़ शिक्षा विभाग प्राथमिक कक्षा के बच्चों के स्कूल खोलने को तैयार नहीं हैं। अमर उजाला ने स्कूलों को खोलने को लेकर अभिभावकों से बातचीत कर उनका पक्ष जाना।
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अभिभावकों का मानना है कि जिस तरह से रोजाना शहर के हर एरिया में कोरोना केस बढ़ रहे हैं, ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना उनकी जान से खिलवाड़ करने जैसा हैं। हमारे लिए बच्चों का स्वास्थ्य अहम है, एक साल बच्चे घर रहकर पढ़ें तो भी ठीक है। बिना वैक्सीन के वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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बिना अनुमति पत्र स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा
अभिभावकों ने बताया कि स्कूल ने गूगल प्रपत्रों के माध्यम से स्कूल भेजने के लिए अनुमति ली है। बच्चे को स्कूल गेट पर अनुमति पत्र की कॉपी दिखानी होगी। इसके बाद ही बच्चे को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। स्कूलों ने संदेश भेजा है कि बच्चे को मास्क और ग्लव्स पहनाएं, पानी की बोतल, हैंड सैनिटाइजर इत्यादि साथ देकर भेजें।
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स्कूलों में नहीं पर्याप्त सुविधा
मेरे दोनों बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। मैं दोनों बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हूं। स्कूलों में बच्चों की देखरेख के लिए पर्याप्त सुविधा और स्टाफ नहीं हैं। ऐसे हालात में बच्चों को घर से बाहर भेजने पर संक्रमण का डर हर समय बना रहेगा। - विनोद इंदौरी, अभिभावक, सेक्टर-49

वैक्सीन आने तक नहीं भेजेंगे स्कूल
रोजाना शहर के हर एरिया में कोरोना केस लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बच्चों का स्वास्थ्य अहम है। अभी तक कोई दवाई भी नहीं बनी है, ऐसे में बच्चे को खुद स्कूल भेजकर संक्रमण का खतरा नहीं लेंगे। जब तक वैक्सीन नहीं आती, हम बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। - किरण यादव, अभिभावक, धनास


छोटे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे
मेरे तीन बच्चे स्कूल जाते हैं। 11वीं में पढ़ती बेटी कुछ समस्याओं का शिक्षकों से हल कराने के लिए स्कूल जा रही है। संक्रमण का डर तो लगा रहता है, लेकिन बड़ी कक्षा में पढ़ाई भी जरूरी हो जाती है। बाकी दोनों बच्चे सेकेंडरी क्लास में हैं, उन्हें स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हूं। - स्नेहलता, अभिभावक, धनास
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