पंजाब विश्वविद्यालय : कोरोना के कारण प्रमोट किए गए थे 40 हजार विद्यार्थी, अभी तक नहीं दी मार्कशीट
- कोरोना के चलते पिछले साल प्रमोट किए गए थे बीए व बीकॉम प्रथम और द्वितीय वर्ष के 40 हजार विद्यार्थी
- अभी तक पंजाब विश्वविद्यालय ने दी अंकतालिका, विद्यार्थियों में तनाव
- अब दिया आश्वासन, जैसे ही निपटेंगी परीक्षा तो कॉलेजों के जरिए विद्यार्थियों को पहुंचा दी जाएंगी अंक तालिकाएं
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कोरोना के चलते पिछले साल प्रमोट किए बीए व बीकॉम प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को पंजाब विश्वविद्यालय अंक नहीं मुहैया करवा पाया है। इस कारण पीयू और इससे संबद्ध 196 कॉलेजों में शिक्षा पा रहे करीब 40 हजार विद्यार्थियों की अंकतालिका नहीं मिल पाई है। इस वजह से विद्यार्थियों में तनाव है। कुछ छात्र इस कार्य के लिए पीयू के चक्कर लगा रहे हैं। पीयू ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि जैसे ही परीक्षा निपटेंगी तो विद्यार्थियों को अंक तालिकाएं कॉलेजों के जरिए पहुंचाएंगे।
कोरोना काल के दौरान सवाल खड़ा हो गया था कि विद्यार्थियों की परीक्षाएं कैसे कराई जाएं। देश भर में इसे लेकर मंथन हुआ और आखिर में यूजीसी ने तय किया कि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को छोड़कर बाकी विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। प्रमोट कैसे किया जाएगा? इसका निर्णय हर संस्थान को अपने स्तर से करना था।
पीयू ने भी इसके लिए कमेटी बनाई और आंतरिक परीक्षा में आए अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को प्रमोट करने का रास्ता खुला। साथ ही पिछले सेमेस्टर में आए अंकों को भी इसमें कुछ जगह दी गई। पीयू ने इस माध्यम से पीयू कैंपस व 196 कॉलेजों के 40 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया और उन्हें अगली कक्षाओं में भेज दिया।
इसके बाद पीयू को इन विद्यार्थियों को मार्कशीट में अंक दिए जाने थे, लेकिन यह कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया। छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को अंक दिए गए हैं। बाकी बीए कला वर्ग व बीकॉम के हजारों विद्यार्थियों को अंक नहीं मिल पाए। बीए कला वर्ग के छात्र सुमित शर्मा, बीकॉम के विद्यार्थी सुधांशु शर्मा, विजय सिंह का कहना है कि उन्होंने मार्कशीट में प्रमोट किए गए अंकों को दर्ज कराने की पहल की, लेकिन अब तक यह कार्य पूरा नहीं हो पाया। आए दिन विद्यार्थी पीयू के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय तक पहुंच रहे हैं।
आंतरिक परीक्षा में जो छात्र हुए फेल, उनको संकट
कुछ सीनियर शिक्षकों ने सवाल खड़े किए हैं कि प्रमोट किए गए छात्रों में से कुछ ऐसे भी हैं, जो आंतरिक परीक्षा या पिछले सेमेस्टर में फेल हुए हैं। ऐसे में उन्हें अंक किस आधार पर दिए जाएंगे, यह सवाल भी खड़ा हुआ है। इन विद्यार्थियों की परीक्षा करवाई जाएगी या नहीं, यह भी तय नहीं है। ये छात्र परेशान हैं, क्योंकि उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। जानकारों का कहना है कि यदि विद्यार्थी किसी कारणवश पिछले सेमेस्टर या हाउस टेस्ट में फेल हो गया है तो इसका मतलब ये नहीं है कि वह आगे की परीक्षाओं में भी वैसा ही प्रदर्शन करेगा। ऐसे में पीयू को इस तरफ ध्यान देना होगा।
शिक्षाविद कुनाल शर्मा कहते हैं कि प्रमोट किए गए छात्रों को नौकरी के दौरान दिक्कतें आएंगी, क्योंकि मार्कशीट में लिखा होगा कि उन्हें प्रमोट किया गया है। ऐसे में कंपनी या कोई विभाग उन विद्यार्थियों को पहले मौका देगा, जिन्होंने परीक्षा देकर बेहतर अंक पाए होंगे। हालांकि प्रमोट करने का निर्णय ऊपर से ही लिया गया था। यह अकेले पीयू का नहीं था।
अभी सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। जैसे ही परीक्षाएं खत्म होंगी तो विद्यार्थियों को अंक तालिका उपलब्ध कराई जाएंगी। छठे सेमेस्टर के अंक सभी विद्यार्थियों को भेज दिए गए हैं। प्राइवेट विद्यार्थियों को भी दूसरे व चौथे सेमेस्टर के अंक भेजे गए हैं। बीए आर्ट व बीकॉम के विद्यार्थियों को जल्द लाभ पहुंचाया जाएगा। - प्रो. जगत भूषण, परीक्षा नियंत्रक