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कोरोना संकट में राहत...ट्राइसिटी में पीजी में रह रहे डेढ़ लाख स्टूडेंट्स का किराया हो सकता है माफ

Sat, 02 May 2020 01:57 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 02 May 2020 01:57 PM IST
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Coronavirus, Lockdown, Students PG Rent may Waive Living in Chandigarh, Panchkula, Mohali
फाइल फोटो
ट्राइसिटी में पीजी में रह रहे 1.50 लाख विद्यार्थियों का पीजी का किराया माफ हो सकता है। यह तभी होगा जब सरकारी मशीनरी इसमें रुचि लेेगी। प्रथम दृष्टया अफसर इसे गंभीरता से ले रहे हैं। किराया माफी की पहल पंजाब विश्वविद्यालय के हिस्ट्री विभाग के स्टूडेंट मुकुल ने की है। उन्होंने सीएम पंजाब कार्यालय के अलावा डीसी चंडीगढ़ को पत्र लिखा है। इस पर आगे की कार्रवाई शुरू हो गई है। संबंधित विभाग इस पर काम कर रहे हैं।
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आंकड़ों पर गौर करें ट्राइसिटी में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, लद्दाख, राजस्थान समेत कई राज्यों के स्टूडेंट शिक्षा पाने के लिए पीजी में किराये पर रहते हैं। ट्राइसिटी में वैध व अवैध लगभग तीन हजार पीजी संचालित हैं। इन पीजी में कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षा पा रहे लगभग 1.50 लाख स्टूडेंट रहते हैं। इनका मासिक किराया छह हजार से दस हजार रुपये तक का है। नाश्ता, लंच व डिनर इसी में शामिल है।
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लॉकडाउन से पहले यह सभी विद्यार्थी अपने घरों को चले गए। लगभग दो माह हो गए। अब पीजी संचालक विद्यार्थियों को किराया जमा करने के लिए फोन कर रहे हैं। ऑनलाइन पैसे भेजने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में स्टूडेंट के पास पैसा नहीं है, क्योंकि परिवार के सदस्यों का भी रोजगार फिलहाल नहीं है। कुछ ही परिवार हैं जो पैसे देने में सक्षम हैं। अधिकांश परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।
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लगातार विद्यार्थियों पर किराये के बढ़ रहे भार को देखते हुए कुछ छात्रों ने यह किराया माफ करवाने की पहल की है। छात्र मुकुल ने इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया है। उन्होंने पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट सीएम पंजाब कार्यालय भेजी है। साथ ही इस मुद्दे को जायज बताया है। उन्होंने कहा है कि सभी सरकारें विद्यार्थियों के हित में निर्णय ले रही हैं। तमाम चीजों पर टैक्स से लेकर कई चीजें माफ की गई हैं। ऐसे में छात्रों का पीजी किराया भी नहीं लिया जाना चाहिए। छात्र अपने घरों पर हैं। एक लॉकडाउन में हैं, दूसरी उन्हें पढ़ाई की चिंता सता रही है और तीसरा दबाव पीजी किराये का बनाया जा रहा है।


ट्राइसिटी में पीजी में बहुत स्टूडेंट रहते हैं। उनके सामने किराये देने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिवार के पास भी पैसे नहीं हैं। ऐसे में यह किराया माफ करने के लिए सीएम पंजाब कार्यालय व डीसी चंडीगढ़ को पत्र लिखा है। डीसी चंडीगढ़ और सीएम पंजाब कार्यालय ने संबंधित विभागों को यह पत्र प्रेषित किया है। अफसर चाहेंगे तो लाखों स्टूडेंट्स के चेहरे पर खुशी आ सकती है।
- मुकुल, छात्र एमए हिस्ट्री, पंजाब विश्वविद्यालय
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