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देश की पहली यूनिवर्सिटी, जहां स्टूडेंट करेंगे परीक्षा का सिलेबस तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Wed, 13 Dec 2017 10:26 AM IST
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- फोटो : File Photo
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अब विश्वविद्यालयों के टॉपर स्टूडेंट अपनी क्लास के नीचे वालों के लिए प्रश्नपत्र तैयार करेंगे। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) देश की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है, जहां स्टूडेंट प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए सिलेबस चुनेंगे। जीएनडीयू में अगले सत्र में होने वाली परीक्षाओं में स्टूडेंट अगली क्लास के टॉपरों की ओर से पूछे गए सवालों को उत्तर देंगे। टॉपरों की राय के मुताबिक प्रश्नपत्र तैयार होगा, जिसे बोर्ड ऑफ स्टडी हरी झंडी देगा। सिंडिकेट के फैसले के बाद प्रश्नपत्र प्रिंट होगा।
जीएनडीयू के वीसी डॉ. जसपाल सिंह संधू ने बताया कि सिलेबस तैयार करने की यह प्रक्रिया देश की सभी यूनिवर्सिटी के लिए आने वाले समय में कारगर साबित होगी। जीएनडीयू में अगले सत्र से यह प्रक्रिया लागू कर दी जाएगी। प्रश्नपत्र सदैव विभाग मुखी और एक्सपर्ट तैयार करते थे, लेकिन अब सिलेबस तैयार करने के लिए स्टूडेंटों का परामर्श लेंगे। इस बारे में रिपोर्ट बोर्ड ऑफ स्टडी तैयार करके फाइल सिंडिकेट को भेजी जाएगी।
पीएचडी छात्र देंगे अपनी खोज पर भाषण
जीएनडीयू ने पीएचडी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए नव वर्ष का तोहफा दिया है। 2018 में पीएचडी के स्टूडेंट दूसरे विश्वविद्यालय में अपनी खोज (रिसर्च) पर भाषण देने जाएंगे। उनके भाषण को बोर्ड ऑफ स्टडी की टीम देश के हर विश्वविद्यालयों में पीएचडी रिसर्च से मिलान कर मैरिट लिस्ट में नाम शामिल किया जाएगा। जीएनडीयू ने यह कदम रिसर्च को बढ़ाने के लिए उठाया है।
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जीएनडीयू के वीसी डॉ. जसपाल सिंह संधू ने बताया कि सिलेबस तैयार करने की यह प्रक्रिया देश की सभी यूनिवर्सिटी के लिए आने वाले समय में कारगर साबित होगी। जीएनडीयू में अगले सत्र से यह प्रक्रिया लागू कर दी जाएगी। प्रश्नपत्र सदैव विभाग मुखी और एक्सपर्ट तैयार करते थे, लेकिन अब सिलेबस तैयार करने के लिए स्टूडेंटों का परामर्श लेंगे। इस बारे में रिपोर्ट बोर्ड ऑफ स्टडी तैयार करके फाइल सिंडिकेट को भेजी जाएगी।
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जीएनडीयू ने पीएचडी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए नव वर्ष का तोहफा दिया है। 2018 में पीएचडी के स्टूडेंट दूसरे विश्वविद्यालय में अपनी खोज (रिसर्च) पर भाषण देने जाएंगे। उनके भाषण को बोर्ड ऑफ स्टडी की टीम देश के हर विश्वविद्यालयों में पीएचडी रिसर्च से मिलान कर मैरिट लिस्ट में नाम शामिल किया जाएगा। जीएनडीयू ने यह कदम रिसर्च को बढ़ाने के लिए उठाया है।
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