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NEET Result 2019: प्रेरक है 41 वीं रैंक हासिल करने वाली हरियाणवी बेटी की कामयाबी की कहानी

Thu, 06 Jun 2019 12:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवानी मंडी (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवानी मंडी (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 06 Jun 2019 12:21 AM IST
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NEET Result 2019, Ashu gets 41st rank in NEET 2019
आशु पुनिया - फोटो : अमर उजाला

सिवानी मंडी उपमंडल के छोटे से गांव बख्तावरपुरा की एक बेटी ने नीट एग्जाम में बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त फौजी जंगबीर पूनिया की बेटी आशु पूनिया ने हरियाणा में तीसरी, जबकि लड़कियों में पहली रैंक हासिल की है।

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ऑल इंडिया में आशू ने 41वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि इस कठिन परीक्षा को पास करने के लिए वह वादे के मुताबिक अपने चचेरे भाई की शादी की खुशियों में भी शरीक नहीं हो सकी।
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आशु की इस कामयाबी के बाद परिवार के लोग जहां खुश हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग उन्हें बधाई देने के लिए घर पहुंच रहे हैं। आशु का सपना है कि वह एमबीबीएस कर पिता की तरह सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहती है। 
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जानकारी के अनुसार ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी आशु ने 12वीं तक की पढ़ाई शहर के आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में की और उसके बाद नीट की तैयारी शुरू कर दी। अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए वह जहां परिवार से पूरी तरह दूर रही।

वहीं इंटरनेट को उसने केवल पढ़ाई तक ही सीमित रखा। आशु ने बताया कि परीक्षा में कामयाबी हासिल करने के लिए वह अपने आराम के लिए प्रतिदिन केवल सात घंटे ही निकाल पाती थी। आशु ने बताया कि 12वीं की परीक्षा के बाद उसने एक बार भी टीवी चलता हुआ नहीं देखा। 

हरियाणा में तीसरा लेकिन लड़कियों में अव्वल

NEET Result 2019, Ashu gets 41st rank in NEET 2019
आशु पुनिया - फोटो : अमर उजाला

नीट में आशु को ऑल इंडिया में 41वीं रैंक मिली है लेकिन हरियाणा में वह तीसरे नंबर पर, जबकि लड़कियों में उसका नाम पहले स्थान पर आया है। पहले से अपनी कामयाबी के प्रति आश्वस्त आशु का कहना है कि मजबूत इच्छा शक्ति और अनुशासन में रहकर कोई भी काम करें तो मंजिल को हासिल किया जा सकता है। आशु की बड़ी बहन बिंदु वर्तमान में आर्मी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कर रही है और दोनों बहने सेना में भर्ती होना चाहती हैं। 

भाई की शादी में नहीं हो पाई शरीक
आशु के चचेरे भाई आशु की 28 अप्रैल को शादी थी, जबकि उसका पेपर पांच मई को था। इस वजह से वह अपने भाई की शादी की खुशियों में भी शरीक नहीं हो पाई। उसने भाई से वादा किया था कि वह उसकी शादी में सबसे ज्यादा नाच-गाना करेगी लेकिन परीक्षा के आगे उसे भाई को दिया यह वादा भी तोड़ना पड़ा। 

पिता बोले- मुझे नाज है बेटियों पर
आशु के पिता व फौजी जंगबीर पूनिया ने कहा कि उन्हें अपनी दोनों बेटियों पर नाज है। वे अपनी दोनों बेटियों को बचपन से ही मेडिकल की पढ़ाई करवा कर सेना में भेजने का मन बना चुके थे और दोनों बेटियों ने उनके हर सपने को पूरा भी किया है।

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