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अच्छी खबर: हरियाणा में इन फसलों के खराब होने पर मिलेगा 40 हजार मुआवजा, मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना पोर्टल शुरू

Thu, 31 Mar 2022 08:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 31 Mar 2022 08:29 PM IST
सार

कृषि मंत्री ने कहा कि योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी, जो मेरी फसल-मेरा ब्योरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योर्ड) सब्जियों व मसालों के लिए 30,000 रुपये प्रति एकड़, फलों के लिए 40,000 रुपये प्रति एकड़ होगी।

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Mukhyamantri Bagwani Bima Yojana Portal launched in Haryana
फाइल फोटो

विस्तार

हरियाणा में प्राकृतिक आपदा से फल, सब्जियां और मसाले खराब होने पर 15 से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा। योजना में 21 फलों, सब्जियों और मसालों को शामिल किया गया है। प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के मुआवजा को सरकार ने चार श्रेणियों में बांटा है। गुरुवार को कृषि मंत्री जेपी दलाल ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के नाम से नए बागवानी फसल बीमा योजना पोर्टल की शुरुआत की। इसके तहत प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई किसानों को की जाएगी। 

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ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर-ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी-तूफान व आग से फसल नुकसान को मुख्य कारणों में शामिल किया गया है। टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पतागोभी, मूली, 2 मसाले (हल्दी, लहसुन) और 5 फल (आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची) की फसल को नुकसान होने पर मुआवजा मिलेगा।
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दलाल ने कहा कि योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी, जो मेरी फसल-मेरा ब्योरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योर्ड) सब्जियों व मसालों के लिए 30,000 रुपये प्रति एकड़, फलों के लिए 40,000 रुपये प्रति एकड़ होगी। किसान का योगदान इसमें केवल 2.5 प्रतिशत होगा। 
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मुआवजा को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 में बांटा गया है। 26 से 50 प्रतिशत के बीच फसल नुकसान की अवस्था में मुआवजा 50 प्रतिशत की दर से सब्जियों, मसालों के लिए 15,000 रुपये, फलों के लिए 20,000 रुपये, 51 से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान की अवस्था में मुआवजा 75 प्रतिशत की दर से सब्जियों, मसालों के लिए 22,500 रुपये, फलों के लिए 30,000 रुपये, 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान की अवस्था में मुआवजा 100 प्रतिशत की दर से सब्जियों, मसालों के लिए 30,000  रुपये, फलों के लिए 40,000 रुपये दिया मिलेगा। योजना के लिए प्रारंभिक पूंजी के रूप में 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुआवजा राशि सर्वेक्षण पर आधारित होगी। 

प्राकृतिक खेती बढ़ाने के लिए कृषि विभाग में अलग विंग बनेगा
हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग में अलग से विंग बनाया जाएगा। खाद्यान्न की अधिक मात्रा, उपज के साथ-साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना इसका काम होगा। विंग के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए अलग-अलग क्लस्टर बनाए जाएंगे।


कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि प्राकृतिक कृषि के साथ-साथ किसानों को विविधीकरण और खेती कार्य में मूल्य संवर्धन पर भी ध्यान देना होगा। इसी दिशा में विभाग की आईटी टीम को सुदृढ़ किया जा रहा है। हरियाणा का किसान खुशहाल है, आज की तारीख में कई फसलों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक मिल रहे हैं। कपास 10 से 12 हजार, सरसों 6 से 8 हजार, गेहूं 2300-2400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। हरियाणा को कृषि क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं। मत्स्य पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का अभियान चलाया जाएगा।

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