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पीयू की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं शुरू, उत्तर पुस्तिकाएं पोस्ट करने के लिए दिनभर दौड़ते रहे विद्यार्थी
Fri, 18 Sep 2020 10:11 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 10:11 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी की अंतिम वर्ष की ऑनलाइन परीक्षाएं वीरवार को शुरू हुईं। पहले दिन परीक्षाओं की प्रक्रिया चंडीगढ़ व आसपास के क्षेत्रों के लिए तो ठीक रही, लेकिन बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों के लिए कठिनाई भरी रही। पीयू के अधिकारियों के आदेशों का पालन करने के लिए विद्यार्थी दिनभर दौड़े।
लद्दाख व जम्मू कश्मीर के विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र कहीं डाउनलोड हुए तो कहीं पर नहीं। कुछ विद्यार्थियों ने पीडीएफ बनाई, लेकिन वह नेट के कारण पीयू तक नहीं पहुंच पाईं। उत्तर पुस्तिकाओं की हार्डकॉपी डाकघर के जरिए पीयू को भेजनी थी, लेकिन तमाम छात्र नहीं भेज पाए। परीक्षा में नकल की रोक-टोक नहीं थी, इसलिए इसकी कोई मॉनिटरिंग नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि नकल तमाम विद्यार्थियों ने की है।
हिमाचल व पंजाब के दूरस्थ क्षेत्रों में भी छात्रों को परेशानी आई
पीयू की परीक्षा की प्रक्रिया सुबह परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह ने शुरू की। उसके बाद स्लॉट शुरू होने से 20 मिनट पहले छात्रों की मेल व वाट्सएप पर प्रश्नपत्र भेजे गए। चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के कई शहरों के छात्रों ने वह डाउनलोड किए, लेकिन पंजाब के ग्रामीण इलाकों में नेट की समस्या थी। इसके कारण प्रश्नपत्र डाउनलोड नहीं हुए।
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व्हाट्सऐप आदि के जरिए प्रश्नपत्र छात्रों के पास पहुंचे। हिमाचल प्रदेश में भी नेट की समस्या रही। छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजस्थान के विद्यार्थी भी नेट के कारण प्रभावित नजर आए। मालूम हो कि पहले दिन 75 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। उधर, परीक्षा नियत्रक प्रो. परविंदर सिंह का कहना है कि अधिकांश छात्रों के उत्तर पुस्तिका मिल चुकी हैं।
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लद्दाख व जम्मू कश्मीर के विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र कहीं डाउनलोड हुए तो कहीं पर नहीं। कुछ विद्यार्थियों ने पीडीएफ बनाई, लेकिन वह नेट के कारण पीयू तक नहीं पहुंच पाईं। उत्तर पुस्तिकाओं की हार्डकॉपी डाकघर के जरिए पीयू को भेजनी थी, लेकिन तमाम छात्र नहीं भेज पाए। परीक्षा में नकल की रोक-टोक नहीं थी, इसलिए इसकी कोई मॉनिटरिंग नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि नकल तमाम विद्यार्थियों ने की है।
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हिमाचल व पंजाब के दूरस्थ क्षेत्रों में भी छात्रों को परेशानी आई
पीयू की परीक्षा की प्रक्रिया सुबह परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह ने शुरू की। उसके बाद स्लॉट शुरू होने से 20 मिनट पहले छात्रों की मेल व वाट्सएप पर प्रश्नपत्र भेजे गए। चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के कई शहरों के छात्रों ने वह डाउनलोड किए, लेकिन पंजाब के ग्रामीण इलाकों में नेट की समस्या थी। इसके कारण प्रश्नपत्र डाउनलोड नहीं हुए।
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व्हाट्सऐप आदि के जरिए प्रश्नपत्र छात्रों के पास पहुंचे। हिमाचल प्रदेश में भी नेट की समस्या रही। छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजस्थान के विद्यार्थी भी नेट के कारण प्रभावित नजर आए। मालूम हो कि पहले दिन 75 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। उधर, परीक्षा नियत्रक प्रो. परविंदर सिंह का कहना है कि अधिकांश छात्रों के उत्तर पुस्तिका मिल चुकी हैं।
ये रहा लद्दाख के छात्रों का हाल
लद्दाख स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नामजल ने बताया कि उनके क्षेत्र में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन परीक्षा में हिस्सा लेने की तैयारी की थी, लेकिन नेट की समस्या बहुत आई। प्रश्नपत्र कुछ ही जगहों पर डाउनलोड हो पाए। पीडीएफ भी कुछ छात्रों ने तैयार की, लेकिन वह पीयू तक नहीं भेजी जा सकी। उत्तर पुस्तिका डाकघर के जरिए भेजनी थी। इसके लिए पीयू ने दो घंटे का समय दिया था। छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका अपने समीप के डाकघर पर लेकर पहुंचे तो वहां उन्हें जवाब मिला कि मुख्य डाकघर में यह सुविधा है। वहां जाइए।
मुख्य डाकघर की दूरी छात्रों के घरों से 50 से लेकर 100 किमी तक थीं। कुछ छात्रों ने गाड़ियां बुक करके मुख्य डाकघरों का रुख भी किया, लेकिन जब तक डाकघर पहुंचे तब तक वह बंद हो चुका था। दिनभर छात्र दौड़ते रहे और खतरा भी मोल लिया। छात्रों को परेशानी बहुत हुई। इसी तरह जम्मू कश्मीर के छात्रों के साथ ही दिक्कतें आईं। छात्रों का कहना है कि इस क्षेत्र के लिए अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए थी। अधिकारियों को पता सबकुछ था, लेकिन वह लद्दाख को सुविधाओं में चंडीगढ़ की तरह मानते हैं। भौगोलिक स्थिति को जानने की कोशिश नहीं की।
कुछ प्रश्नपत्र सामान्य तो कुछ थे घुमावदार
स्नातक व परास्नातक के 47 विषयों की परीक्षाएं वीरवार को हुई। इसमें इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र साधारण थे। छात्रों ने बताया कि हर साल की परीक्षा की तरह ही प्रश्न पूछे गए थे। साइंस के विद्यार्थियों का पेपर थोड़ा घुमावदार था, लेकिन हल करने में दिक्कतें नहीं आईं। कला वर्ग के जुड़े विद्यार्थियों का प्रश्नपत्र भी सामान्य ही रहा। साइंस के शिक्षकों ने प्रश्नपत्र बनाने में कुछ दिमाग लगाया। छात्रों को 50 प्रश्न ही हल करने थे।
मुख्य डाकघर की दूरी छात्रों के घरों से 50 से लेकर 100 किमी तक थीं। कुछ छात्रों ने गाड़ियां बुक करके मुख्य डाकघरों का रुख भी किया, लेकिन जब तक डाकघर पहुंचे तब तक वह बंद हो चुका था। दिनभर छात्र दौड़ते रहे और खतरा भी मोल लिया। छात्रों को परेशानी बहुत हुई। इसी तरह जम्मू कश्मीर के छात्रों के साथ ही दिक्कतें आईं। छात्रों का कहना है कि इस क्षेत्र के लिए अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए थी। अधिकारियों को पता सबकुछ था, लेकिन वह लद्दाख को सुविधाओं में चंडीगढ़ की तरह मानते हैं। भौगोलिक स्थिति को जानने की कोशिश नहीं की।
कुछ प्रश्नपत्र सामान्य तो कुछ थे घुमावदार
स्नातक व परास्नातक के 47 विषयों की परीक्षाएं वीरवार को हुई। इसमें इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र साधारण थे। छात्रों ने बताया कि हर साल की परीक्षा की तरह ही प्रश्न पूछे गए थे। साइंस के विद्यार्थियों का पेपर थोड़ा घुमावदार था, लेकिन हल करने में दिक्कतें नहीं आईं। कला वर्ग के जुड़े विद्यार्थियों का प्रश्नपत्र भी सामान्य ही रहा। साइंस के शिक्षकों ने प्रश्नपत्र बनाने में कुछ दिमाग लगाया। छात्रों को 50 प्रश्न ही हल करने थे।
खूब चली नकल
सूत्रों से जानकारी मिली है कि परीक्षा के दौरान नकल भी काफी चली। परीक्षा देने वाले छात्रों ने अपने साथ दोस्तों को शामिल किया था। ऐसे में लग रहा है कि इस बार होशियार छात्र मैरिट में पिछड़ भी सकते हैं।
ये है परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का डाटा
परास्नातक
विश्वविद्यालय के विभागों से 3186
प्राइवेट विद्यार्थी 5419
कॉलेज विद्यार्थी 10521
यूसोल के विद्यार्थी 2652
स्नातक का डाटा
विश्वविद्यालय के विभागों से 3500
प्राइवेट विद्यार्थी 16242
कॉलेज विद्यार्थी 43051
यूसोल के विद्यार्थी 2045
ये है परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का डाटा
परास्नातक
विश्वविद्यालय के विभागों से 3186
प्राइवेट विद्यार्थी 5419
कॉलेज विद्यार्थी 10521
यूसोल के विद्यार्थी 2652
स्नातक का डाटा
विश्वविद्यालय के विभागों से 3500
प्राइवेट विद्यार्थी 16242
कॉलेज विद्यार्थी 43051
यूसोल के विद्यार्थी 2045