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JBT, TGT भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ शिक्षकों ने खोला मोर्चा, विरोध प्रदर्शन

Wed, 16 May 2018 11:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 16 May 2018 11:09 AM IST
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jbt, tgt teachers protest in chandigarh 25 rally ground chandigarh
शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन
जेबीटी और टीजीटी की भर्ती कभी भी रद्द हो सकती है। कमेटी इस भर्ती को रद्द करने को लेकर प्रशासक को अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है। अब अंतिम फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का होगा। वर्ष 2015 में यूटी शिक्षा विभाग में जेबीटी व टीजीटी की हुई भर्ती में बड़े स्तर पर धांधली सामने आने के बाद यूटी पुलिस ने भी इसे रद्द करने की सिफारिश प्रशासन से की थी। इस सिफारिश के खिलाफ मंगलवार को शिक्षकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला।
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सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में एकजुट होकर शिक्षकों ने जहां शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। नवनियुक्त शिक्षकों ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी के तत्वावधान में करीब 1200 शिक्षकों ने भर्ती रद्द करने के प्रस्तावित फैसले की कड़ी निंदा की। ज्ञात हो कि नवनियुक्त शिक्षक दो वर्षों से विभाग में सेवारत हैं और इन सबका प्रोबेशन पीरियड भी शिक्षा विभाग ने 10 जुलाई, 2017 के तहत बढ़ा दिया था।
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ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान कैरों सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा गठित की गई एसआईटी एवं राज्यपाल/प्रशासक, चंडीगढ़ द्वारा गठित छह सदस्यीय कमेटी द्वारा भर्ती रद्द करने की सिफारिश न्यायालय में मुकदमे की पैरवी के बिना लोकतांत्रिक नहीं हो सकती। 880 से अधिक शिक्षक भर्ती रद्द करने की अनुचित सिफारिशों के मद्देनजर मानसिक तनाव में हैं। नाम न लिखे जाने की शर्त पर प्रशासन के अधिकारिक सूत्र ने बताया कि जेबीटी व टीजीटी भर्ती निरस्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को मंजूरी के लिए भेज दी है।
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शिक्षकों ने सांसद खेर से की मुलाकात
ज्वाइंट एक्शन कमेटी व नवनियुक्त शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सांसद किरण खेर से मुलाकात की। शिक्षकों ने प्रशासन द्वारा जेबीटी व टीजीटी की भर्ती रद्द करने की गई सिफारिश के बारे में बताया। कमेटी सदस्यों ने कहा कि जो शिक्षक बेकसूर हैं, इस फैसले से उनके जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। सांसद खेर ने आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस बारे में प्रशासक व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बात करेंगी।

यह है मामला
यूटी शिक्षा विभाग में वर्ष 2015 में 1140 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती की गई थी। इसके बाद पंजाब विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी दिनेश यादव ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी।


इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया था। यूटी पुलिस ने 29 जुलाई 2016 को इस मामले में केस दर्ज किया था। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव और प्रदीप लोचन को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था। इसके बाद पुलिस टीम ने एक नवंबर को सह आरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसआईटी ने कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें कई सरकारी स्कूलों में टीचर भी शामिल हैं। 17 मई को पंजाब पुलिस ने तेलंगाना पुलिस के साथ मिलकर संजय श्रीवास्तव उर्फ मिथिलेश पांडे और शिव बहादुर को गिरफ्तार किया था।
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