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पुटा की पहली बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति व सीनेट चुनाव के मुद्दे उठे, जरूरी मामले गायब रहे
Wed, 14 Oct 2020 12:33 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2020 12:33 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब विश्वविद्यालय में पुटा की चुनाव के बाद पहली बैठक का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों की पदोन्नति, 7वां वेतन आयोग लागू करने और सीनेट चुनाव की मांग उठाई गई। इसके विपरीत खालिद-सिद्धू ग्रुप ने पुटा बैठक पर पलटवार किया कि पुटा के सदस्यों ने जिन मुद्दों पर चुनाव जीता, पहली बैठक में वे सब गायब रहे।
पूर्व पुटा अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद ने बताया कि पुटा की पहली बैठक में पीयू के जरूरी मुद्दे गायब रहे। वर्तमान पुटा सदस्यों ने शिक्षकों की पिछली सर्विस को गिनवाने और उन्हें इसके लाभ दिलवाने पर कोई चर्चा नहीं की। प्रो. खालिद ने बताया कि इस मुद्दे पर चुनाव लड़ा गया था क्योंकि पीयू में दूसरी जगह से आने वाले शिक्षकों की पिछली सर्विस को नहीं गिना जाता है।
इस कारण शिक्षक पदोन्नति और अन्य लाभ से वंचित रह जाते हैं। सीनेट के चुनाव पर चर्चा की गई क्योंकि वर्तमान पुटा में कई सदस्य हैं, जिन्होंने सीनेट चुनाव के लिए नामांकन किया है इसलिए बैठक में शिक्षकों के मुद्दों से जरूरी सीनेट चुनाव रहा।
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पहली बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
पुटा की मंगलवार को पहली बैठक सचिव प्रो अमरिंदर सिंह नौरा और अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार की अध्यक्षता में की गई। इसमें शिक्षकों के लिए 7वें वेतन आयोग को लागू करवाने को प्राथमिकता दी गई। इसे लेकर पीयू वीसी के समक्ष प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
इसके अलावा शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सीएस इंटरव्यू करवाने के लिए वीसी से मांग की गई है, जिससे शिक्षकों को उनकी पदोन्नति का लाभ मिल सके। वहीं सेवानिवृत्त कई शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के लाभ नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके कारण पिछले कई महीने से वे विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके लाभ दिलवाए जाएंगे। पुटा ने सीनेट चुनाव करवाने की मांग को भी उठाया। बैठक में अगस्त में अचानक चुनाव रदद् करने के विश्वविद्यालय के फैसले की निंदा की गई। इसके साथ ही हर महीने सिंडिकेट बैठक करवाने की मांग की गई जिससे विद्यार्थियों के मुद्दों को हल किया जा सके और यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली सही ढंग से चलती रहे।
बिना शिक्षकों के 15 के बाद शोधार्थी कैसे करेंगे शोध
प्रो. मोहम्मद खालिद ने बताया कि पुटा ने शिक्षकों के घर से काम करने के लिए मांग की है। वहीं दूसरी तरफ 15 अक्तूबर से रिसर्च लैब खोली जा रही हैं। ऐसे में बिना शिक्षकों के शोधार्थी कैसे शोध करेंगे। पिछले सात महीने से पीयू का गेट नंबर 1 बंद किया हुआ है। शिक्षकों को 3 रेड लाइट क्रॉस करके कैंपस आना पड़ता है। इन वर्तमान मुद्दों को लेकर पुटा ने बैठक में कोई जिक्र नहीं किया गया।
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पूर्व पुटा अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद ने बताया कि पुटा की पहली बैठक में पीयू के जरूरी मुद्दे गायब रहे। वर्तमान पुटा सदस्यों ने शिक्षकों की पिछली सर्विस को गिनवाने और उन्हें इसके लाभ दिलवाने पर कोई चर्चा नहीं की। प्रो. खालिद ने बताया कि इस मुद्दे पर चुनाव लड़ा गया था क्योंकि पीयू में दूसरी जगह से आने वाले शिक्षकों की पिछली सर्विस को नहीं गिना जाता है।
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इस कारण शिक्षक पदोन्नति और अन्य लाभ से वंचित रह जाते हैं। सीनेट के चुनाव पर चर्चा की गई क्योंकि वर्तमान पुटा में कई सदस्य हैं, जिन्होंने सीनेट चुनाव के लिए नामांकन किया है इसलिए बैठक में शिक्षकों के मुद्दों से जरूरी सीनेट चुनाव रहा।
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पहली बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
पुटा की मंगलवार को पहली बैठक सचिव प्रो अमरिंदर सिंह नौरा और अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार की अध्यक्षता में की गई। इसमें शिक्षकों के लिए 7वें वेतन आयोग को लागू करवाने को प्राथमिकता दी गई। इसे लेकर पीयू वीसी के समक्ष प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
इसके अलावा शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सीएस इंटरव्यू करवाने के लिए वीसी से मांग की गई है, जिससे शिक्षकों को उनकी पदोन्नति का लाभ मिल सके। वहीं सेवानिवृत्त कई शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के लाभ नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके कारण पिछले कई महीने से वे विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके लाभ दिलवाए जाएंगे। पुटा ने सीनेट चुनाव करवाने की मांग को भी उठाया। बैठक में अगस्त में अचानक चुनाव रदद् करने के विश्वविद्यालय के फैसले की निंदा की गई। इसके साथ ही हर महीने सिंडिकेट बैठक करवाने की मांग की गई जिससे विद्यार्थियों के मुद्दों को हल किया जा सके और यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली सही ढंग से चलती रहे।
बिना शिक्षकों के 15 के बाद शोधार्थी कैसे करेंगे शोध
प्रो. मोहम्मद खालिद ने बताया कि पुटा ने शिक्षकों के घर से काम करने के लिए मांग की है। वहीं दूसरी तरफ 15 अक्तूबर से रिसर्च लैब खोली जा रही हैं। ऐसे में बिना शिक्षकों के शोधार्थी कैसे शोध करेंगे। पिछले सात महीने से पीयू का गेट नंबर 1 बंद किया हुआ है। शिक्षकों को 3 रेड लाइट क्रॉस करके कैंपस आना पड़ता है। इन वर्तमान मुद्दों को लेकर पुटा ने बैठक में कोई जिक्र नहीं किया गया।