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बड़ा फैसलाः पेक में इंडस्ट्री इंटर्नशिप की अनिवार्यता खत्म, छात्र कैंपस में कर सकते हैं प्रोजेक्ट वर्क
Thu, 24 Sep 2020 03:51 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 03:51 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) ने इंडस्ट्री इंटर्नशिप की अनिवार्यता खत्म कर दी है। छात्र अपने प्रोजेक्ट वर्क के जरिए ही कैंपस में प्रोजेक्ट वर्क कर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को बाकायदा अंक भी दिए जाएंगे। छात्रों के सिलेबस में इंटर्नशिप करना महत्वपूर्ण भाग था। हर किसी विषय के छात्रों को यह करवाया जाता था, लेकिन ऐसा नहीं होगा।
प्रोजेक्ट वर्क के जरिए विद्यार्थी अपने दिमाग का बेहतर प्रयोग करके नया कोई उपकरण या अन्य चीजें बना सकेंगे। यह प्रस्ताव पेक की सीनेट बैठक में पास हो गया है। पांच साल का एकेडमिक कैलेंडर भी पास किया गया है। इस कैलेंडर के जरिए छात्रों तक अधिक से अधिक चीजें आसानी से कैसे पहुंचे? इस बात का ध्यान रखा गया है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र कंप्यूटर साइंस पढ़ सकेंगे
पेक ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सबसे पहले अपनाया है। साथ ही अपने एकेडमिक कैलेंडर में उसे जगह दी है। नीति मेें प्रावधान किया गया है कि विद्यार्थियों को उनकी मर्जी के विषय पढ़ने दिए जाएं। यह नहीं कि एक विषय में दाखिला लिया है तो वही विषय पढ़ें यानी मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र कंप्यूटर साइंस के विषय भी पढ़ सकेंगे।
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इस प्रक्रिया च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम कहा जाता था। इस व्यवस्था का लाभ हजारों विद्यार्थियों को मिल सकेगा। साथ ही उनके लिए एक ही क्षेत्र की बजाय कई क्षेत्रों में नौकरी के अवसर भी मिल सकेंगे। विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी जाएगी कि उनके कोर्स के साथ कौनसे दूसरे विषय पढ़ाए जाएं ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
ऑनलाइन कोर्स भी कर सकेंगे विद्यार्थी
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ने कोरोना को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कोर्सेज के संचालन को मंजूरी दी है। दूरस्थ इलाकों में बैठे विद्यार्थी भी यह कोर्स कर सकेंगे। ऑनलाइन कोर्सेज कौन से होंगे? यह तय किए जाएंगे। उम्र की बाध्यता भी इस कोर्स के लिए नहीं होगी, क्योंकि यह ऑनलाइन कोर्स कम अवधि के होंगे तो कुछ अधिक के। नौकरीपेशा कर रहे लोग भी इन कोर्सेज का लाभ उठा सकेंगे। विदेशों के लोग भी यहां ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
विदेशों में जाकर भी पा सकेंगे शिक्षा
पेक के विद्यार्थियों के लिए सेमेस्टर एक्सचेंज का भी प्रावधान किया गया है। वह विदेशों में जाकर भी पढ़ाई कर सकेंगे। फिलहाल वह ऑनलाइन तरीके से इसका लाभ उठाएंगे। अधिकांश विद्यार्थियों को यह मौका दिए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए विद्यार्थियों का बायोडाटा भी मजबूत होगा और नौकरी भी विदेशों में आसानी से मिल सकेगी, क्योंकि विदेशी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई करने के बाद विदेशों में उन्हें अधिक प्राथमिकता मिलती है। इन सभी प्रस्तावों के अलावा कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई है। सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गए।
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प्रोजेक्ट वर्क के जरिए विद्यार्थी अपने दिमाग का बेहतर प्रयोग करके नया कोई उपकरण या अन्य चीजें बना सकेंगे। यह प्रस्ताव पेक की सीनेट बैठक में पास हो गया है। पांच साल का एकेडमिक कैलेंडर भी पास किया गया है। इस कैलेंडर के जरिए छात्रों तक अधिक से अधिक चीजें आसानी से कैसे पहुंचे? इस बात का ध्यान रखा गया है।
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मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र कंप्यूटर साइंस पढ़ सकेंगे
पेक ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सबसे पहले अपनाया है। साथ ही अपने एकेडमिक कैलेंडर में उसे जगह दी है। नीति मेें प्रावधान किया गया है कि विद्यार्थियों को उनकी मर्जी के विषय पढ़ने दिए जाएं। यह नहीं कि एक विषय में दाखिला लिया है तो वही विषय पढ़ें यानी मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र कंप्यूटर साइंस के विषय भी पढ़ सकेंगे।
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इस प्रक्रिया च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम कहा जाता था। इस व्यवस्था का लाभ हजारों विद्यार्थियों को मिल सकेगा। साथ ही उनके लिए एक ही क्षेत्र की बजाय कई क्षेत्रों में नौकरी के अवसर भी मिल सकेंगे। विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी जाएगी कि उनके कोर्स के साथ कौनसे दूसरे विषय पढ़ाए जाएं ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
ऑनलाइन कोर्स भी कर सकेंगे विद्यार्थी
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ने कोरोना को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कोर्सेज के संचालन को मंजूरी दी है। दूरस्थ इलाकों में बैठे विद्यार्थी भी यह कोर्स कर सकेंगे। ऑनलाइन कोर्सेज कौन से होंगे? यह तय किए जाएंगे। उम्र की बाध्यता भी इस कोर्स के लिए नहीं होगी, क्योंकि यह ऑनलाइन कोर्स कम अवधि के होंगे तो कुछ अधिक के। नौकरीपेशा कर रहे लोग भी इन कोर्सेज का लाभ उठा सकेंगे। विदेशों के लोग भी यहां ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
विदेशों में जाकर भी पा सकेंगे शिक्षा
पेक के विद्यार्थियों के लिए सेमेस्टर एक्सचेंज का भी प्रावधान किया गया है। वह विदेशों में जाकर भी पढ़ाई कर सकेंगे। फिलहाल वह ऑनलाइन तरीके से इसका लाभ उठाएंगे। अधिकांश विद्यार्थियों को यह मौका दिए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए विद्यार्थियों का बायोडाटा भी मजबूत होगा और नौकरी भी विदेशों में आसानी से मिल सकेगी, क्योंकि विदेशी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई करने के बाद विदेशों में उन्हें अधिक प्राथमिकता मिलती है। इन सभी प्रस्तावों के अलावा कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई है। सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गए।