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पंजाब यूनिवर्सिटी के पुस्तक मेले में छाई बोलती हुई 'रामायण', युवा पीढ़ी सुनेगी तो बनेगी संस्कारी

Mon, 03 Feb 2020 03:23 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 03 Feb 2020 03:23 PM IST
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Speaking Ramayana in Book Fair Punjab University Chandigarh
बोलती रामायण - फोटो : अमर उजाला
संस्कारों की खान समझी जाने वाली रामायण की पुस्तक अधिकांश घरों में है, लेकिन उसे पढ़ने के लिए समय का अभाव है। इसके कारण भी संस्कारों की कमी भी लोगों में देखी जा रही है। आज की पीढ़ी को संस्कार देने बहुत जरूरी हैं। उसी को ध्यान में रखते हुए रामायण का 21 घंटे का ऑडियो तैयार किया गया है।
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यह ऑडियो पीयू में लगे पुस्तक मेले में बोलती रामायण नामक स्टॉल के पास है। एक बटन दबाने से ही रामायण शुरू हो जाती है। हिंदी व संस्कृत दोनों भाषाओं में यह रामायण है। इसके अलावा दुर्गा सप्तसती, श्रीमद्भागवत का भी पूरा समावेश दोनों भाषाओं में है। इस ऑडियो में 18 हजार से अधिक श्लोक है।
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साथ ही तुलसी रामायण भी सरल भाषा में उपलब्ध है। इसका पूरा हिंदी में रूपांतरण है। पहली बार चंडीगढ़ में बोलती रामायण सुनी तो लोगों को हैरत भी हुई और आनंद भी आया। पुस्तक मेले में आने वाले लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं और खरीदारी भी हो रही है। मेले में यह पूरी तरह नया है।
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पुस्तक मेले से पीयू ने हासिल की कई उपलब्धियां
पुस्तक मेले के जरिये पीयू ने कई उपलब्धियां हासिल कर ली हैं। इस मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक की पसंद की पुस्तकें आई हैं। हर धर्म से जुड़ी किताबें भी बड़ी संख्या में पहुंची हैं। कई किताबें मुफ्त भी दी जा रही हैं जो धर्म का ज्ञान बढ़ा रही हैं। बच्चों के लिए खास नॉवेल आए हैं जो कार्टून की भाषा में समझाए गए हैं।

यह मनोरंजन ही नहीं कर रहे बल्कि पढ़ाई के महत्व को बताते हुए उन्हें शिक्षा पाने की ओर अग्रसर कर रहे हैं। मैजिक स्लेट यहां लाई गई है जो आपके लाडले को खूब भाएगी। अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू आदि भाषाओं में 70 प्रकाशकों ने चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के पाठकों को देखते हुए उसी अंदाज में पुस्तकों को परोसा है।


यहां स्टेशनरी का भी सामान उपलब्ध कराया गया है। वहीं दूसरी ओर पुस्तक मेले में मनोरंजन के लिए हर समय कार्यक्रम हो रहे हैं। कभी कवि सम्मेलन तो कभी कोई व्याख्यान का आयोजन हो रहा है। हर दिन यहां हजारों पुस्तक प्रेमी पहुंच रहे हैं।
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