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पंजाब यूनिवर्सिटी में जुलाई में होने वाली परीक्षाओं को लेकर हल्लाबोल, एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन
Sat, 13 Jun 2020 12:15 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 12:15 PM IST
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विरोध प्रदर्शन करते एनएसयूआई के कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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जुलाई में होने वाली परीक्षा के विरोध में पीयू और कॉलेजों के एनएसयूआई सदस्यों ने हल्लाबोल दिया है। शुक्रवार को छात्रों ने वीसी प्रो. राजकुमार के ऑफिस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
बाद में वीसी को ज्ञापन सौंपकर छात्रों ने मांग रखी कि पीयू जुलाई में परीक्षा के फैसले को वापस ले या उस पर पुन: विचार करे। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूसरे राज्य से आना होगा। इससे कोरोना संक्रमण के फैलाव की संभावना बढ़ जाएगी।
पीयू एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने बताया कि कॉलेजों के छात्र नेताओं के साथ मिलकर शुक्रवार को वीसी प्रो राजकुमार को परीक्षा नहीं करवाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही एनएसयूआई की तरफ से पीयू प्रशासन को परीक्षा से संबंधित सुझाव भी दिए गए हैं।
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दूर से सफर कर विद्यार्थी आएंगे तो बढ़ जाएगा संक्रमण का खतरा
निखिल ने बताया कि कैंपस में विभिन्न राज्यों पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जेएंडके, नॉर्थ-ईस्ट आदि जगह के विद्यार्थी पढ़ते हैं। लॉकडाउन में विद्यार्थी अगर इतनी दूर सफर करके आते हैं तो उनमें संक्रमण की संभावना बढ़ जाएगी। वहीं पीयू ने अपने हॉस्टल भी चंडीगढ़ प्रशासन को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए दे रखे हैं।
जहां कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन किया जा रहा है। ऐसे में पीयू विद्यार्थियों को कैंपस में बुलाकर उनके रहने की व्यवस्था कहां करवाएगा। निखिल ने बताया कि उनकी पार्टी की तरफ से कहा गया है कि विद्यार्थियों को पिछले सेमेस्टर की ग्रेड के अनुसार प्रमोट किया जाए। अन्यथा पीयू बिना मूवमेंट के ओपन बुक या ऑनलाइन ऑब्जेक्टिव परीक्षा करवा ले।
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एसएफएस ने रखी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट करने की मांग
पीयू एसएफएस ने वीसी प्रो. राजकुमार को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट करने की मांग रखी। एसएफएस अध्यक्ष वरिंदर ने कहा कि पीयू को अपने ऑफलाइन परीक्षा के फैसले को वापस लेना चाहिए।
कैंपस हॉस्टल के अलावा बहुत सारे विद्यार्थी बाहर पीजी या फ्लैट लेकर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण उन्हें वहां से अपने घर शिफ्ट करना पड़ा। अब ऐसे हालातों में बाहर से आने पर उन्हें कोई किराए पर रहने के लिए कमरा भी नहीं देगा। वहीं हॉस्टल को पीयू ने क्वारंटीन सेंटर बनाया हुआ है।
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बाद में वीसी को ज्ञापन सौंपकर छात्रों ने मांग रखी कि पीयू जुलाई में परीक्षा के फैसले को वापस ले या उस पर पुन: विचार करे। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूसरे राज्य से आना होगा। इससे कोरोना संक्रमण के फैलाव की संभावना बढ़ जाएगी।
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पीयू एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने बताया कि कॉलेजों के छात्र नेताओं के साथ मिलकर शुक्रवार को वीसी प्रो राजकुमार को परीक्षा नहीं करवाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही एनएसयूआई की तरफ से पीयू प्रशासन को परीक्षा से संबंधित सुझाव भी दिए गए हैं।
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दूर से सफर कर विद्यार्थी आएंगे तो बढ़ जाएगा संक्रमण का खतरा
निखिल ने बताया कि कैंपस में विभिन्न राज्यों पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जेएंडके, नॉर्थ-ईस्ट आदि जगह के विद्यार्थी पढ़ते हैं। लॉकडाउन में विद्यार्थी अगर इतनी दूर सफर करके आते हैं तो उनमें संक्रमण की संभावना बढ़ जाएगी। वहीं पीयू ने अपने हॉस्टल भी चंडीगढ़ प्रशासन को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए दे रखे हैं।
जहां कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन किया जा रहा है। ऐसे में पीयू विद्यार्थियों को कैंपस में बुलाकर उनके रहने की व्यवस्था कहां करवाएगा। निखिल ने बताया कि उनकी पार्टी की तरफ से कहा गया है कि विद्यार्थियों को पिछले सेमेस्टर की ग्रेड के अनुसार प्रमोट किया जाए। अन्यथा पीयू बिना मूवमेंट के ओपन बुक या ऑनलाइन ऑब्जेक्टिव परीक्षा करवा ले।
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एसएफएस ने रखी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट करने की मांग
पीयू एसएफएस ने वीसी प्रो. राजकुमार को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट करने की मांग रखी। एसएफएस अध्यक्ष वरिंदर ने कहा कि पीयू को अपने ऑफलाइन परीक्षा के फैसले को वापस लेना चाहिए।
कैंपस हॉस्टल के अलावा बहुत सारे विद्यार्थी बाहर पीजी या फ्लैट लेकर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण उन्हें वहां से अपने घर शिफ्ट करना पड़ा। अब ऐसे हालातों में बाहर से आने पर उन्हें कोई किराए पर रहने के लिए कमरा भी नहीं देगा। वहीं हॉस्टल को पीयू ने क्वारंटीन सेंटर बनाया हुआ है।