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शोकः पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व डीयूआई प्रो. शंकरजी झा नहीं रहे, पैर फिसलने से गए थे बेहोश

Mon, 11 May 2020 02:12 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 11 May 2020 02:12 PM IST
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Former DUI Prof of punjab university Shankarji jha passed away
प्रो. शंकरजी झा - फोटो : फाइल फोटो
संस्कृत के प्रकांड विद्वान एवं पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व डीयूआई प्रो. शंकरजी झा का रविवार की देर रात करीब साढ़े नौ बजे हार्टअटैक से निधन हो गया। वे 59 साल के थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए। प्रो. शंकरजी झा 31 जुलाई को पीयू के संस्कृत विभाग से प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे। पीयू ने इस पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि उनकी पूर्ति नहीं की जा सकेगी।
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प्रो. शंकरजी झा पीयू कैंपस स्थिति अपने आवास के वॉशरूम में रात नौ बजे गए थे। बताते हैं कि कुछ देर बाद ही उनका अचानक पैर फिसल गया और उनके गिरने के तेज आवाज आई। परिवार के लोग वॉशरूम पहुंचे। आसपास के सुरक्षा कर्मियों को बुलाया गया और उन्हें पीजीआई ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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चिकित्सकों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ा था। उनके निधन की सूचना आग की तरह फैल गई। पीयू समेत शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जिसने भी सुना अचंभित रह गया। दिन व रात को कई लोगों से उनकी बात हुई थी। वे यकीन ही नहीं कर रहे थे कि ऐसा हो सकता है। प्रो. शंकरजी झा दो साल से पीयू के डीयूआई का पद संभाल रहे थे। वह 30 अप्रैल को ही इस पद से विदा हुए थे।
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पीयू के संस्कृत विभाग में प्रोफेसर के पद से उनकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई को होने थी। उन्होंने पीयू में संस्कृत विभाग को ही दिशा नहीं दी बल्कि पीयू को भी आगे ले जाने में मदद की। वह संस्कृत के ज्ञाता थे। उन्होंने कई किताबें भी लिखीं। वर्तमान में वे स्टूडेंट्स को ऑनलाइन पढ़ा रहे थे। कोर्स भी उन्होंने 30 अप्रैल तक पूरा कर दिया था। साथ ही छात्रों की समस्याओं का समाधान कर रहे थे।


उनके निधन पर पीयू वीसी प्रो. राजकुमार, रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह, डीयूआई प्रो. आरके सिंगला, परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह के अलावा सभी सीनेटरों, सिंडिकेटर्स व शिक्षकों व कर्मचारियों ने गहरा शोक जताया है।
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