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बड़ी पहलः बिजनेस आइडिया लाओ, ऑफिस में फ्री स्पेस पाओ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:06 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अपना बिनजेस करने के इच्छुक युवाओं के लिए प्रशासन ने नियमों में किया बड़ा बदलाव। अब ईडीसी में ऐसे मिलेगी जगह। दरअसल, उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन आइडिया वाले युवा उद्यमियों को काम करने केलिए प्रशासन कुछ महीनों के लिए ईडीसी में निशुल्क जगह उपलब्ध करवाएगा। जगह देने के छह महीने बाद उद्यमियों से रेंट लेना शुरू किया जाएगा। जो रेंट लिया जाएगा वह भी बहुत मामूली होगा।
यह फैसला सिटी ब्यूटीफुल को स्टार्टअप हब रूप में विकसित करने केउद्देश्य से लिया गया है। ईडीसी राजीव गांधी चंडीगढ़ टेकभनोलॉजी पार्क में स्थित है। अभी ईडीसी में बोली के आधार पर कंपनियों को जगह अलॉट की जाती है। फिलहाल बोली में उन्हीं को जगह मिलती है जिनके पास पहले से पैसा हो। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि जिसके पास बेहतर आइडिया हो, उसके पास बोली पर जगह छुड़वाने केलिए बजट भी हो।
इसी वजह से असली उद्यमी अपना काम ही नहीं शुरू कर पा रहे हैं। ईडीसी के नाकामयाब होने का सबसे बड़ा कारण भी यही रहा। जिस उद्देश्य से आईटी पार्क में इसे बनाया गया था, प्रशासन की लालच की वजह से ही कामयाब नहीं हो पाया। बोली से पैसा कमाने की ख्वाइश ने ही ईडीसी को डेवलप नहीं होने दिया।
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सात साल बाद प्रशासन को यह बात समझ आई। जिसकेबाद अब बोली नहीं आइडिया को तरजीह दी जाएगी। पहले से चल रही कंपनियों की टर्म पूरी होते ही नए उद्यमियों को मौका मिलेगा। कंपनियों को तीन साल के लिए ईडीसी में जगह मिलती है। फिलहाल इसमें दो कंपनियां ही काम कर रही हैं। एक की टर्म अभी कुछ दिन पहले ही पूरा हुआ है।
ईडीसी में 18 कंपनियों के लिए जगह
20 हजार स्क्वेयर फुट एरिया में बनी चार मंजिला ईडीसी बिल्डिंग के निर्माण में 18 करोड़ रुपये का खर्च आया था। 2009 में इस बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ था। इस बिल्डिंग में कंपनियों के लिए 19 बे (खंड) बने हैं। पूरी तरह से फर्निश्ड 11 बे स्टार्टअप के लिए आरक्षित हैं। बाकी 8 बे स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्रिन्योर (एसएमई) के लिए हैं।
एक्सपर्ट्स कमेटी चुनेगी आइडिया
अपना काम शुरू करने के लिए पहले युवा उद्यमियों को अपना आइडिया आईटी डिपार्टमेंट के पास भेजना होगा। इस आइडिया को परखने के लिए आईटी एक्सपर्ट्स की एक कमेटी बनाई जाएगी। अगर यह कमेटी आइडिया को पास कर देती है तो उद्यमी को ईडीसी में जगह अलॉट कर दी जाएगी।
एंटरप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को निशुल्क जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। बाद में बहुत कम रेंट लिया जाएगा। साथ ही अब जगह बोली पर नहीं बल्कि बेहतर आइडिया के आधार पर अलॉट की जाएगी। ईडीसी का उद्देश्य नई कंपनियों को जगह उपलब्ध करवाना है न कि ऐसी बड़ी फर्म को जो कम रेंट की जगह तलाश रही हों।
- डा. एसबी दीपक कुमार, स्पेशल सेक्रेटरी, आईटी, चंडीगढ़
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यह फैसला सिटी ब्यूटीफुल को स्टार्टअप हब रूप में विकसित करने केउद्देश्य से लिया गया है। ईडीसी राजीव गांधी चंडीगढ़ टेकभनोलॉजी पार्क में स्थित है। अभी ईडीसी में बोली के आधार पर कंपनियों को जगह अलॉट की जाती है। फिलहाल बोली में उन्हीं को जगह मिलती है जिनके पास पहले से पैसा हो। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि जिसके पास बेहतर आइडिया हो, उसके पास बोली पर जगह छुड़वाने केलिए बजट भी हो।
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इसी वजह से असली उद्यमी अपना काम ही नहीं शुरू कर पा रहे हैं। ईडीसी के नाकामयाब होने का सबसे बड़ा कारण भी यही रहा। जिस उद्देश्य से आईटी पार्क में इसे बनाया गया था, प्रशासन की लालच की वजह से ही कामयाब नहीं हो पाया। बोली से पैसा कमाने की ख्वाइश ने ही ईडीसी को डेवलप नहीं होने दिया।
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सात साल बाद प्रशासन को यह बात समझ आई। जिसकेबाद अब बोली नहीं आइडिया को तरजीह दी जाएगी। पहले से चल रही कंपनियों की टर्म पूरी होते ही नए उद्यमियों को मौका मिलेगा। कंपनियों को तीन साल के लिए ईडीसी में जगह मिलती है। फिलहाल इसमें दो कंपनियां ही काम कर रही हैं। एक की टर्म अभी कुछ दिन पहले ही पूरा हुआ है।
ईडीसी में 18 कंपनियों के लिए जगह
20 हजार स्क्वेयर फुट एरिया में बनी चार मंजिला ईडीसी बिल्डिंग के निर्माण में 18 करोड़ रुपये का खर्च आया था। 2009 में इस बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ था। इस बिल्डिंग में कंपनियों के लिए 19 बे (खंड) बने हैं। पूरी तरह से फर्निश्ड 11 बे स्टार्टअप के लिए आरक्षित हैं। बाकी 8 बे स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्रिन्योर (एसएमई) के लिए हैं।
एक्सपर्ट्स कमेटी चुनेगी आइडिया
अपना काम शुरू करने के लिए पहले युवा उद्यमियों को अपना आइडिया आईटी डिपार्टमेंट के पास भेजना होगा। इस आइडिया को परखने के लिए आईटी एक्सपर्ट्स की एक कमेटी बनाई जाएगी। अगर यह कमेटी आइडिया को पास कर देती है तो उद्यमी को ईडीसी में जगह अलॉट कर दी जाएगी।
एंटरप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को निशुल्क जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। बाद में बहुत कम रेंट लिया जाएगा। साथ ही अब जगह बोली पर नहीं बल्कि बेहतर आइडिया के आधार पर अलॉट की जाएगी। ईडीसी का उद्देश्य नई कंपनियों को जगह उपलब्ध करवाना है न कि ऐसी बड़ी फर्म को जो कम रेंट की जगह तलाश रही हों।
- डा. एसबी दीपक कुमार, स्पेशल सेक्रेटरी, आईटी, चंडीगढ़