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रजिस्ट्रार का पत्र पहुंचते ही चुनाव अधिकारी ने आज होने वाले पुटा चुनाव किए स्थगित, पूरी थी तैयारी

Fri, 25 Sep 2020 03:22 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 25 Sep 2020 03:22 PM IST
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Election Officer Postponed PUTA elections after receiving of registrar letter
प्रतीकात्मक तस्वीर
रजिस्ट्रार का पत्र पहुंचते ही चुनाव अधिकारी ने आखिरी समय पर पुटा चुनाव स्थगित कर दिए हैं। इससे शिक्षकों को झटका लगा, क्योंकि पहले चुनाव अधिकारी की ओर से सभी को लिखित रूप से आश्वासन दिया गया था कि चुनाव होंगे और सुरक्षित तरीके से होंगे। सभी बंदोबस्त किए गए हैं और गृह मंत्रालय की गाइड लाइन का भी पूरा पालन होगा। अचानक चुनाव स्थगित होने के कारण चुनाव लड़नेे वाले प्रत्याशियों के अलावा शिक्षक सख्ते में हैं। इसकी तैयारियां पूरी हो गईं थी।
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ये है चुनाव स्थगित होने की मुख्य वजह
चुनाव अधिकारी ने जारी पत्र में लिखा है कि पुटा के चुनाव 25 व 26 सितंबर को होने थे। इसकी तैयारियां की गई थीं। इसी बीच उनके पास पुटा के पूर्व सचिव के जरिए रजिस्ट्रार का पत्र मिला। उसमें पांच से छह शिक्षकों का पत्र जुड़ा हुआ था। इतिहास विभाग के शिक्षक डॉ. प्रियतोष शर्मा, डॉ. आशीष कुमार, यूआईएलएस से डॉ. अजय रंगा आदि के नाम से पत्र था। रजिस्ट्रार ने लिखा है कि पुटा चुनाव में उनका कोई दखल नहीं है। पुटा स्वतंत्र संगठन है, लेकिन कुछ शिक्षकों ने चुनाव के कारण अंदेशा जताया है।
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कोरोना का संक्रमण इसके कारण बढ़ सकता है। इसलिए इन शिक्षकों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास करें। यह भी लिखा था कि पुटा के चुनाव में गृह मंत्रालय व आपदा प्रबंधन की गाइड लाइन का पूरा पालन होना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों की जिज्ञासा को चुनाव अधिकारी की ओर से शांत करना चाहिए था। साथ ही उन्हें विश्वास में लेना चाहिए था कि चुनाव पूरी तरह सुरक्षित ढंग से होंगे, लेकिन ऐसा करने की बजाय सीधे चुनाव स्थगित का आदेश जारी कर दिया गया।
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कुछ शिक्षकों ने उठाए सवाल.. तैयारी पूरी तो करवाए जाने चाहिए थे चुनाव

कुछ शिक्षकों ने सवाल उठाया है कि जब तैयारियां पहले पूरी हो गई थीं तो चुनाव करवाए जाने चाहिए थे। सूत्रों का कहना है कि पुटा के पूर्व सचिव से लेकर कई लोगों ने अपने हाथ खड़े कर दिए थे। कोरोना का कोई शिक्षक शिकार हुआ तो उसके जिम्मेदार चुनाव अधिकारी होंगे, इसलिए भी चुनाव स्थगित किया जा सकता है। चुनाव स्थगित करने के कई अन्य कारण भी देखे जा रहे हैं।

शिक्षकों की जान की परवाह कर चुनाव स्थगित करना बड़ा कदम
पीयू के शिक्षक डॉ. प्रियतोष शर्मा ने कहा कि उनके पत्र के बाद चुनाव अधिकारी ने शिक्षकों की समस्या को समझा और चुनाव स्थगित किए, यह अच्छा कदम है। चुनाव हम भी चाहते हैं, लेकिन माहौल पूरी तरह शिक्षकों के अनुकूल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि कुछ लोगों ने उन पर आरोप लगाए हैं कि पुटा को वह आगे नहीं बढ़ते देखना चाहते, लेकिन कोरोना में शिक्षकों की जान बचाना सबसे अधिक जरूरी है। चुनाव तो बाद में भी हो जाएगा। चुनाव स्थगित करवाकर हम जश्न नहीं मना रहे हैं। देशभर में लोगों की कोरोना से जान जा रही है और यहां चुनाव को जरूरी समझा गया। हमने केवल एक शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखकर पत्र भेजा था।

सर्वसम्मति से चुने जाएं शिक्षक नेता : डॉ. गुरमीत सिंह
डॉ. गुरमीत सिंह ने कहा कि उन्हें तो शुरू से ही यही लग रहा था कि पुटा का चुनाव इस वर्ष सर्वसम्मति से हो जाए तो बेहतर है। पहले भी ऐसा कई बार हुआ है। इस वर्ष तो कोविड के कारण परिस्थितियां भी प्रचार और मतदान के अनुकूल नहीं हैं। अब भी वक्त है शिक्षक नेताओं को परिपक्वता दिखाते हुए आम राय से पुटा का गठन करना चाहिए। इससे एक अच्छा संदेश जाएगा। पुटा शिक्षकों के लिए एक जरूरी और सम्मानित इकाई है, इसमें किसी तरह की कड़वाहट के लिए स्थान नहीं होना चाहिए।
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