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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जागे स्कूल, कार्यक्रमों में नहीं बजेंगे अश्लील गाने, विभागीय निर्देश जारी

Wed, 24 Apr 2019 02:42 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 24 Apr 2019 02:42 PM IST
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Education Department Chandigarh Released Circular against Songs in School Programmes
सांकेतिक तस्वीर
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद यूटी शिक्षा विभाग की नींद खुल गई है। विभाग ने सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए है। इनके तहत स्कूल में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में अश्लील, शराब और हथियार कल्चर को प्रमोट करने वाले गाने नहीं बजने चाहिए। स्कूल शिक्षा निदेशालय की तरफ से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी भी जिला शिक्षा अधिकारी समेत सभी स्कूलों को भेजी गई है। चंडीगढ़ के सेक्टर-41 में रहने वाले कॉलेज के प्रोफेसर पंडित राव धरेनवर ने हाईकोर्ट में पीआईएल दायर कर शादियों व अन्य कार्यक्रमों में अश्लील गानों पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की थी।
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उन्होंने कहा था कि एक तरफ ये गाने नॉयस पॉल्यूशन को बढ़ावा दे रहे हैं, दूसरी तरफ अप्रिय घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। हाईकोर्ट ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट रीटा कोहली ने कहा कि यह अश्लील गानों का ही असर है कि स्कूल जाने वाले बच्चे भी सुखना लेक पर खिलौना पिस्टल के साथ फोटो खींचकर फेसबुक पर डाल रहे हैं। इससे भी शर्मनाक यह है कि हिंसक और अश्लील गाने यूनिवर्सिटी और कॉलेज की म्यूजिक कंसर्ट में गाए जा रहे हैं और इसके लिए यूनिवर्सिटी सिंगर को लाखों रुपए भी दे रही है। हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होनी है, जिसमें कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन की अध्यक्षता में गठित कमेटी से आदेशों को पूरी तरह से लागू करने के सुझाव मांगे हैं।
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गर्भवती डांसर को कार्यक्रम के दौरान लगी थी गोली
जनहित याचिका में बताया गया था कि ऐसे ही गानों के चलते शादियों में कई बार गोली चली है, जिसमें कुछ लोगों की मौत भी हुई है। याचिकाकर्ता ने मौड़ मंडी में एक गर्भवती को एक मैरिज पार्टी में लगी गोली की जानकारी दी थी। इसके साथ ही पंजाब में बीते दिनों ऐसे ही संगीत के कारण हुई और मौतों से जुड़े समाचार भी हाईकोर्ट को सौंपे गए थे।
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यह सिर्फ शुरुआत है। स्कूल, कॉलेज तो विद्या के मंदिर होते हैं, यहां अश्लील गानों की कोई जगह नहीं है। शिक्षा विभाग के इस फैसले का स्वागत करता हूं। इन आदेशों की पालना हो इसके लिए डीईओ, डीएसई से एक कमेटी बनाने की मांग करूंगा, जो स्कूलों की मॉनिटरिंग करे।
- पंडित राव धरेनवर, याचिकाकर्ता
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