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पंजाब यूनिवर्सिटीः डीन चुनाव में भी गोयल पक्ष का धमाकेदार प्रदर्शन, 11 में से 9 उन्हीं के नियुक्त
Tue, 17 Dec 2019 01:07 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 01:07 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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सिंडिकेट चुनाव के बाद डीन के चुनाव में भी गोयल ग्रुप ने धमाकेदार प्रदर्शन किया है। 11 में से 9 सीटें जीतकर इस ग्रुप ने जीत का परचम लहरा दिया है। सुभाष ग्रुप ने इस चुनाव में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई, फिर भी डिजाइन एंड फाइन आर्ट से एक सीट जीत ली। सिंडिकेट व डीन चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के चलते गोयल ग्रुप में खुशी की लहर है।
उन्होंने इन चुनावों में जीत दर्ज करके साबित कर दिया कि केंद्र में भले ही किसी की सरकार रहे, उससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन पीयू में उन्हीं के वोटों के जरिये सरकार बननी है। मालूम को कि डीन फार्मास्युटिकल का चुनाव विभाग वरिष्ठता के आधार पर करता है। इसलिए इस सीट को किसी ग्रुप में शामिल नहीं किया गया है। इसको मिलाकर डीन की 11 सीटें होती हैं।
सिंडिकेट के चुनाव से पहले ही गोयल ग्रुप ने घोषणा कर दी कि 11 सीटें उनके कब्जे में हैं। बाकी को भी लेने की कोशिश करेंगे। चुनाव परिणाम आए तो 11 सीटें उनके हिस्से में आईं। सुभाष शर्मा ग्रुप ने भी कमाल किया। वह इसलिए, सिंडिकेट की 15 सीटों पर गोयल ग्रुप का कब्जा था, उसमें से 4 सीटें निकाली। इन सीटों से गोयल ग्रुप के वोटरों में सेंध लगाने का काम किया। हालांकि डीएवी ग्रुप ने सुभाष शर्मा के साथ गठबंधन किया था।
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यदि मेडिकल में दोबारा वोट नहीं होते तो परिणाम चौंकाने वाले होते और गोयल ग्रुप को भी बड़ा झटका लगता, लेकिन उन्होंने बैटिंग व फिल्डिंग बेहतर की। सोमवार को डीन व सेक्रेटरी के चुनाव में भी गोयल ग्रुप ने बाजी मारी। कुछ पुराने डीन भी रिपीट हुए तो कुछ नए चेहरे सामने आए। गोयल ग्रुप ने आगे के चुनावों को ध्यान में रखते हुए कुछ चेहरों को इस चुनाव में जगह दी ताकि वोटों का संतुलन बना रहे।
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उन्होंने इन चुनावों में जीत दर्ज करके साबित कर दिया कि केंद्र में भले ही किसी की सरकार रहे, उससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन पीयू में उन्हीं के वोटों के जरिये सरकार बननी है। मालूम को कि डीन फार्मास्युटिकल का चुनाव विभाग वरिष्ठता के आधार पर करता है। इसलिए इस सीट को किसी ग्रुप में शामिल नहीं किया गया है। इसको मिलाकर डीन की 11 सीटें होती हैं।
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सिंडिकेट के चुनाव से पहले ही गोयल ग्रुप ने घोषणा कर दी कि 11 सीटें उनके कब्जे में हैं। बाकी को भी लेने की कोशिश करेंगे। चुनाव परिणाम आए तो 11 सीटें उनके हिस्से में आईं। सुभाष शर्मा ग्रुप ने भी कमाल किया। वह इसलिए, सिंडिकेट की 15 सीटों पर गोयल ग्रुप का कब्जा था, उसमें से 4 सीटें निकाली। इन सीटों से गोयल ग्रुप के वोटरों में सेंध लगाने का काम किया। हालांकि डीएवी ग्रुप ने सुभाष शर्मा के साथ गठबंधन किया था।
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यदि मेडिकल में दोबारा वोट नहीं होते तो परिणाम चौंकाने वाले होते और गोयल ग्रुप को भी बड़ा झटका लगता, लेकिन उन्होंने बैटिंग व फिल्डिंग बेहतर की। सोमवार को डीन व सेक्रेटरी के चुनाव में भी गोयल ग्रुप ने बाजी मारी। कुछ पुराने डीन भी रिपीट हुए तो कुछ नए चेहरे सामने आए। गोयल ग्रुप ने आगे के चुनावों को ध्यान में रखते हुए कुछ चेहरों को इस चुनाव में जगह दी ताकि वोटों का संतुलन बना रहे।