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पंजाब यूनिवर्सिटी से लोन लेकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को तोहफा, मिलेगी 50 हजार की सब्सिडी

Sat, 14 Dec 2019 04:00 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 14 Dec 2019 04:00 PM IST
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Punjab University will provide subsidy to students studying on loan basis
प्रतीकात्मक फोटो
पंजाब यूनिवर्सिटी की सिंडिकेट बैठक में पीयू से लोन लेकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बड़ा तोहफा मिला है। इन विद्यार्थियों की सब्सिडी 25 हजार से बढ़ाकर 50 कर दी गई है।
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इससे सैकड़ों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। वहीं पुटा उपाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार के स्थायीकरण के मामले को पेंडिंग रखा गया है, उन्हें सर्विस बुक के मुताबिक लाभ दिया जाएगा। बैठक में यूबीएस स्पोर्ट्स कोटे के एडमिशन की प्रक्रिया को भी अभी लंबित रखा गया है, इसमें सुधार करके अगली बैठकों में लाया जाएगा।
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सिंडिकेट के चुनाव रविवार को होंगे। ऐसे में वर्तमान सिंडिकेट की यह आखिरी बैठक थी, इसलिए शांतिपूर्ण हुई। सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी। मेरिट कम स्व वित्त पोषण पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को राहत दी गई। इसके अलावा मेडिकल साइंस के एमडी व एमएस उम्मीदवारों की थीसिस का मूल्यांकन भी हुआ।
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डिपार्टमेंट कम सेंटर फॉर वीमेन स्टडीज में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाने का प्रस्ताव भी पास किया गया। इस दौरान दैनिक वेतन कर्मचारियों को मूल वेतन प्लस डी प्लस ग्रेड वेतन का अनुदान मिलेगा। यूआईएएमएस विभाग को एमबीए कैपिटल मार्केट कोर्स संचालन को मंजूरी दे दी गई।

मान्यता प्राप्त कॉलेजों को शुल्क में छूट

पीयू से संबद्ध मान्यता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों को रिसर्च आदि के लिए नमूने जांच करवाने के लिए पीयू की सैफ लैब को अधिक शुल्क देना पड़ रहा था, इसी को कम करवाने के लिए सिंडिकेट मेंबर डॉ. केके शर्मा ने मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अन्य शिक्षकों को कम शुल्क देना पड़ता है लेकिन मान्यता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों से अधिक शुल्क लिया जाता है।

आखिर में सभी ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया। अब इन कॉलेजों के शिक्षकों के नमूने भी उसी शुल्क के साथ जांचे जाएंगे जो सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों से लिया जाएगा। इससे हजारों शिक्षकों को लाभ मिलेगा।

निलंबित शिक्षकों को बहाल करने की मांग
सिंडिकेट मेंबर डॉ. जगदीप गड़दीवाला ने एसडीपी कॉलेज लुधियाना के सस्पेंड शिक्षकों को बहाल करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने खालसा कॉलेज मानपुर की टीचर को बहाल करने के लिए जारी की गई चिट्ठी पर अमल करने को कहा। यह भी मांग की कि गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज लुधियाना में अस्पताल बनाने की बात सामने आई है, इसकी जांच कराई जाए।

सिंडिकेट के मेंबरों ने इन प्रस्तावों का समर्थन किया। शिक्षक संगठनों से जुड़े जिला सचिवों को भी साल में पांच अवकाश दिए जाने की सिफारिश की गई। इस पर भी सभी ने सहमति जताई।
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