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लॉकडाउनः सरकारी स्कूलों के लिए ऑनलाइन क्लास बनी चुनौती, बच्चे बोले- कहां से लाएं कंप्यूटर

Tue, 07 Apr 2020 02:11 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 07 Apr 2020 02:11 PM IST
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online education a challenge for government schools, coronavirus, lockdown
ऑनलाइन एग्जाम - फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ के लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों ने एक हफ्ते पहले विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं लेनी शुरू कर दी है। लेकिन सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा चुनौती बन गई है। बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मुहैया करवाया जाए, कैसे आसानी से उन्हें स्टडी मैटिरियल और लेक्चर उपलब्ध करवाया जाए, इसको लेकर शिक्षा विभाग लगातार बैठकें कर विचार-विमर्श करने में लगा है।
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एमएचआरडी के बाद शुक्रवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को ऑनलाइन शिक्षा देने के निर्देश दिए हैं। हर साल अप्रैल में बच्चों की कक्षाएं लगनी शुरू हो जाती हैं। लेकिन इस बार कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद है। ऐसे में बच्चों को घर पर ही ऑनलाइन तरीके से पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग रणनीति तैयार करने में लगा है जिससे बच्चों का समय व्यर्थ ना जाए।
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यूटी के शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि शहर के कुछ प्राइवेट स्कूलों ने अप्रैल की शुरुआत से ही बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा का प्लेटफॉर्म तैयार कर कक्षाएं लेनी शुरू कर दी है। सरकारी स्कूलों के लिए डिजीटल शिक्षा एक चुनौती है। यहां ज्यादातर बच्चे शहर की कॉलोनियों और गांवों से आते हैं। उनके पास कंप्यूटर, नेट आदि की सुविधा नहीं हैं। आलम यह है लॉकडाउन के बाद इनमें कई घरों में पहले ही समस्याएं चल रही है और उनके पास डिजिटल शिक्षा के रिर्सोसेज है या नहीं यह भी देखना पड़ेगा।
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ऐसे में हम हर पहलू को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग कर रहे हैं, जिसके तहत सभी बच्चों को एक प्लेटफॉर्म पर डिजीटली पढ़ाया जा सके। विभाग इसके लिए लगातार एससीईआरटी और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ बैठकें करने में लगा है। सरकारी स्कूलों में डिजीटल शिक्षा की शुरूआत में अभी चार से पांच दिन का समय लग सकता है। - बॉक्स - गूगल एप्पस और व्हाट्सएप्प के छात्रों को पढ़ा रहे देव समाज स्कूल-21 ने डिजिटल माध्यम से बच्चों की कक्षाएं लेनी शुरू की है।

छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए स्कूल की ओर से गूगल क्लास, गूगल शीट्स, गूगल डॉक्स, गूगल स्लाइड और व्हाट्सएप के माध्यम से पढ़ाई शुरू करा दी गई है। स्कूल प्रिंसिपल लवलीन बेदी ने कहा शिक्षकों की टीम ने ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तैयार की है। साथ ही एसाइनमेंट भी ऑनलाइन ही छात्रों को भेजे और उनसे मंगवाए जा रहे हैं। इनका मूल्यांकन इंटरनेट पर किया जा रहा है। इस तरह से हम छात्रों को हाथ के हाथ फीडबैक दे रहे हैं। शिक्षक भी इंटरनेट के जरिए ही छात्रों के संपर्क में हैं और इसी माध्यम से उनके प्रश्नों के उतर भी दे रहे हैं।


आईएसडीएसएसएसएस की चीफ कोऑर्डिनेटर सबीहा ढिल्लों मंगत ने कहा कि कोरोना समस्या समाप्त हो जाने के बाद जब नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी उस समय परीक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार कराने के लिए सैल्फ असेसमेंट टैस्ट ऑनलाइन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कई विषयों के पाठों के अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किये गये हैं।
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