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कोरोनाः पंजाब यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाने में आ रही दिक्कत, विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
Sat, 04 Apr 2020 03:13 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2020 03:13 PM IST
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चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके लिए पीयू ने ऑनलाइन पढ़ाने के लिए शिक्षकों से कहा है, लेकिन अधिकांश शिक्षकों के सामने पाठ्यक्रम तय करने से लेकर पढ़ाने तक में दिक्कतें आ रही हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू के कैलम व मूक कोर्स ने शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। एक सप्ताह चलने वाले इस प्रशिक्षण के तहत शिक्षक सिलेबस बनाने से लेकर कई कला जान जाएंगे। यह कोर्स चार अप्रैल से शुरू हो रहा है जो ऑनलाइन ही होगा। दिल्ली के विशेषज्ञ वहीं से बैठकर यह प्रशिक्षण देंगे। पीयू ने भी इस प्रशिक्षण के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। इस योजना पीयू के सैकड़ों शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
यूजीसी ने जारी किए ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश
लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चलेगा। तब तक पीयू की 25 दिन की छुट्टियां पूरी हो जाएंगी। यही समय स्टूडेंट्स को पढ़ाने का होता था। समय लगातार निकल रहा है। इसी बीच यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए कि स्टूडेंट्स को ऑन लाइन पढ़ाया जाए और अन्य तरीके भी निकाले जाएं।
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पीयू के कुछ विभागों के शिक्षकों ने इस चिट्ठी पर अमल किया और कोर्स शुरू कर दिए, लेकिन सैकड़ों की संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जिनके पास घरों पर पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। साथ ही उन्हें ऑनलाइन शिक्षा की अधिक जानकारी नहीं है। पाठ्यक्रम बनाने से लेकर कई बाधाएं भी उन्हें आ रही हैं।
इसी को देखते हुए पीयू के कैलम व मूक कोर्स मंच की ओर से प्रशिक्षण कराने का निर्णय लिया गया। यह प्रशिक्षण एक सप्ताह चलेगा। दिन में तीन सेशन होंगे। प्रशिक्षण पाने वाले सभी शिक्षक ऑनलाइन अपने घरों पर ही प्रशिक्षण पा सकेंगे। इसके लिए पीयू में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
लॉकडाउन बढ़ा तो यही प्रशिक्षण शिक्षकों के काम आएगा
लॉकडाउन 14 अप्रैल के बाद भी बढ़ा तो यही प्रशिक्षण शिक्षकों के काम आएगा, क्योंकि इसी के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ेगा। दूसरा कोई विकल्प उनके पास नहीं हैं। लाखों की संख्या में पीयू से विद्यार्थी जुड़े हैं। उन्हें ऑनलाइन पढ़ा दिया जाएगा तो जैसे ही लॉक डाउन होगा तो उनकी परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया लॉक डाउन के हटने के बाद ही फाइनल होगी।
कैलम व मूक की तरफ से यह एक सप्ताह का प्रशिक्षण 4 अप्रैल से ऑनलाइन शुरू होने जा रहा है। इससे शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाने के टिप्स आदि मिल सकेंगे। तैयारियां इसकी पूरी हो गई हैं।
- डॉ. विशाल शर्मा, समन्वयक, मूक कोर्स
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इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू के कैलम व मूक कोर्स ने शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। एक सप्ताह चलने वाले इस प्रशिक्षण के तहत शिक्षक सिलेबस बनाने से लेकर कई कला जान जाएंगे। यह कोर्स चार अप्रैल से शुरू हो रहा है जो ऑनलाइन ही होगा। दिल्ली के विशेषज्ञ वहीं से बैठकर यह प्रशिक्षण देंगे। पीयू ने भी इस प्रशिक्षण के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। इस योजना पीयू के सैकड़ों शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
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यूजीसी ने जारी किए ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश
लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चलेगा। तब तक पीयू की 25 दिन की छुट्टियां पूरी हो जाएंगी। यही समय स्टूडेंट्स को पढ़ाने का होता था। समय लगातार निकल रहा है। इसी बीच यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए कि स्टूडेंट्स को ऑन लाइन पढ़ाया जाए और अन्य तरीके भी निकाले जाएं।
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पीयू के कुछ विभागों के शिक्षकों ने इस चिट्ठी पर अमल किया और कोर्स शुरू कर दिए, लेकिन सैकड़ों की संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जिनके पास घरों पर पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। साथ ही उन्हें ऑनलाइन शिक्षा की अधिक जानकारी नहीं है। पाठ्यक्रम बनाने से लेकर कई बाधाएं भी उन्हें आ रही हैं।
इसी को देखते हुए पीयू के कैलम व मूक कोर्स मंच की ओर से प्रशिक्षण कराने का निर्णय लिया गया। यह प्रशिक्षण एक सप्ताह चलेगा। दिन में तीन सेशन होंगे। प्रशिक्षण पाने वाले सभी शिक्षक ऑनलाइन अपने घरों पर ही प्रशिक्षण पा सकेंगे। इसके लिए पीयू में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
लॉकडाउन बढ़ा तो यही प्रशिक्षण शिक्षकों के काम आएगा
लॉकडाउन 14 अप्रैल के बाद भी बढ़ा तो यही प्रशिक्षण शिक्षकों के काम आएगा, क्योंकि इसी के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ेगा। दूसरा कोई विकल्प उनके पास नहीं हैं। लाखों की संख्या में पीयू से विद्यार्थी जुड़े हैं। उन्हें ऑनलाइन पढ़ा दिया जाएगा तो जैसे ही लॉक डाउन होगा तो उनकी परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया लॉक डाउन के हटने के बाद ही फाइनल होगी।
कैलम व मूक की तरफ से यह एक सप्ताह का प्रशिक्षण 4 अप्रैल से ऑनलाइन शुरू होने जा रहा है। इससे शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाने के टिप्स आदि मिल सकेंगे। तैयारियां इसकी पूरी हो गई हैं।
- डॉ. विशाल शर्मा, समन्वयक, मूक कोर्स